• Latest
  • Trending
भारत तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट

आसमान में भारत का दम: जहाज तो हैं, पर उड़ाने वाले कहां?

July 27, 2026
'लाडकी बहन' योजना में पुरुष भी बने थे लाभार्थी

‘लाडकी बहन’ योजना में पुरुष भी बने थे लाभार्थी

July 27, 2026
देश की सबसे लंबी 11.95 किमी जल सुरंग तैयार, 1450 गांवों को मिलेगा फायदा

देश की सबसे लंबी जल सुरंग बनकर तैयार

July 27, 2026
डेटा सेंटर नीति से गुजरात की डिजिटल अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

डेटा सेंटर नीति से गुजरात की डिजिटल अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

July 27, 2026
अहमदाबाद में नीचे रेल और ऊपर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

अहमदाबाद में नीचे रेल और ऊपर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

July 27, 2026
सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला अहम मार्ग है। सुरक्षा और सैन्य आपूर्ति मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

देश के लिए बहुत अहम है ‘चिकन नेक’, सुरक्षा के असाधारण प्रबंध

July 27, 2026
बंगाल सरकार का एलानः अस्पतालों में मरीजों को मिलेगा बेहतर भोजन

बंगाल सरकार का एलानः अस्पतालों में मरीजों को मिलेगा बेहतर भोजन

July 27, 2026
46 बंदूकें नहीं, 46 जिंदगियां लौटीं मुख्यधारा में

46 बंदूकें नहीं, 46 जिंदगियां लौटीं मुख्यधारा में

July 27, 2026
दक्षिण व द.पूर्व एिशया के बीच रणनीतिक सेतु है पूर्वोत्तर भारत

दक्षिण व द.पूर्व एिशया के बीच रणनीतिक सेतु है पूर्वोत्तर भारत

July 27, 2026
792 करोड़ के घोटाले में आरोपी का जब्त विमान ईडी ने ₹3 करोड़ में बेचा

792 करोड़ के घोटाले में आरोपी का जब्त विमान ईडी ने ₹3 करोड़ में बेचा

July 27, 2026
रेल मंत्री ने चालक विहीन वाहन का किया निरीक्षण

रेल मंत्री ने चालक विहीन वाहन का किया निरीक्षण

July 27, 2026
पिता के लिए बेटे ने खजूर के पेड़ पर बना दीं सीढ़ियां

पिता के लिए बेटे ने खजूर के पेड़ पर बना दीं सीढ़ियां

July 27, 2026
तिरुपति में एक दिन में ₹97 करोड़ का दान

तिरुपति में एक दिन में ₹97 करोड़ का दान

July 27, 2026
Monday, July 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

आसमान में भारत का दम: जहाज तो हैं, पर उड़ाने वाले कहां?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बनने की राह पर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 27, 2026
in the blitz
0
भारत तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बनने की राह पर है। उसकी एयरलाइनों के ऑर्डर अब टुलूस और सिएटल की फैक्टि्रयों को चला रहे हैं पर अड़चन अब जहाज नहीं, उन्हें उड़ाने और ठीक करने वाले लोगों को लेकर है।

दुनिया के एविएशन का केंद्र पूरब की ओर खिसक रहा है, और भारत उसकी धुरी पर है। एयरबस और बोइंग जब अपनी फैक्टि्रयां संभाल रहे हैं, तब भारतीय एयरलाइनों के ऑर्डर, बड़े, महत्वाकांक्षी और कभी-कभी सतर्क, दुनिया की प्रोडक्शन की रफ्तार तय कर रहे हैं। भारत अब सिर्फ खरीदार नहीं, बल्कि वह बाजार बन गया है जिसे देखकर पूरी इंडस्ट्री अपना भविष्य तय करती है।

YOU MAY ALSO LIKE

‘एक पेड़ मां के नाम’ मिशन बना मिसाल, एक दिन में लगाए 35 करोड़ पौधे

हरियाणा में चलाया स्वच्छता अभियान

आंकड़े बताते हैं कि अगले दशक में 25,000 से 30,000 पायलट चाहिए। पर डीजीसीए ने 2020 से 2024 के बीच सिर्फ करीब 5,700 कमर्शियल पायलट लाइसेंस दिए।

उछाल और समझदारी

भरोसे का सबसे बड़ा सबूत आकासा एयर से आया। इस युवा लो-कॉस्ट एयरलाइन ने 226 बोइंग 737 मैक्स जहाजों का पक्क ा ऑर्डर दिया है, तथा 187 और छह साल में आने वाले हैं। इसके उलट टर्नअराउंड के बीच और अपनी माली हालत सुधारने पर टिकी टाटा की एंकर इंडिया एयरलाइन ने 600 जहाज़ों का बड़ा ऑर्डर टाल दिया। यह याद दिलाता है कि एविएशन में समझदारी और बहीखाते की सेहत भी उतनी ही जरूरी है। इन दोनों के बीच, भारतीय एयरलाइनें अकेले 2026 में करीब 55 जहाज बेड़े में जोड़ेंगी।

असली दिक्क त लोग

अड़चन अब मशीन नहीं, इसे चलाने वालों को लेकर है। संसद में दिए आंकड़े बताते हैं कि अगले दशक में 25,000 से 30,000 पायलट चाहिए। पर डीजीसीए ने 2020 से 2024 के बीच सिर्फ करीब 5,700 कमर्शियल पायलट लाइसेंस दिए। ऊपर से अनुभवी कप्तान बेहतर सैलरी के लिए विदेशी एयरलाइनों में जा रहे हैं। इतने बड़े बेड़े को सिर्फ पायलट ही नहीं, इंजीनियर, केबिन क्रू और मरम्मत का पूरा उद्योग चाहिए। एविएशन मंत्री खुद पायलट की कमी को बड़ी प्राथमिकता बता चुके हैं।

भारत तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट

पूरा इकोसिस्टम बनाना होगा

कॉकपिट से बाहर भी बड़ा मौका है। भारत का एमआरओ (मरम्मत और ओवरहॉल) बाजार अभी करीब 90 करोड़ डॉलर का है, जो बढ़कर 4.3 अरब डॉलर तक पहुंचने वाला है, सालाना 14-15 फीसदी की रफ्तार से। सरकार जमीन के पट्टे बढ़ा रही है और नोएडा जैसे एमआरओ हब में निवेश ला रही है। उड़ान स्कीम पहले ही 625 रूट और 85 एयरपोर्ट चालू कर चुकी है। भीड़ घटाने के लिए 2030 तक छह ‘ट्विन-सिटी’ एयरपोर्ट की योजना है।

चुनौतियां भी हैं

जहाजों की डिलीवरी में देरी, इंजन की किल्लत, कड़ी प्रतिस्पर्धा में पतला मुनाफा और एअर इंडिया का ऑर्डर टालना। पर दिशा साफ है। बेंगलुरु के रनवे से लेकर यूरोप-अमेरिका की फैक्टि्रयों तक संदेश यही है, उड़ान का भविष्य अब भारत से होकर गुजरता है। बशर्ते देश उतनी तेजी से लोगों को ट्रेनिंग दे सके, जितनी उसकी महत्वाकांक्षा है।

भारत तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट

भारत और आपके लिए क्या मायने?

बढ़ता एविएशन उड़ान को सस्ता बनाता है और छोटे शहरों को देश-दुनिया से जोड़ता है। बेड़े का विस्तार हज़ारों अच्छी नौकरियों— पायलट, इंजीनियर, केबिन क्रू, तकनीशियन का वादा करता है, बशर्ते ट्रेनिंग साथ चले। इससे एयरपोर्ट और एमआरओ हब भी बनेंगे, जो हुनर और पैसा देश में रखते हैं। यात्रियों के लिए इसका मतलब है ज़्यादा रूट और बेहतर कनेक्टिविटी; इकॉनमी के लिए टूरिज्म, व्यापार और तरक्क ी। पायलट की कमी याद दिलाती है , सिर्फ एयरपोर्ट ही काफी नहीं, लोगों में निवेश भी जरूरी है।

उड़ान भरता भारत

आकासा एअर: 226 बोइंग 737 का पक्क ा ऑर्डर (187 और कतार में)
एंकर इंडिया ने 600-विमान का ऑर्डर टाला
2026 में 55 जहाज भारतीय बेड़ों में; भारत तीसरे सबसे बड़े मार्केट की ओर

पायलट: दशक में 25,000-30,000 चाहिए
5,700 लाइसेंस (2020-24)
एमआरओ बाजार $90 करोड़ से ~$4.3 अरब की ओर।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation