• Latest
  • Trending
Old_Bridge_over_river_Chenab_at_Ramban

बाढ़ के आरोप ख़ारिज: भारत ने पाकिस्तान के अपने ही आंकड़े सामने रखे

July 25, 2026
नारियल उद्योग

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

October 14, 2026
कृषि भवन, नई दिल्ली में पराली प्रबंधन की समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव। फोटो : पीआईबी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

October 14, 2026
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
Wednesday, October 14, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बाढ़ के आरोप ख़ारिज: भारत ने पाकिस्तान के अपने ही आंकड़े सामने रखे

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 25, 2026
in the blitz
0
Old_Bridge_over_river_Chenab_at_Ramban

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों को दो टूक ख़ारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि उसने जानबूझकर पानी छोड़कर बाढ़ की स्थिति पैदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को इन दावों को निराधार और तकनीकी रूप से अटिकाऊ बताते हुए कहा कि चिनाब नदी में हाल का बढ़ा हुआ बहाव 20 से 23 जुलाई के बीच जम्मू और उससे लगे जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी मानसूनी बारिश का सीधा नतीजा है — यानी वही बारिश जिसने भारत के अपने उत्तरी पहाड़ों में बाढ़ और भूस्खलन की तबाही मचाई है।

भारत का जवाब सबसे मज़बूत ज़मीन पर टिका था — ख़ुद सामने वाले का रिकॉर्ड। भारत ने याद दिलाया कि लाहौर स्थित पाकिस्तान के अपने बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने भी चिनाब में भारी बहाव को ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश से जोड़ा था। बाढ़ से जुड़ी जानकारी रोक लेने के आरोप पर मंत्रालय ने कहा कि यह सुझाव तथ्यों पर आधारित नहीं है, और दोहराया कि भारत मानवीय आधार पर, कूटनीतिक माध्यमों से, ज़रूरत पड़ने पर उच्च-बाढ़ के आंकड़े पाकिस्तान से साझा करता रहेगा।

YOU MAY ALSO LIKE

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

हरियाणा में पराली की आग 53% घटी

वजह बारिश, इरादा नहीं: भारत ने चिनाब के बढ़े बहाव को 20–23 जुलाई के बीच जम्मू और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों की भारी मानसूनी बारिश से जोड़ा, और बताया कि पाकिस्तान का अपना बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग भी यही कारण बता चुका है।

सबसे असरदार जवाब अक्सर सबसे ऊंची आवाज़ वाला नहीं होता। यहां जवाब बना — बारिश का रिकॉर्ड, नदी के बहाव का आंकड़ा, और ख़ुद सामने वाले के विभाग का हवाला।

एक नज़र में

• भारत का रुख़: आरोप निराधार और तकनीकी रूप से अटिकाऊ
• बताई गई वजह: 20–23 जुलाई को जम्मू के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश
• पुष्टि: पाकिस्तान के लाहौर स्थित बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग का भी यही आकलन
• वचन: मानवीय आधार पर उच्च-बाढ़ के आंकड़े साझा करना जारी

यह पूरा मामला उस मानसून की पृष्ठभूमि में है जो सीमा के दोनों ओर भारी पड़ा है। जिस बारिश ने चिनाब को उफनाया, उसी ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर में जानें लीं और हज़ारों लोगों को विस्थापित किया; मौसम विभाग ने 20 जुलाई को उत्तराखंड और मेघालय के हिस्सों में बेहद भारी वर्षा दर्ज की। इस बेसिन की नदियां वही दिखाती हैं जो उनके ऊपर के पहाड़ों पर बरसता है — और जिस जलग्रहण क्षेत्र में असाधारण बारिश हो, वहां से असाधारण बहाव ही निकलेगा, चाहे नीचे या ऊपर बैठा कोई भी प्रशासन कुछ भी चाहता हो।

आगे का रचनात्मक रास्ता वही है जिसका संकेत भारत ने दिया है: राजनीतिक तापमान चाहे जो हो, मानवीय माध्यम खुला रखा जाए। बाढ़ की चेतावनियां दोनों किनारों पर जान बचाती हैं, और कूटनीतिक माध्यम से उच्च-बाढ़ के आंकड़े साझा करने का वादा इसीलिए निभाने लायक़ है कि मानसून सरहदें नहीं देखता। बड़ा सबक़ पूरे बेसिन के लिए है — जैसे-जैसे हिमालयी क्षेत्र में अतिवृष्टि की घटनाएं बढ़ रही हैं, असली निवेश साझा मौसम-समझ, बेहतर जलग्रहण पूर्वानुमान और बाढ़-रोधी ढांचे में है। जल-विज्ञान राजनीति का कमज़ोर औज़ार है, पर सहयोग का बेहतरीन आधार।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation