ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां आयोजित डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 (फेज-2) में सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को विशिष्ट सैन्य सम्मान प्रदान किए।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल, सेना प्रमुख-नामित लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्तम युद्ध सेवा मेडल और मेजर जनरल मनदीप सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया। (लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून को सेना प्रमुख का पद संभाल चुके हैं।)
व्हाइट टाइगर आर्मर्ड डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल मनदीप सिंह को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र मिला।

पहले चरण में 51 वीरता पुरस्कार दिए गए थे
इससे पहले 8 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 के पहले चरण में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के जवानों और अधिकारियों को कुल 51 वीरता पुरस्कार दिए थे।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक दूसरे चरण में सात कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र शामिल थे। इनमें दो कीर्ति चक्र, तीन वीर चक्र और एक शौर्य चक्र मरणोपरांत प्रदान किए गए। ये सम्मान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले जवानों को दिए गए।
राष्ट्रपति ने रेजिमेंट ऑफ़ आर्टिलरी के लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया।
आर्मी मेडिकल कोर के लेफ्टिनेंट जनरल चिय्यरथ गोपालन मुरलीधरन को अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
इन्फैंट्री के लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क, एसएम ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से नवाजे गए।
‘ब्रिगेड ऑफ़ द गार्ड्स’ के लेफ्टिनेंट जनरल आदित्य विक्रम सिंह राठी (एसएम, वीएसएम) ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किए गए।
कोर ऑफ़ इंजीनियर्स के लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, वीएसएम को ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से नवाजा गया।
मरणोपरांत भी दिए गए सम्मान
राष्ट्रपति ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को मरणोपरांत भी सम्मानित किया। इनमें महार रेजिमेंट के सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और आर्मी सर्विस कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) दिया गया।
जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के दो कर्मियों को वीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। वहीं, 4 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस दफादार बलदेव चंद को शौर्य चक्र (मरणोपरांत) प्रदान किया गया।












