• Latest
  • Trending
Use of children in pornographic materials is a serious matter

अश्लील सामग्रियों में बच्चों का इस्तेमाल गंभीर विषय

April 25, 2024
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Thursday, September 17, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अश्लील सामग्रियों में बच्चों का इस्तेमाल गंभीर विषय

- सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 25, 2024
in लीगल
0
Use of children in pornographic materials is a serious matter
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हो सकता है कि किसी बच्चे का अश्लील सामग्री देखना अपराध न हो, लेकिन अश्लील सामग्रियों में बच्चों का इस्तेमाल किया जाना “गंभीर” चिंता का विषय है और यह अपराध हो सकता है।

चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जे बी पारदीवाला की पीठ ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले गैर सरकारी संगठनों- ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस ऑफ फरीदाबाद और नई दिल्ली स्थित बचपन बचाओ आंदोलन- की अपील पर फैसला सुरक्षित रखते हुए ये टिप्पणियां कीं। ये संगठन बच्चों के कल्याण के लिए काम करते हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

दहेज केस में 60-90 दिन में चार्जशीट की हो कोशिश

हाई कोर्ट ने स्कूलों में हिजाब पर रोक लगाई

मद्रास हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि केवल बाल अश्लील सामग्री डाउनलोड करना और देखना बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून के तहत अपराध नहीं है।

हाई कोर्ट ने 11 जनवरी को 28-वर्षीय एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद भी कर दी थी, जिस पर अपने मोबाइल फोन पर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री डाउनलोड करने का आरोप लगाया गया था। दो संगठनों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एच एस फुल्का ने हाई कोर्ट के फैसले से असहमति जताई और पॉक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
पीठ ने कहा कि अगर किसी को इनबॉक्स में ऐसी सामग्री मिलती है तो संबंधित कानून के तहत जांच से बचने के लिए उसे हटा देना होगा या नष्ट कर देना होगा। उसने कहा कि अगर कोई बाल अश्लील सामग्री को नष्ट न करके सूचना प्रौद्योगिकी प्रावधानों का उल्लंघन करना जारी रखता है तो यह एक अपराध है। पीठ अश्लील सामग्री डाउनलोड करने के आरोपी की ओर से पेश वकील की दलीलों का जवाब दे रही थी। कथित क्लिप 14 जून, 2019 को उसके पास आई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
उच्च न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया था और आरोपी के वकील ने कहा कि सामग्री उसके व्हाट्सएप पर स्वचालित रूप से डाउनलोड हो गई थी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने बाल अधिकार निकाय राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को मामले में हस्तक्षेप करने और 22 अप्रैल तक अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने की अनुमति दी। सीजेआई ने कहा, ‘बहस पूरी हो गई और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को ‘भयावह’ करार दिया था जिसमें कहा गया है कि बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) को केवल डाउनलोड करना और उसे देखना पॉक्सो अधिनियम और आईटी कानून के तहत अपराध नहीं है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation