• Latest
  • Trending

लेजर लाइट से चलेगी सबमरीन

December 20, 2025
भारत की GDP वृद्धि 7.8%: खेती, वाहन, रेलवे और निवेश के आंकड़े

तिपहिया, ट्रेन और खेत: तिमाही का असली हिसाब

September 3, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन पर CAG रिपोर्ट: 10 साल के कामकाज में बड़ी कमियां

September 3, 2026
daily-news

आईसीएमआर की तीन जाँच तकनीकें उद्योग के लिए

September 3, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन पर सीएजी की रिपोर्ट

September 3, 2026
daily-news

भारत के विभिन्न राज्यों की महत्वपूर्ण खबरें

September 2, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन का दस साल का हिसाब

August 31, 2026
पराली से बायो-बाइंडर तकनीक

पराली जो अब सड़क बनेगी

August 31, 2026
भारत-उज़्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत-उज़्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

August 31, 2026
daily-news

भारत-उज़्बेकिस्तान सहयोग: शिक्षा, दवा, कृषि, योग और खेल में नई साझेदारी

August 31, 2026
प्रोजेक्ट इम्पोर्ट्स योजना CAG ऑडिट 2026

जिस फ़ाइल की कोई आख़िरी तारीख़ नहीं

August 31, 2026
भारत सरकारी योजनाएं और प्रमुख घटनाक्रम अगस्त 2026

भारत का अपना पॉपकॉर्न बीज

August 31, 2026
daily-news

भारत सरकारी योजनाएं और प्रमुख घटनाक्रम अगस्त 2026

August 31, 2026
Thursday, September 3, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

लेजर लाइट से चलेगी सबमरीन

भारत ने बनाई रिंग लेजर जिरोस्कोप तकनीक

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 20, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

तिपहिया, ट्रेन और खेत: तिमाही का असली हिसाब

हरित भारत मिशन पर CAG रिपोर्ट: 10 साल के कामकाज में बड़ी कमियां

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत ने पनडुब्बियों के लिए अत्याधुनिक रिंग लेजर जिरोस्कोप (आरएलजी) तकनीक के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सबमरीन कार्यक्रमों के लिए नेविगेशन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता की ओर यह एक महत्वपूर्ण छलांग मानी जा रही है। अब तक यह क्षेत्र उन्नत विदेशी सप्लायर्स के हाथों में रहा है। आरएलजी आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम विकसित करने के बाद भारत पानी के नीचे अत्यधिक सटीक नेविगेशन में स्वदेशी समाधान पर निर्भर हो सकेगा।
पनडुब्बियों में जीपीएस सिग्नल नहीं पहुंचता। इसलिए उन्हें सही लोकेशन और दिशा बनाए रखने के लिए इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम पर ही निर्भर रहना पड़ता है। दुनिया की आधुनिक सबमरीन आरएलजी-आधारित आईएनएस का इस्तेमाल करती हैं क्योंकि यह बिना किसी बाहरी संदर्भ के हफ्तों से लेकर महीनों तक बेहद सटीक नेविगेशन प्रदान करती है। भारत में यह तकनीक विकसित होने से रणनीतिक स्वायत्तता के साथ-साथ नेवी की मौजूदा और आने वाली पनडुब्बी फ्लीट की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
आरएलजी एक हाई-प्रिसीजन डिवाइस है जो किसी भी घूमने वाली गति को लेजर लाइट की मदद से मापती है। पुराने मैकेनिकल जाइरोस्कोप जहां घूमते हुए रोटर्स पर आधारित थे। वहीं आरएलजी पूरी तरह सॉलिड-स्टेट टेक्नोलॉजी है। इसमें कोई चलने वाला हिस्सा नहीं होता। इसमें एक बंद ऑप्टिकल पाथ के भीतर दो लेजर बीम उल्टी दिशाओं में घूमती हैं। जैसे ही पूरा सेटअप घूमता है, दोनों बीम में फ्रीक्वेंसी का अंतर पैदा होता है। इसी अंतर से घुमाव की गति मापी जाती है।
भारत जिन आरएलजी-आईएनएस पर काम कर रहा है, वे तीन ऑर्थोगोनल आरएलजी यूनिट और हाई-ग्रेड एक्सेलेरोमीटर के संयोजन से एक पूरी स्ट्रैप-डाउन नेविगेशन प्रणाली बनाते हैं। यह सिस्टम कई हफ्तों तक बिना जीपीएस या किसी बाहरी इनपुट के पनडुब्बी को मार्गदर्शन दे सकता है।
एसएसबीएनएस के लिए गेम-चेंजर
परमाणु मिसाइल पनडुब्बियां 70-90 दिनों तक पूरी तरह साइलेंट मोड में रहती हैं। यहां तक कि जीपीएस सिग्नल लेना भी उनकी लोकेशन उजागर कर सकता है। आरएलजी-आईएनएस उनके लिए जरूरी है क्योंकि इसमें नेविगेशन ड्रिफ्ट बेहद कम होता है। इसके मुकाबले फाइबर-ऑप्टिक जाइरो (एफओजी), जो स्कॉर्पीन-क्लास में लगा है, ज्यादा कंपन-संवेदनशील है। इतना सटीक नहीं माना जाता। आरएलजी शॉक-प्रूफ है। किसी वार्म-अप टाइम की जरूरत नहीं होती। टॉरपीडो ब्लास्ट होने पर भी प्रदर्शन प्रभावित नहीं होता।
एलिट क्लब में शामिल हुआ भारत
आरएलजी तकनीक को डिजाइन और इंडस्ट्री-ग्रेड आईएनएस में बदल पाने की क्षमता अभी केवल कुछ देशों के पास है। इनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन शामिल हैं। यह भारत की तकनीकी परिपक्वता को दर्शाता है। विदेशी सप्लायर पर निर्भरता या युद्धकाल में सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की आशंका समाप्त हो जाएगी। यह कदम भारत की पनडुब्बी क्षमता को नए आयाम देने वाला साबित होगा।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation