ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें अवैध अप्रवासियों और कुछ अस्थायी विदेशी आगंतुकों के बच्चों के लिए जन्मजात नागरिकता पर प्रतिबंध लगाया गया था। अदालत का यह फैसला राष्ट्रपति के लिए एक करारा झटका और ट्रम्प प्रशासन के लिए एक बड़ी हार है। दूसरी तरफ लाखों प्रवासी भारतीयों के लिए यह राहत भरी खबर है।
20 जनवरी, 2025 को, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन, उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अवैध अप्रवासियों और अस्थायी रूप से अमेरिका घूमने आए माता-पिता के बच्चों को स्वतः मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (जन्मसिद्ध नागरिकता) को समाप्त कर दिया गया। जन्मजात नागरिकता पर अंकुश लगाने के ट्रंप के प्रयास, जिसे वे ‘जन्म पर्यटन’ कहते हैं, उनके प्रशासन द्वारा वैध और अवैध दोनों प्रकार के आप्रवासन पर की जा रही व्यापक कार्रवाई का हिस्सा हैं।
राष्ट्रपति के हाल ही में खारिज किए गए कार्यकारी आदेश में कहा गया था कि अमेरिकी सरकार का कोई भी विभाग या एजेंसी अमेरिका में जन्मे किसी भी बच्चे को नागरिकता दस्तावेज जारी नहीं करेगी, यदि बच्चे की मां अवैध रूप से अमेरिका में रह रही थी और बच्चे का पिता जन्म के समय अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक नहीं था, या यदि मां की उपस्थिति वैध लेकिन अस्थायी थी और बच्चे का पिता जन्म के समय अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक नहीं था।
निर्देश में दूसरी परिस्थिति में ‘अस्थायी’ स्थिति को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया है जो वीजा छूट कार्यक्रम के तत्वावधान में यूएस का दौरा कर रहा है या ऐसा व्यक्ति जो छात्र, कार्य या पर्यटक वीज़ा पर आ रहा है।












