• Latest
  • Trending
समुद्र मंथन योजना

समुद्र के नीचे भारत ने अब तक बहुत कम खोजा है — 84,084 करोड़ रुपये की योजना इसी को बदलने की कोशिश है

August 1, 2026
farmer

छह हज़ार रुपये साल और पाँच साल की पक्की तारीख़ — पीएम-किसान का असली फ़ायदा रक़म में नहीं, भरोसे में है

August 1, 2026
कावेरी जल विवाद पर फिर गरमाई तमिलनाडु की राजनीति

आज़ादी के समय जितना पानी था, अब उसका एक तिहाई — बारिश नहीं, यही असली आँकड़ा है

August 1, 2026
खेलो इंडिया योजना

करीब आठ गुना पैसा: 36,441 करोड़ रुपये के खेलो इंडिया पैकेज से ज़मीन पर क्या बदलेगा

August 1, 2026
राष्ट्रमंडल खेल 2026

दिन की शुरुआत ही दो सोने से — भारतीय मुक्केबाज़ों ने रिकॉर्ड फ़ाइनल दिन को भुनाना शुरू किया

August 1, 2026
water-store

बारिश रोकने के लिए भारत ने 2.76 करोड़ ढाँचे बना लिए। अगला दशक उन्हें चलाने का है

August 1, 2026
UPI

रोज़ 76 करोड़ से ज़्यादा भुगतान: यूपीआई के जुलाई के रिकॉर्ड का असली मतलब

August 1, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

जुलाई ने सीज़न बचा लिया, अब मौसम विभाग कह रहा है — अगस्त और सितंबर में कम बारिश

August 1, 2026
highway (1)

तीन महीने में साल के घाटे का 18.2% — और उसका एक चौथाई हिस्सा बनाने-बनवाने में लगा

August 1, 2026
commonwealth-games-2026-india-23-medals-judo-gold

23 पदक, जूडो में पहला सोना और दस मुक्केबाज़ जिन्हें आज एक-एक करके जीतना है

August 1, 2026
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम

भारत अब अपनी हवा लगभग हर जगह नाप सकता है — अगला दशक इस पर काम करने का है कि मीटर क्या कह रहे हैं

July 31, 2026
Raj-Mandir

पाँच हफ़्ते, सोलह फ़िल्में: जुलाई ने परखा कि भारतीय पर्दे एक साथ कितना बोझ उठा सकते हैं

July 31, 2026
दूर होगा डेंगू का डर, पहली वैक्सीन को दवा नियामक से मिली मंजूरी

डेंगू के टीके को मंज़ूरी, और चुपचाप बदलता देश का प्रयोगशाला नेटवर्क

July 31, 2026
Saturday, August 1, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

समुद्र के नीचे भारत ने अब तक बहुत कम खोजा है — 84,084 करोड़ रुपये की योजना इसी को बदलने की कोशिश है

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 1, 2026
in the blitz
0
समुद्र मंथन योजना

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।भारत के आयात बिल में सबसे बड़ा हिस्सा तेल का है, और भारत का सबसे कम खोजा गया हिस्सा उसके चारों तरफ़ फैला समुद्र है। इस हफ़्ते मंज़ूर हुई योजना इन्हीं दो बातों को जोड़ने की कोशिश करती है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘समुद्र मंथन’ यानी राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंज़ूरी दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की इस केंद्रीय क्षेत्र योजना पर 2030–31 तक 84,084 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

योजना तीन कामों पर टिकी है। पहला है भूकंपीय सर्वेक्षण — यानी समुद्र के नीचे का नक़्शा बनाना, ताकि कुआँ खोदने से पहले पता चले कि खोदना कहाँ है। दूसरा है गहरे पानी में खुदाई, जो सबसे महँगा और सबसे मुश्किल हिस्सा है। और तीसरा है साझा ढाँचा — प्लेटफ़ॉर्म, पाइपलाइन और सप्लाई बेस, जो सबके काम आते हैं। यह तीसरा हिस्सा भारत की ऐसी योजनाओं में अक्सर छूट जाता है, जबकि यही तय करता है कि पहली कंपनी के बाद दूसरी और तीसरी कंपनी उसी इलाक़े में आएगी या नहीं। सरकार का अनुमान है कि इससे 600 मिलियन मीट्रिक टन तेल के बराबर से ज़्यादा भंडार जुड़ेगा, घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोज़गार बनेगा। यह योजना 2025 में लाल क़िले से कही गई “आधुनिक समुद्र मंथन” की बात को ज़मीन पर उतारती है।

YOU MAY ALSO LIKE

छह हज़ार रुपये साल और पाँच साल की पक्की तारीख़ — पीएम-किसान का असली फ़ायदा रक़म में नहीं, भरोसे में है

आज़ादी के समय जितना पानी था, अब उसका एक तिहाई — बारिश नहीं, यही असली आँकड़ा है

पैसा जाएगा कहाँ: सर्वेक्षण, गहरे पानी की खुदाई और साझा ढाँचा — तीसरा हिस्सा ही तय करता है कि पहली कंपनी के पीछे दूसरी आती है या नहीं।

कोई देश तेल इसलिए नहीं मँगाता कि उसके पास तेल नहीं है। वह इसलिए मँगाता है कि उसने अभी अपने ही इलाक़े में ठीक से ढूँढा नहीं है।

एक नज़र में

• योजना: समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना
• ख़र्च: 84,084 करोड़ रुपये, 2030–31 तक
• मंत्रालय: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
• तीन हिस्से: भूकंपीय सर्वेक्षण, गहरे पानी में खुदाई, साझा ढाँचा
• लक्ष्य: 600 मिलियन मीट्रिक टन तेल के बराबर से ज़्यादा भंडार जोड़ना
• मक़सद: घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता घटाना, रोज़गार
• गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता: 30 जून तक 297.36 गीगावाट, 2030 का लक्ष्य 500 गीगावाट

इतनी बड़ी सरकारी योजना की ज़रूरत क्यों है, यह समझने के लिए खोज का गणित देखना पड़ता है। गहरे पानी का एक कुआँ करोड़ों डॉलर का होता है और उसमें कुछ न मिलने की आशंका काफ़ी रहती है। यही वजह है कि निजी पूँजी वहीं जाती है जहाँ कोई और पहले खोज कर चुका हो। भारत के जो अपतटीय क्षेत्र अभी उत्पादन दे रहे हैं, वे पुराने और अच्छी तरह जाने-पहचाने हैं, लेकिन गहरे और अति-गहरे पानी का बड़ा हिस्सा या तो बहुत कम सर्वे हुआ है या बिल्कुल नहीं। सर्वे पर लगाया गया सरकारी पैसा हर उस कंपनी का हिसाब बदल देता है जो बाद में आती है — क्योंकि सरकार किसी खोजी कंपनी को जो सबसे क़ीमती चीज़ दे सकती है, वह रियायत नहीं, जानकारी है।

दो बातें ईमानदारी से साथ रखनी चाहिए, और दोनों में से कोई भी रुकने की वजह नहीं है। पहली है समय। समुद्र में खोज दस साल की घड़ी पर चलती है, इसलिए 2026 में मंज़ूर हुई योजना का असली हिसाब 2030 के दशक में मिलने वाले उत्पादन से होगा — और यह बात पहले से साफ़ कह देना भी अच्छी नीति का हिस्सा है। दूसरी यह कि तेल-गैस और हरित ऊर्जा को अलग-अलग कमरों में नहीं, एक साथ सोचना होगा। भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता की तरफ़ बढ़ रहा है और 30 जून तक यह 297.36 गीगावाट थी। इन दोनों को जोड़कर देखने का सबसे सही तरीक़ा यह है कि घरेलू गैस वह पुल है जो सौर-पवन से भरे ग्रिड को चलने लायक़ बनाती है, क्योंकि गैस से बनने वाली बिजली को शाम के वक़्त तुरंत चालू किया जा सकता है। अगर समुद्र मंथन में गैस वाले हिस्से को तेल जितनी ही गंभीरता से लिया गया, तो यह योजना आयात बिल से ज़्यादा भारत के ऊर्जा बदलाव के काम आएगी — और दोनों ही कामयाबी कहलाएँगे।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation