ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ‘वर्ल्ड हेल्थ स्टेटिस्टिक्स 2026’ रिपोर्ट हैरान करने वाली है। दुनिया की 99 प्रतिशत आबादी अब भी सुरक्षित सीमा से अधिक प्रदूषित हवा में सांस ले रही है। 2021 में 66 लाख मौतें घरेलू व बाहरी वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं।
भारत जैसे देशों के लिए यह सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए वर्ष 2030 तक हर व्यक्ति को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं (यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज) उपलब्ध कराने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।













