ब्ररजीलिया। ब्राजील में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के समर्थक फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया है। लूला ने 2022 के चुनाव में फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को भी हराया था।
पहले दौर की वोटिंग में लूला, फ्लावियो बोल्सोनारो से पिछड़ गए थे, लेकिन दूसरे दौर में बाजी पलट दी। फ्लावियो को पहले चरण में 47% वोट मिले थे। वहीं लूला को 45% वोट मिले थे।
1989 में ब्राजील में सीधे राष्ट्रपति चुनाव शुरू हुए थे। उसके बाद यह पहली बार हुआ, जब पहले राउंड में दूसरे नंबर पर रहने वाला उम्मीदवार आखिरी राउंड में जीतकर राष्ट्रपति बना। 80 साल के लूला लंबे समय से ब्राजील की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। उन्होंने पहली बार 1989 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत के लिए उन्हें 2002 तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद 2006 में भी वे राष्ट्रपति चुने गए।
लूला का नाम ब्राजील के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल रहा है। 2017 में एक अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार और मनी लॉन्डि्रंग यानी गैरकानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को छिपाने का दोषी ठहराया था।
उन पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी ठेके दिलाने में एक निर्माण कंपनी की मदद की और बदले में कंपनी से फायदा लिया। इस मामले में उन्हें 9 साल 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। बाद में अपील अदालत ने सजा बढ़ाकर 12 साल 1 महीने कर दी।
अप्रैल 2018 में लूला को जेल भेज दिया गया। वे करीब डेढ़ साल जेल में रहे और नवंबर 2019 में रिहा हुए। इस मामले के चलते वे 2018 का राष्ट्रपति चुनाव भी नहीं लड़ पाए। मार्च 2021 में ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने लूला को दोषी ठहराने का फैसला रद कर दिया।













