ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। फोर्ब्स एशिया की ’30 अंडर 30′ (2026) की 300 युवाओं की लिस्ट में 78 एंट्री के साथ भारत शीर्ष पर है। चीन 46 एंट्री के साथ दूसरे नंबर पर है। भारतीय युवाओं ने 10 मिनट में डिलीवरी, दिमाग शांत करने वाले हेडसेट और दो दिन में फोल्डिंग अस्पताल-घर जैसे इनोवेशन से धाक जमाई है। इनके अलावा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी, शतरंज प्लेयर दिव्या देशमुख, कंटेंट क्रिएटर कुशाग्र मल्होत्रा भी इस लिस्ट में हैं।
निकेत शाह, उज्ज्वल सुखेजा, सरन एस (बेंगलुरु): इनका ‘स्विश’ एप सिर्फ 10 मिनट में ताजा खाना पहुंचाता है। बेंगलुरु के बाद दिल्ली-एनसीआर में एंट्री की तैयारी है। क्लाउड किचन का मजबूत नेटवर्क है, ये किचन सिर्फ ऑनलाइन डिलीवरी के लिए काम करते हैं। (वैल्यूएशनः 1160 करोड़ रुपए)’
श्रीराम रविचंद्रन गोपीनाथ पांडुरंगन (चेन्नई): चेन्नई बाढ़ से सबक लेकर इस जोड़ी ने ‘माड्यूलस हाउसिंग’ की शुरुआत की। यह स्टार्टअप महज दो दिनों में तैयार होने वाले फोल्डिंग/मॉड्यूलर घर, अस्पताल व स्कूल बनाता है। अब तक 1200 से ज्यादा इमारतें बना चुके हैं। (रेवेन्यूः 300 करोड़ रुपए)
राम्या येल्लाप्रगडा-लक्ष्य साहनी (बेंगलुरु): इनके स्टार्टअप मार्वल हेल्थ ने हेडसेट ‘ईज’ बनाया है। यह हल्के विद्युत प्रवाह से मस्तिष्क को उत्तेजित कर चिंता, अवसाद व एडीएचडी में राहत देता है। थेरेपी देश के 75 से ज्यादा अस्पतालों में इस्तेमाल हो रही है। दिल्ली एम्स का भी अनुमोदन है। (वैल्यूएशनः 15 करोड़ रु.)
शिवा गणेश गडम-मधुलश बाबू क्रोव्विदी (आंध-तेलंगाना): जेनआई5 स्टार्टअप के जरिए शिवा कॉमिक्स की मदद से बच्चों को वित्तीय साक्षरता सिखाते हैं। जबकि मधुलश ने ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस बनाकर ग्रामीण इलाकों के 60 हजार से ज्यादा छात्रों को एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा से जोड़ा है।
राजेश्री देवतलू-बेस्टा प्रेम साई (बेंगलुरु): इनके स्टार्टअप ‘वेक्रोस’ ने एआई-संचालित ड्रोन ‘एथेरा’ बनाया है। यह बिना जीपीएस, रेडियो या मानवीय मदद के उड़ सकता है। यह स्वदेशी ड्रोन बिना टकराए ऑटोमैटिक लैंडिंग और औद्योगिक निगरानी व सुरक्षा करने में सक्षम है। (वैल्यूएशनः 25 करोड़ रु.)
भाविता मंडावा- मशहूर फैशन हाउस ‘शनैल’ की ब्रांड एंबेसडर बनीं। इसके अलावा मेट गाला में कदम रखने वाली और शनैल का कलेक्शन ओपन करने वाली पहली भारतीय मॉडल हैं। उम्र महज 25 साल है।
श्रुति चंद – इनका स्टार्टअप ‘नारिका’ महिलाओं के लिए रीयूजेबल इनरवियर बनाता है, जिनसे 3 साल में 200 पैड बचा सकते हैं। उत्पाद भारत, नेपाल व श्रीलंका की 50 हजार महिलाओं तक पहुंच चुके हैं।
अक्षय गुलाटी, सह-संस्थापक, स्लिक
फंडिंग- 123 करोड़ रुपए
दिव्थम जैन, तनिष्क जैन, सह-संस्थापक, होम एसेंशियल, फंडिंग- 10.2 मिलियन डॉलर
अनुराग दानी, रोहित पटेल, सह-संस्थापक, एरोलिप फिटनेस, फंडिंग- 10.43 करोड़ रुपए
शोभिक घोष, फाल्गुनी श्रीवास्तव झिलिका तृष्ल, सह-संस्थापक, कॉगनिटी, वैल्युएशन 20.86 करोड़ रुपए
आर्वा दिवासे, सह-संस्थापक, बिल्डअप ग्लोबल
नोरिन आयशा, सह-संस्थापक, फेमीसेफ, वैल्युएशन 18 करोड़ रुपए
सौर्य लाला, सह-संस्थापक, थर्ड चेयर, रेवेन्यू – 7.30 करोड़ रुपए
शैलेंद्र धाकड़, रुपिका तनेजा
सह-संस्थापक, कोडयंग, फंडिंग-35.75 करोड़ रुपए
आदित्य आसवाल, वर्मग्य शर्मा, सह-संस्थापक- फ्रिक्स एआई, नेटवर्थ-144 करोड़ रुपए
मेहुल कुमार, राजा प्रताप सिंह, सह-संस्थापक, फंडिंग- 9.48 करोड़ रुपए
अमन कुमार, धवल जैन, जय शर्मा, सह-संस्थापक-मेव हेल्थ, फंडिंग- 27.04 करोड़ रुपए
पार्य बजाज, कंटेंट क्रिएटर
काजल भेदा, संस्थापक, स्िक्रब्बल्ड
शिवम बुधिराजा, सह-संस्थापक, टीम कार डिलाइट
अंकिता चक्रवर्ती, ऋषि राज घोष, सह-संस्थापक, कैलकटा, कैकोफोनी
दिव्या देशमुख, चेस ग्रैंडमास्टर
नेटवर्थ-1.5 करोड़ रुपए
आयुष शुक्ला, संस्थापक-फिननेट मीडिया, रेवेन्यू- 1.83 करोड़ रुपए
मर्वक अगावाल, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, इनक्यूबेट, फंड एशिया, कुल फंड- 949 करोड़ रुपए
अभिषेक चक्रवर्ती, निवेशक, आदित्य बिड़ला वेंचर्स
शिवम मारूका, संस्थापक, फिनवेस्ट
वैल्युएशन 153.74 करोड़ रुपए
अनिकेत, रक्षित बंसल, सह-संस्थापक- एक्सपे, फंडिंग-4.74 करोड़ रुपए।













