• Latest
  • Trending
India will no longer recruit Nepalis in the army

पुरानी पेंशन पर अर्धसैनिक बलों के 11 लाख जवानों-अफसरों को झटका

August 17, 2024
employment

हर साल 1 करोड़ 10 लाख युवा: सबसे बड़ा सवाल है नौकरी

July 15, 2026
भारत-नासा का NISAR सैटेलाइट 30 जुलाई को होगा लॉन्च

धरती पर रहेगी पैनी नज़र: भारत-नासा का बड़ा रडार सैटेलाइट NISAR 30 जुलाई को उड़ेगा

July 15, 2026
जून में भारत की ईवी बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

अब हर 8 में से 1 गाड़ी इलेक्ट्रिक, जून में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री

July 15, 2026
Market

हरे निशान में बंद हुआ बाज़ार, बैंक शेयरों ने संभाला; तेल की टेंशन बरकरार

July 15, 2026
भारत–ब्रिटेन CETA 15 जुलाई से लागू: निर्यातकों और पेशेवरों के लिए बड़ा अवसर

आज से बिना टैक्स ब्रिटेन जाएगा भारत का सामान, उधर निर्यात भी रिकॉर्ड पर

July 15, 2026
अक्षर पटेल के ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत ने एजबेस्टन में पहला वनडे छह विकेट से जीत लिया।

एजबेस्टन में भारत ने पहला वनडे छह विकेट से जीता

July 15, 2026
पूर्वानुमान से परे: जल सुरक्षा भारत की राष्ट्र-निर्माण परियोजना

पूर्वानुमान से परे: जल सुरक्षा भारत की राष्ट्र-निर्माण परियोजना

July 15, 2026
भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रतीक, LVM3 रॉकेट

अगले क़दम की मंज़ूरी: गगनयान ने तीन अहम परीक्षण पार किए

July 15, 2026
Market

सतर्क शुरुआत के आसार: बाज़ार की चाल अब भी कच्चे तेल के हाथ

July 15, 2026
भारत–ब्रिटेन CETA 15 जुलाई से लागू: निर्यातकों और पेशेवरों के लिए बड़ा अवसर

आज से शुल्क-मुक्त: भारत–ब्रिटेन व्यापार समझौता आज से लागू

July 15, 2026
जल सुरक्षा ही भारत के विकास की सबसे बड़ी बुनियाद

वर्षामापी से परे: जल सुरक्षा ही भारत की असली, चुपचाप कसौटी क्यों है

July 14, 2026
मानसून

हल्की जुलाई: मानसून की रफ़्तार धीमी, खेत-खलिहान की नज़र आसमान पर

July 14, 2026
Friday, July 17, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

पुरानी पेंशन पर अर्धसैनिक बलों के 11 लाख जवानों-अफसरों को झटका

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 17, 2024
in लीगल
0
India will no longer recruit Nepalis in the army

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के उन 11 लाख जवानों/अधिकारियों को झटका लगा है, जो ‘पुरानी पेंशन’ मिलने की आस लगाए बैठे थे। सर्वोच्च अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उस निर्देश पर अंतरिम रोक की पुष्टि की है, जिसमें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के अनुसार, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों/केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों पर भी लागू होने की बात कही गई थी।

भारत संघ को अनुमति
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए भारत संघ को अनुमति देते हुए यह आदेश पारित किया है। इसके तहत प्रतिवादियों/सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) कर्मियों की याचिकाओं का निपटान उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार किया गया था। सीएपीएफ में ओपीएस लागू कराने के लिए ये याचिकाएं पवन कुमार एवं अन्य के द्वारा दायर की गई थीं।

YOU MAY ALSO LIKE

‘पति को निजता का अधिकार लेकिन ये असीमित नहीं ’

स्वत: नागरिकता के मुद्दे पर ट्रंप का आदेश अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में खारिज

केंद्रीय अर्धसैनिक बल, ‘संघ के सशस्त्र बल’
बता दें कि पवन कुमार मामले में यह माना गया था कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल, ‘संघ के सशस्त्र बल’ हैं। ऐसे में पुरानी पेंशन योजना उन पर भी लागू होती है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हुई संक्षिप्त सुनवाई में, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी (संघ के लिए) ने बताया कि याचिकाकर्ता देश की रक्षा करने वाले बलों के साथ समानता की मांग कर रहे थे। उच्च न्यायालय ने भी माना है कि ओपीएस का लाभ (पवन कुमार मामले में) यह माना गया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘संघ के सशस्त्र बल’ हैं। पुरानी पेंशन योजना उन पर भी लागू होती है।

इस मामले में एक निश्चित तारीख दे दी जाए
दूसरी ओर, सीनियर एडवोकेट अंकुर छिब्बर ने प्रतिवादियों (सीएपीएफ कर्मियों) की ओर से अनुरोध किया कि इस मामले में एक निश्चित तारीख दे दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने उनके अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया गया कि मामला इतना जरूरी नहीं है। इसकी सुनवाई में कुछ समय लगेगा। वे छह से आठ सप्ताह बाद जल्दी सुनवाई के लिए एप्लिकेशन मूव कर सकते हैं।

हाईकोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया गया
बता दें कि सीएपीएफ के 11 लाख जवानों/अफसरों ने गत वर्ष ‘पुरानी पेंशन’ बहाली के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से अपने हक की लड़ाई जीती थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया। इस मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया। जब केंद्र सरकार ने स्टे लिया, तभी यह बात साफ हो गई थी कि सरकार सीएपीएफ को पुरानी पेंशन के दायरे में नहीं लाना चाहती। हैरानी की बात तो ये है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल 11 जनवरी को दिए अपने एक अहम फैसले में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ‘सीएपीएफ’ को ‘भारत संघ के सशस्त्र बल’ माना था।

– सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं
– हाईकोर्ट से जीती थी हक की लड़ाई, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया
– पवन कुमार एवं अन्य ने दायर की थी याचिका

सीएपीएफ को सिविलियन फोर्स बताती है
दूसरी तरफ केंद्र सरकार, सीएपीएफ को सिविलियन फोर्स बताती है। अदालत ने इन बलों में लागू ‘एनपीएस’ को स्ट्राइक डाउन करने की बात कही।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, चाहे कोई आज इन बलों में भर्ती हुआ हो, पहले कभी भर्ती हुआ हो या आने वाले समय में भर्ती होगा, सभी जवान और अधिकारी, पुरानी पेंशन स्कीम के दायरे में आएंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गत वर्ष इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था, याचिकाकर्ता ‘विशेष अनुमति याचिका’ (एसएलपी) में संशोधन भी कर सकते हैं। कोई नया दस्तावेज जोड़ सकते हैं।

सीएपीएफ पर भारतीय सेना के कानून लागू होते हैं
जानकारों का कहना है कि सीएपीएफ पर भारतीय सेना के कानून लागू होते हैं, फोर्स के नियंत्रण का आधार भी सशस्त्र बल है। इन बलों के लिए जो सर्विस रूल्स तैयार किए गए हैं, उनका आधार भी फौज है। इन सारी बातों के होते हुए भी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को ‘पुरानी पेंशन’ से वंचित किया गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय भी यह मान चुका है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीएपीएफ’, ‘भारत संघ के सशस्त्र बल’ हैं। केंद्र सरकार, कई मामलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सशस्त्र बल मानने को तैयार नहीं होती। सीएपीएफ में पुरानी पेंशन का मुद्दा भी इसी चक्कर में फंसा हुआ है। एक जनवरी 2004 के बाद केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्ती हुए सभी कर्मियों को पुरानी पेंशन के दायरे से बाहर कर उन्हें ‘एनपीएस’ में शामिल कर दिया गया। इसी तर्ज पर सीएपीएफ जवानों को सिविल कर्मचारी मानकर उन्हें भी एनपीएस दे दिया गया।

उस वक्त सरकार का मानना था
उस वक्त सरकार का मानना था कि देश में सेना, नेवी और वायु सेना ही ‘सशस्त्र बल’ हैं। बीएसएफ एक्ट 1968 में भी कहा गया है कि इस बल का गठन ‘भारत संघ के सशस्त्र बल’ के रूप में हुआ है। इसी तरह सीएपीएफ के बाकी बलों का गठन भी भारत संघ के सशस्त्र बलों के रूप में हुआ है। कोर्ट ने माना है कि ‘सीएपीएफ’ भी भारत के सशस्त्र बलों में शामिल हैं। इस लिहाज से उन पर ‘एनपीएस’ लागू नहीं होता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 6 अगस्त 2004 को जारी पत्र में घोषित किया गया है कि गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत केंद्रीय बल, ‘संघ के सशस्त्र बल’ हैं।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में फौजी महकमे वाले सभी कानून लागू होते हैं
सीएपीएफ के जवानों और अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में फौजी महकमे वाले सभी कानून लागू होते हैं। सरकार खुद मान चुकी है कि ये बल तो भारत संघ के सशस्त्र बल हैं। इन्हें अलाउंस भी सशस्त्र बलों की तर्ज पर मिलते हैं। इन बलों में कोर्ट मार्शल का भी प्रावधान है। इस मामले में सरकार दोहरा मापदंड अपना रही है। अगर इन्हें सिविलियन मानते हैं तो आर्मी की तर्ज पर बाकी प्रावधान क्यों हैं। फोर्स के नियंत्रण का आधार भी सशस्त्र बल है। जो सर्विस रूल्स हैं, वे भी सैन्य बलों की तर्ज पर बने हैं। अब इन्हें सिविलियन फोर्स मान रहे हैं तो ऐसे में ये बल अपनी सर्विस का निष्पादन कैसे करेंगे। इन बलों को शपथ दिलाई गई थी कि इन्हें जल, थल और वायु में जहां भी भेजा जाएगा, ये वहीं पर काम करेंगे। सिविल महकमे के कर्मी तो ऐसी शपथ नहीं लेते हैं।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation