ब्लिट्ज़ इंडिया ब्यूरो
नई दिल्ली वार्ताकारों के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौता अब पहुँच के भीतर है, और दोनों पक्ष इसे 24 जुलाई की शुल्क समय-सीमा से पहले “बहुत, बहुत करीब” बता रहे हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के मुख्य तत्वों — बाज़ार पहुँच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति-शृंखला और गैर-शुल्क बाधाओं — की समीक्षा की है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 500 अरब डॉलर का “मिशन 500” है।
भारत मज़बूती से बातचीत कर रहा है — उसका आग्रह है कि कोई भी समझौता प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर शर्तें दे, केवल शुल्क में राहत नहीं।
एक नज़र में
- स्थिति: “बहुत करीब”; अंतिम तकनीकी मुद्दे
- समय-सीमा: 24 जुलाई (अस्थायी अमेरिकी शुल्क की समाप्ति)
- भारत की माँग: प्रतिस्पर्धियों से बेहतर पहुँच
- लक्ष्य: “मिशन 500” — 2030 तक 500 अरब डॉलर
नई दिल्ली ने स्पष्ट रुख अपनाया है: मंत्री गोयल के शब्दों में, जब तक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त सुनिश्चित करने वाला ढाँचा तय नहीं होता, भारत समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।
एक संतुलित अंतरिम समझौता इस अस्थिर वैश्विक दौर में व्यापारिक संबंधों को स्थिरता देगा और आगे के बड़े समझौते की नींव रखेगा।














