• Latest
  • Trending
विदेशी धरती पर भारत की खरी-खरी

विदेशी धरती पर भारत की खरी-खरी

October 6, 2023
EPF स्कीम 2026 नए नियम

22 सितंबर 2026 की प्रमुख खबरें: पीएफ सीमा, न्यूजीलैंड FTA, फिल्म पुरस्कार और CAG रिपोर्ट

September 22, 2026
daily-news

भारत की प्रमुख खबरें 22 सितंबर 2026: बुजुर्ग योजना, कोर सेक्टर, हाईवे और रक्षा

September 22, 2026
daily-news

भारत की प्रमुख खबरें 21 सितंबर 2026: तेजस उड़ान, ग्वालियर टेलीकॉम जोन, खेल और फिल्म पुरस्कार

September 21, 2026
ब्रिक्स ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की

ब्रिक्स 2026: भारत की कूटनीतिक विजय

September 21, 2026
केदारनाथ यात्रा 2026

केदारनाथ पर बढ़ता प्राकृतिक जोखिम

September 21, 2026
पीएम मोदी का ‘दिमागी नक्सल’ बयान: विपक्ष की प्रतिक्रिया और वैचारिक बहस

सेवा के 25 वर्ष सुशासन का संकल्प और राष्ट्र निर्माण की सतत यात्रा।

September 21, 2026
modi

पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’

September 21, 2026
yogI

विश्वकर्मा योजना में जुड़े 14 नए ट्रेड, 10 लाख तक का मिलेगा लोन

September 21, 2026
10 हजार स्टार्टअप की कैपिटल बनेगी दिल्ली, 4 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

10 हजार स्टार्टअप की कैपिटल बनेगी दिल्ली, 4 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

September 21, 2026
लखनऊ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण

देश का सबसे साफ हवा वाला शहर बना लखनऊ

September 21, 2026
मुंबई से खत्म होगा झुग्गियों का नामो निशान: सीएम

मुंबई से खत्म होगा झुग्गियों का नामो निशान: सीएम

September 21, 2026
सूरत में ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का आयोजन

सूरत में ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का आयोजन

September 21, 2026
Tuesday, September 22, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

विदेशी धरती पर भारत की खरी-खरी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 6, 2023
in दृष्टिकोण
0
विदेशी धरती पर भारत की खरी-खरी

deepakएक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य में आस्था एवं विश्वास रखने वाले भारत जैसे देश के प्रति अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर आज कनाडा व कुछ अन्य देशों में जिस तरह चंद मुट्ठी भर खालिस्तानी आतंकवाद समर्थकों को उन देशों की सरकारों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सद्भाव और संबंधों में तीक्ष्ण खटास आने की आशंका और बलवती हो गई है। आज जब दुनिया बड़ी-बड़ी वैश्विक चुनौतियों, जैसे जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद एवं खाद्य संकट आदि से जूझ रही है, ऐसे में इनसे निपटने और आर्थिक प्रगति के लिए सारे देशों को साथ आने की सर्वाधिक जरूरत है। इन चुनौतियों से अकेले नहीं निपटा जा सकता और पूरी दुनिया को इनके खिलाफ एकजुट होना पड़ेगा।

इसी ‘वसुधैव कुटुंबकम ्’ की सोच के साथ भारत ने जी20 सम्मेलन की अध्यक्षता की और हमारी थीम भी ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ थी जिसका सारी दुनिया ने भारत में शिखर बैठक के दौरान अहसास भी किया। अब दुनिया पहले से अधिक लोकतांत्रिक हो गई है और यह जरूरी है कि हम एक दूसरे की संप्रभुता और भावनाओं का सम्मान करें। आज वैश्वीकरण और तकनीक की मदद से हम एक दूसरे को अधिक बेहतर तरीके से जान पा रहे हैं। आज कोई भी इंसान, कोई भी विचार या संस्कृति हमसे बहुत दूर नहीं है लेकिन इसे ज्यादा सद्भावपूर्ण और सहयोगात्मक होने की जरूरत है।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत का बढ़ा रुतबा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

जैसा कि अमेरिका में विश्व संस्कृति उत्सव के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आज पूरी दुनिया को आसन्न संकटों, जिनमें आतंकवाद एक बड़ा खतरा है, के खिलाफ एकजुट होना पड़ेगा। जयशंकर ने कनाडा को आड़े हाथ लेते हुए अमेरिका में एक कार्यक्रम में स्पष्ट कहा कि कनाडा या ब्रिटेन में जो हो रहा है, उसे सामान्य बनाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। कनाडा व ब्रिटेन में भारतीय मिशन और राजनयिकों के खिलाफ उकसावे वाले बयान देकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशन के बाहर स्मोक बम फोड़े जा रहे हैं। मिशन के बाहर हिंसा की जा रही है। ब्रिटेन के ग्लासगो में भारतीय राजनयिक को धार्मिक स्थल में जाने से आतंकवादियों द्वारा रोके जाने जैसी घटनाएं कतई स्वीकार नहीं है। क्या आप इसे सामान्य मानते हैं? अगर यह किसी दूसरे देश में हुआ होता तो तब आपकी क्या प्रतिक्रिया होती? कनाडा अथवा ब्रिटेन में जो हो रहा है वह सामान्य नहीं है और यह अहम है कि इसके बारे में सबको बताया जाए। अगर अमेरिका अथवा खुद कनाडा के खिलाफ यह सब होता तो तब कनाडा या अन्य देश लोकतंत्र या अभिव्यक्ति की आजादी की दुहाई नहीं देते।

लेकिन अब पीएम मोदी की सरकार आने के बाद ये छवि पूरी तरह बदल गई है। अब भारत अप्रिय मुद्दों को टाले बिना स्पष्ट तरीके से, हर मंच से उन पर बोलता है।

वस्तुतः ट्रूडो का बयान आतंकियों, चरमपंथियों व अपराधियों के प्रति कनाडा सरकार का दोहरा चरित्र उजागर कर रहा है। भारत को आज लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर किसी की सीख की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में विदेशमंत्री जयशंकर ने कनाडा सरकार को साफ कर दिया है कि वह अपनी धरती पर आतंकियों को समर्थन देना बंद करे।

वैसे ट्रुडो के बयान से दुनिया भर में उनकी किरकिरी होने के उपरांत कनाडा सरकार के तेवर अब नरम पड़ने लगे हैं। यह अच्छी बात है कि कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रुडो ने यह कहा है कि उनका देश भारत से करीबी संबंध स्थापित करने को लेकर बेहद गंभीर है क्योंकि वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते महत्व को देखते हुए कनाडा और उसके सहयोगियों का भारत के साथ रचनात्मक और गंभीर तरीके से जुड़े रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं जयशंकर ने भी कनाडा सरकार को दो टूक कहा है कि कनाडा एक ऐसा देश बन गया है जहां भारत के प्रति संगठित अपराध, लोगों की तस्करी के साथ मिश्रित हो गया है जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए। वैसे भारत और कनाडा के बीच संबंध ज्यादातर सौहार्दपूर्ण ही रहे हैं। अगर ताज़ा राजनयिक विवाद चलता रहा तो दोनों देशों के सम्बन्ध में तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल इसका सीधा असर कारोबार तथा अन्य पर तो दिखने लगा है। कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा देने पर भारत ने फिलहाल रोक लगा दी है। इस बीच महिंद्रा ग्रुप ने भी कनाडा को बड़ा झटका दिया है। आनंद महिंद्रा की कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कनाडा बेस्ड कंपनी रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन से अपनी साझेदारी खत्म करने का एलान किया है। रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 11.18 फीसदी हिस्सेदारी थी। महिंद्रा ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब भारत और कनाडा के बीच तनाव अपने चरम पर है। लोग महिंद्रा के फैसले को इससे जोड़कर देख रहे हैं। कंपनी के बंद होने से कनाडा की अर्थव्यवस्था को निसंदेह झटका लगेगा।

वैसे अगर आज भारत की छवि की तुलना 20 साल पहले से करें तो हमें एक बड़ा फर्क नजर आएगा। पहले कोई भी ऐरा-गैरा भारत को निशाना बना सकता था। हमें याद है कि कनाडा में एयर इंडिया के कनिष्क विमान के हाईजैक और विस्फोट के साथ क्या हुआ था। कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। ऐसा क्यों हुआ था? क्योंकि भारत को एक बहुत ही कमजोर देश माना जाता था। लेकिन अब पीएम मोदी की सरकार आने के बाद ये छवि पूरी तरह बदल गई है। अब भारत अप्रिय मुद्दों को टाले बिना स्पष्ट तरीके से, हर मंच से उन पर बोलता है। शायद यही कारण है कि ट्रुडो द्वारा भारत पर बिना सोचे समझे आरोप लगाने के बाद भारत सरकार ने खालिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। इससे उनके समर्थकों को भी एक स्पष्ट संदेश जा रहा है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation