• Latest
  • Trending

एमपी में अवैध कॉलोनी बनाई तो 1 करोड़ जुर्माना

February 2, 2026
Fire

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

July 4, 2026
pm-modi-addresses-ias-trainee-officers-citizen-devo-bhava-viksit-bharat-2047.webp

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

July 4, 2026
International-Yoga-Day-2026.webp

दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी है योग

July 4, 2026
rajasthan-pakistan-border-special-watch-zone-security-plan.webp

भारत-पाकिस्तान सरहद का नया ‘सुरक्षा ब्लूप्रिंट’तैयार

July 4, 2026
highway-750x375.webp

केएमपी एक्सप्रेसवे पर दौड़ेगा विकास

July 4, 2026
metro

नए कॉरिडोर से 40 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर

July 4, 2026
दिल्ली की बेटियों ने किया कमाल ः 8 साल की उम्र, 18 विश्व रिकॉर्ड

दिल्ली की बेटियों ने किया कमाल ः 8 साल की उम्र, 18 विश्व रिकॉर्ड

July 4, 2026
सरकारी राहत ने दी मुंबई में रीडेवलपमेंट को रफ्तार

सरकारी राहत ने दी मुंबई में रीडेवलपमेंट को रफ्तार

July 4, 2026
देश में पहली बार कपड़ा व्यापारियों के लिए भी थाना

देश में पहली बार कपड़ा व्यापारियों के लिए भी थाना

July 4, 2026
बटन दबाइए, पैदल यात्रियों के लिए रुक जाएंगी गाड़ियां…

बटन दबाइए, पैदल यात्रियों के लिए रुक जाएंगी गाड़ियां…

July 4, 2026
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की सुरंगों में पहली बार टनल हुड का प्रयोग

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की सुरंगों में पहली बार टनल हुड का प्रयोग

July 4, 2026
विकास के रोडमैप से और चमकेगा पूर्वोत्तर का चेहरा

विकास के रोडमैप से और चमकेगा पूर्वोत्तर का चेहरा

July 4, 2026
Sunday, July 5, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

एमपी में अवैध कॉलोनी बनाई तो 1 करोड़ जुर्माना

10 साल की जेल भी, कलेक्टर होंगे सीधे जिम्मेदार

by Blitzindiamedia
February 2, 2026
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

ब्लिट्ज ब्यूरो

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में कॉलोनी निर्माण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और अवैध कॉलोनियों के जाल को खत्म करने के लिए एक नया ‘एकीकृत अधिनियम’ लाने जा रही है। इस नए कानून के तहत अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी, और एक बार लाइसेंस लेने के बाद कॉलोनाइजर पूरे प्रदेश में कहीं भी प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगे।
इस प्रस्तावित अधिनियम का प्रारूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार कर लिया है, जिसे 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जाएगा। नए कानून में जवाबदेही तय करने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत किसी भी जिले में अवैध कॉलोनी विकसित होने पर सीधे तौर पर कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे।
जानें क्यों हुआ ये एक्शन
अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर शिकंजा कसते हुए अर्थदंड की राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये और सजा को बढ़ाकर 10 वर्ष करने का प्रावधान किया जा रहा है। सक्षम प्राधिकारी के रूप में कलेक्टर ही अंतिम निर्णय लेंगे, हालांकि वे अनुभाग स्तर पर एसडीएम को जिम्मेदारी सौंप सकेंगे।
प्रदेश में करीब 4000 अवैध कॉलोनी
वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर सरपंच से अनुमति लेकर कॉलोनियां बना ली जाती हैं, जो बाद में नगरीय निकाय की सीमा में आने पर अवैध घोषित हो जाती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए नगरीय विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास के नियमों को मिलाकर एक ही एक्ट बनाया जा रहा है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में करीब 4,000 कॉलोनियां अवैध श्रेणी में हैं। नई एकीकृत व्यवस्था से बुनियादी ढांचा, सीवरेज और पानी जैसी समस्याओं का समाधान पहले ही सुनिश्चित किया जाएगा।
ऑनलाइन रहेगी निगरानी
नए एक्ट में घर खरीदारों (बायर्स) के हितों की रक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रावधान के अनुसार, बुकिंग करने के बाद कोई भी बिल्डर प्रोजेक्ट को सालों तक लटकाकर नहीं रख सकेगा। साथ ही, निगरानी की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन किया जाएगा। एक राज्य स्तरीय समिति गठित की जाएगी जिसमें पंचायत और नगरीय विकास दोनों विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जो प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस की मॉनिटरिंग करेंगे।
45 दिनों में होगा मामले का निपटारा
अवैध निर्माण की शिकायतों को अब लोक सेवा गारंटी कानून के अंतर्गत लाने की तैयारी है। इसके तहत शिकायत मिलने के 45 दिनों के भीतर उसका निपटारा करना अनिवार्य होगा। शिकायत सही पाए जाने पर बिल्डर को नोटिस देकर 15 दिनों का समय दिया जाएगा। यदि समय-सीमा में सुधार नहीं होता, तो सरकार स्वयं कार्रवाई कर संबंधित भूमि को जब्त कर सकेगी।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

Plugin Install : Popular Post Widget need JNews - View Counter to be installed
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation