• Latest
  • Trending
सुनक से भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद

सुनक से भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद

November 4, 2022
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
Thursday, October 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सुनक से भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद

आशा की जानी चाहिए कि सुनक इस दिशा में तत्पर होंगे और ब्रिटेन तथा भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएंगे।

by ब्लिट्ज़ इंडिया
November 4, 2022
in ब्लिट्ज इंडिया मीडिया
0
सुनक से भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद

टिश सत्ता के शीर्ष पर एक भारतवंशी का काबिज होना निश्चित तौर पर भारत के लिए भी गर्व की बात है लेकिन यह पहला अवसर नहीं है जब किसी देश की कमान किसी भारतवंशी के हाथ में आई हो। इसके पहले भी अनेक ऐसे देश हैं जहां भारतवंशी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे अथवा वर्तमान में भी सर्वोच्च पद पर काबिज हैं। सुनक का ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनना इसलिए अहम है क्योंकि ब्रिटेन ने भारत पर 200 वर्ष तक राज किया और आज समय ऐसा बदला कि एक भारतवंशी ही ब्रिटेन का शासक और उसका भाग्यविधाता है।

यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने के बाद ऋषि सुनक कंजर्वेटिव पार्टी के चौथे नेता हैं जिनको देश की कमान मिली है। ‘ब्रेग्जिट’ ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को खासी चोट पहुंचाई है। रही-सही कसर पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस की आर्थिक नीतियों ने पूरी कर दी है जिसके कारण उनको अपना पद तक छोड़ना पड़ा। ऐसे में, स्वाभाविक ही सुनक की चुनौती महज ब्रिटेन की आर्थिकी को संभालना ही नहीं है बल्कि उनकी पहली प्राथमिकता ब्रिटेन की डूबती अर्थव्यवस्था को उबारना भी है। अभी आलम यह है कि ब्रिटेन का आयात बिल बढ़ रहा है और निर्यात से उसे पूर्व की तरफ फायदा भी नहीं मिल रहा। ब्रिटिश पाउंड भी तेजी से गिरा है। इसके अलावा ब्रिटेन का राजनीतिक माहौल भी बहुत स्थिर अथवा अनुकूल नहीं है।

YOU MAY ALSO LIKE

Bindeshwar Pathak

14 विपक्षी दलों की याचिका हुई खारिज

वस्तुत: वह जिस कंजर्वेटिव पार्टी के नेता बने हैं, उसकी फूट भी इन दिनों सतह पर है। इसी मनमुटाव का नतीजा है कि पिछले तीन वर्ष में टेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और अब ऋषि सुनक ‘टोरी पार्टी के मुखिया चुने गए हैं। चूंकि पार्टी के अंदर राजनीतिक रूप से एका नहीं है, इसलिए देश की सियासत में भी उथल-पुथल कायम है। यही वजह है कि सुनक ने जब प्रधानमंत्री पद के लिए अपना भाषण दिया तो उन्होंने एकता और स्थायित्व पर सर्वाधिक जोर दिया। राजनीतिक गलियारों में तो विश्लेषणकर्ता अभी से ही इस बात के लिए गुणा-भाग करने लगे हैं कि आखिरकार वह किस तरह से पार्टी के असंतोष को खत्म करते हुए सभी टोरियों में एकराय एवं एकजुटता कायम कर सकेंगे।

सुनक अन्य मोर्चों पर अगर आगे बढ़ना चाहते हैं तो उन्हें सर्वप्रथम इन दोनों चुनौतियों को पार करनाहेगा। उसके बाद ही की वह आगे की सोच पाएंगे। सुनक के सत्तासीन होने का खास असर भारत और ब्रिटेन के आपसी रिश्ते पर पड़ सकता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में बोरिस जॉनसन जब बीते मई माह में भारत आए थे, तब उन्होंने दिवाली तक दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने की उम्मीद जताई थी। इस दिशा में ठीक-ठाक प्रगति भी शुरू हुई लेकिन पिछले दिनों यह कवायद ठंडे बस्ते में जाती दिखी है। भारत इस समझौते का पक्षधर है और यह संधि ब्रिटेन के हित में भी है। लिहाजा, उम्मीद यही है कि ऋषि सुनक इस समझौते की राह की अड़चनों को जल्द दूर करेंगे।

दोनों देशों के बीच की वीजा नीति भी ऐसी ही एक अन्य बाधा है, जिस पर सुनक को खास ध्यान देना होगा। इसके दो पहलू हैं। पहला उन भारतीयों से जुड़ा है, जो ब्रिटेन आते-जाते रहते हैं और दूसरा, उन छात्रों से, जो ब्रिटेन पढ़ने के लिए जाते हैं। ब्रिटेन जाने वाले भारतीयों को आसानी से वीजा नहीं मिल पाता और कमोबेश ऐसी ही शिकायत भारतीय छात्रों की है, जो काफी तादाद में वहां जाते हैं। इन छात्रों से ब्रिटेन को अच्छी खासी रकम तो मिलती है, लेकिन भारतीय छात्रों की शिकायत है कि उनको पढ़ाई खत्म करने के बाद जो कार्य संबंधी वीजा दिया जाता है, उसकी मीयाद महज दो साल होती है। वे इसमें बढ़ोतरी चाहते हैं। लिहाजा, हमारी अपेक्षा भारतीयों के सुगम आवागमन के साथ-साथ भारत के छात्रों के लिए ब्रिटेन के वीजा नियम में उदारता की है। चूंकि ब्रिटेन को विशेषकर ‘ब्रेग्जिट’ के बाद मुक्त व्यापार समझौते की सख्त जरूरत है, इसलिए माना जा रहा है कि वह अपनी वीजा नीति को लेकर गंभीर होगा।

यह उम्मीद इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि बतौर भारतवंशी ऋषि सुनक ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों की इस समस्या से बखूबी वाकिफ होंगे। सुनक की जड़ें अविभाजित भारत से जुड़ी हैं। वे धर्मनिष्ठ हिंदू हैं। इस तरह औपनिवेशिक सत्ता के बरक्स एक भारतीय मूल के व्यक्ति का ब्रिटिश हुकूमत के शीर्ष पर पहुंचना समय के पलटने के रूप में भी देखा जा रहा है। अमेरिका में कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचीं तब भी ऐसा ही गर्व अनुभव किया गया था। सुनक से भारत की उम्मीदें सहज ही जुड़ी हुई हैं। मगर ब्रिटेन की सुनक से उम्मीदें दूसरी हैं। वहां के सांसदों ने उनमें एक ऐसे कुशल प्रशासक के गुण देखे हैं, जो एकता और स्थायित्व की दिशा में कारगर साबित हो सकता है। लिज ट्रस पैंतालीस दिनों में ही वहां की चरमरा चुकी अर्थव्यवस्था को संभालने से हार मान बैठीं।

दरअसल, इस वक्त ब्रिटेन अर्थव्यवस्था के मामले में अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। महंगाई वहां चरम पर पहुंच चुकी है और रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से ऊर्जा मामलों में उसे अपनी जरूरतें पूरी करना मुश्किल साबित हो रहा है। बिजली के दाम आम लोगों की क्षमता से बाहर निकल चुके हैं। राजनीतिक और सुरक्षा की बात करें, तो दोनों देशों के आपसी रिश्ते काफी अच्छे हैं। ब्रिटेन हिंद-प्रशांत को लेकर नई नीति बना रहा है। चूंकि हिंद-प्रशांत के क्षेत्र में भारत का खासा महत्व है और हम क्वाड (भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान का गुट) के भी सदस्य हैं, इसलिए उम्मीद है कि सुनक के कार्यकाल में भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय रिश्तों में काफी ज्यादा गरमाहट आएगी। सैन्य व सामरिक संबंधों के लिहाज से भी सुनक के प्रधानमंत्री बनने का भारत को फायदा मिल सकता है। आतंकवाद को रोकने की दिशा में दोनों देश संजीदा जरूर हैं, लेकिन ब्रिटेन में कई ऐसे गुट हैं, जो कट्टरपंथ और आतंकवाद को खाद-पानी देते रहते हैं। खालिस्तानी गुटों का भी वहां अच्छा-खासा असर है और कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की प्रभाव वाली जमात की भी वहां ठीक-ठाक संख्या है। इन पर रोक लगाने के लिए भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत सहयोग की दरकार है। आशा की जानी चाहिए कि सुनक इस दिशा में तत्पर होंगे और ब्रिटेन तथा भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएंगे।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation