तेजस में साथ उड़े दोनों वायुसेना प्रमुख
जोधपुर। थार के ऊपर एक ऐसा विमान उड़ा जो बेंगलुरु में बना है, और उसमें दो देशों के वायुसेना प्रमुख साथ बैठे थे। विमान का नाम तेजस है।
एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने जोधपुर में तेजस में साथ उड़ान भरी। यह जानकारी आकाशवाणी समाचार ने 20 सितंबर 2026 की अपनी रिपोर्ट में दी है।
आकाशवाणी समाचार के मुताबिक जापानी लड़ाकू विमान पहली बार किसी द्विपक्षीय अभ्यास में भारत की जमीन से उड़ रहे हैं। जापान ने अपने एफ-2ए विमान जोधपुर भेजे हैं।
जापान अपने लड़ाकू विमान बाहर भेजने में बहुत सावधान रहा है। उसका युद्ध के बाद का संविधान और उसके आसपास बनी राजनीतिक आदतें, दोनों ने उसकी वायुसेना को दशकों तक घर के पास रखा। इसलिए भारतीय रनवे पर खड़ा एफ-2ए पहले एक राजनीतिक बात है, सैनिक बात बाद में।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने जोधपुर में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि भारत की जमीन से जापानी लड़ाकू विमान का पहली बार उड़ना रक्षा रिश्ते में बड़ा पड़ाव है। जापानी वायुसेना प्रमुख ने तेजस को भारत की तकनीकी खोज और मेक इन इंडिया का प्रतीक बताया।
विमान की अहमियत
यह बात रुककर सोचने लायक है। तेजस वह विमान है जो भारत ने तब बनाया जब उसे बाहर से मनचाहा विमान नहीं मिल रहा था। इसमें बहुत वक्त लगा और बहुत आलोचना भी हुई।
अब जो राय मायने रखती है वह भारतीय नहीं है। एक विदेशी वायुसेना प्रमुख ने, जिसकी अपनी सेना अमेरिकी और जापानी विमान उड़ाती है, इसे उड़ाना चुना और फिर बताया भी कि क्यों।
आकाशवाणी के मुताबिक यह अभ्यास 14 दिन का है। भारत की तरफ से तेजस के साथ सु-30एमकेआई और राफेल भी उड़ रहे हैं।
ब्लिट्ज़ की सलाह —
रक्षा मंत्रालय चाहे तो हर अभ्यास के आखिर में एक छोटा सार्वजनिक नोट जारी कर सकता है। उसमें बस इतना हो कि कितनी उड़ानें हुईं और किस तरह के मिशन उड़े। इसमें कोई सैनिक जोखिम नहीं है, और रक्षा अताशे तथा खरीदार यही पढ़ते हैं।
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
नई दिल्ली · 21 सितंबर
•जोधपुर : भारत-जापान का 14 दिन का साझा हवाई अभ्यास
•भारतीय विमान : तेजस, सु-30एमकेआई, राफेल
•जापानी विमान : एफ-2ए
•भारत की जमीन से जापानी लड़ाकू विमान का पहला संचालन
तुलना
•श्रीलंका के साथ स्लिनेक्स : 2026 में 13वां संस्करण, शुरुआत 2005 में — 21 साल की लगातार कड़ी
•जापान के साथ वीर गार्जियन : भारत की जमीन से जापानी लड़ाकू विमान पहली बार, 2026 — यह शुरुआत है, कड़ी नहीं
हमारा हिसाब
स्लिनेक्स के 2005 से 13 संस्करण हो चुके, वीर गार्जियन में जापानी विमान एक बार आए हैं। 13 में से 1 घटाइए तो 12 — यही फासला भारत की समुद्री और हवाई कूटनीति के बीच है, और जोधपुर ने उसे पाटना शुरू किया है।
भारत को क्या मिला
भारत में बने लड़ाकू विमान पर एक विदेशी वायुसेना प्रमुख की मुहर, और एक साथी वायुसेना जो अब भारतीय हवाई अड्डों से उड़ना जानती है।
ब्लिट्ज़ की सराहना
भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स, और एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह तथा जनरल ताकेहिरो मोरिता, जिन्होंने उड़ान खुद भरी।
आंकड़े आकाशवाणी समाचार की 20 सितंबर 2026 की रिपोर्ट और रक्षा मंत्रालय की 20 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति से newsonair.gov.in और pib.gov.in पर जांचे।
रेशम में पहला नंबर, लक्ष्य 2028-29
बेंगलुरु। रेशम की खेती करने वाले घर की सालाना कमाई 10 से 12 लाख रुपये तक ले जाने की बात सरकार ने कही है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर कहा, ऐसा वस्त्र मंत्रालय की 20 सितंबर की विज्ञप्ति में दर्ज है।
मंत्री ने कहा कि देश ने 2028-29 तक रेशम उत्पादन में दुनिया में पहले नंबर पर आने का संकल्प लिया है। मंत्रालय के अपने आंकड़े रास्ता दिखाते हैं — 2014 में उत्पादन 26 हजार टन था, अब 42 हजार टन है, और 2030-31 का लक्ष्य 60 हजार टन है।
ब्लिट्ज़ ने यह हिसाब लगाया है : अब तक की बढ़त 61.5 फीसदी है, और आगे की चढ़ाई 42.9 फीसदी।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय रेशम की विदेशी मांग उस वक्त बढ़ रही है जब चीन का उत्पादन गिर रहा है। रास्ता क्या है — शहतूत के पत्ते की पैदावार बढ़ाना और कोकून के चक्र बढ़ाना। केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक पहले स्थान पर है।
ग्वालियर में 18 हजार नौकरियों की तैयारी
ग्वालियर — ग्वालियर में एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र बनने जा रहा है। उसमें 18 हजार से ज्यादा सीधी नौकरियों का अंदाजा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसके लिए चुनी गई जगह देखी, ऐसा संचार मंत्रालय की 20 सितंबर की विज्ञप्ति में है।
मंत्रालय के मुताबिक प्रस्तावित निवेश करीब 5,500 करोड़ रुपये का है। पहले चरण के लिए करीब 170 एकड़ जमीन चुनी गई है। सादा में 90 एकड़ से ज्यादा और आईटी पार्क में 70 एकड़ से ज्यादा।
मंत्री ने कहा कि 24 कंपनियों ने जमीन के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और आवेदन उपलब्ध जमीन से ज्यादा हो गए हैं। इसलिए और जमीन चुनी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि रोड शो में मिली दिलचस्पी को कागज पर नहीं छोड़ा गया, कंपनियों से औपचारिक आवेदन मांगा गया।
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असम में इसरो का रडार केंद्र
गुवाहाटी। गुवाहाटी के पास चंद्रपुर में इसरो का एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर बनेगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसकी नींव रखी, ऐसा डीडी न्यूज ने 21 सितंबर को बताया।
यह केंद्र प्रोजेक्ट नेत्रा का हिस्सा है। इसका काम अंतरिक्ष में घूम रही चीजों पर नजर रखना, कचरे का पीछा करना और भारत के उपग्रहों को टक्कर से बचाना है। असम सरकार ने इसके लिए 200 बीघा जमीन दी है।
जगह का चुनाव ही असली बात है। जिन कक्षाओं में भारत के उपग्रह घूमते हैं, उन पर नजर तभी पक्की होती है जब देखने वाले स्टेशन दूर-दूर फैले हों। भारत के मौजूदा स्टेशन ज्यादातर दक्षिण और पश्चिम में हैं। पूर्वोत्तर का यह केंद्र वह दायरा चौड़ा करेगा।
सुचिका तरियाल ने जीता पहला एमएमए पदक
आइची-नागोया। सुचिका तरियाल एशियाई खेलों में मिश्रित मार्शल आर्ट्स का पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। उन्होंने महिलाओं की पारंपरिक 60 किलो श्रेणी में कांस्य जीता, ऐसा डीडी न्यूज ने 21 सितंबर को बताया।
सेमीफाइनल में वे सिंगापुर की हुई हून तेओ से बहुत कम अंतर से हारीं और मुकाबला ओवरटाइम तक गया। तरियाल 36 साल की हैं और यहां तक का उनका रास्ता सीधा नहीं रहा। वे राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी रहीं। 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल खेले, 2023 के एशियाई खेलों में कुराश, और 2024 में फाइटिंग जिउ-जित्सु का विश्व खिताब जीता।
निशानेबाजी में भी भारत को रजत मिला। सोनम उत्तम मस्कर, इलावेनिल वलारिवन और विदर्सा के. विनोद ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में 1,897 अंक बनाए। वे चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहीं। यह प्रधानमंत्री कार्यालय की 20 सितंबर की पोस्ट में दर्ज है। इलावेनिल ने व्यक्तिगत रजत भी जीता — उनके 252.4 अंक रहे और जापान की खिलाड़ी के 253.0।
ब्लिट्ज के हिसाब से फासला सिर्फ 0.6 अंक का था।
चार लाख युवाओं ने ली शपथ
नई दिल्ली। राष्ट्रीय संकल्प समारोह देश भर में एक हजार से ज्यादा जगहों पर हुआ। इसमें चार लाख से ज्यादा युवा और नागरिक शामिल हुए। यह युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की 20 सितंबर की विज्ञप्ति में दर्ज है।
मंत्रालय ने जगहों का ब्योरा भी दिया है, और यही काम की बात है। 460 जगहें माय भारत जिलों की हैं और 240 उसकी साझेदार संस्थाओं की। बाकी 300 से ज्यादा जगहें आध्यात्मिक संस्थाओं, उद्योग संघों और विश्वविद्यालय संघों की हैं।
यह समारोह 100 सप्ताह के नशा मुक्त युवा अभियान का हिस्सा है। पहली लामबंदी 18 सितंबर को हुई थी।
पचास रुपये में सेवा विवाद का निपटारा
जम्मू। सरकारी कर्मचारी को अपनी सेवा से जुड़ा मामला केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में दायर करने पर 50 रुपये लगते हैं। कई तरह के आवेदनों पर कुछ भी नहीं लगता। यह कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की 20 सितंबर की विज्ञप्ति में दर्ज है।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू के बहू प्लाजा में इस पीठ के नए भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि 30 जून 2026 तक न्यायाधिकरण में कुल 10 लाख 1 हजार 177 मामले आए और 9 लाख 32 हजार 723 निपट गए।
ब्लिट्ज ने यह अनुपात दोबारा निकाला है — 93.16 फीसदी, वही जो मंत्रालय ने छापा है।
जम्मू और श्रीनगर पीठों के पास जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय से 20,984 मामले आए और 20,405 नए दायर हुए। इनमें से क्रमशः 18,392 और 13,952 निपटे। मंत्री ने यह भी बताया कि जम्मू पीठ के सिर्फ 8 फीसदी मामले उच्च न्यायालय में अपील तक गए।
नगा फिल्म ने जीता टोरंटो पुरस्कार
टोरंटो। नगालैंड की एक आदिवासी भाषा की फिल्म ने टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का प्लेटफॉर्म पुरस्कार जीता है। थेजा रियो की फिल्म ‘अंघ’ को यह 2026 का पुरस्कार मिला, ऐसा आकाशवाणी समाचार ने 21 सितंबर को बताया।
पुरस्कार की अहमियत ट्रॉफी से बड़ी है। 2026 से यह पुरस्कार किसी गैर-अंग्रेजी फिल्म को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म के ऑस्कर की पात्रता का सीधा रास्ता देता है। महोत्सव के इस हिस्से में इस साल 12 फिल्में चुनी गई थीं।
थेजा रियो ने कहा कि यह सम्मान इसलिए खास है क्योंकि यह एक आदिवासी इलाके और आदिवासी भाषा की फिल्म को सामने लाता है। उन्होंने पुरस्कार अपने घर के लोगों को समर्पित किया। नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इसे नगालैंड और भारत के लिए गर्व का पल बताया।
फिल्म पुरस्कार समारोह एकता नगर में
एकता नगर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुजरात की तीन दिन की यात्रा पर हैं। वे केवड़िया के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देंगी। यह राष्ट्रपति सचिवालय की 20 सितंबर की विज्ञप्ति और आकाशवाणी समाचार की 21 सितंबर की रिपोर्ट में दर्ज है।
ये पुरस्कार 2024 की फिल्मों के लिए हैं और विजेताओं के नाम 18 जुलाई 2026 को घोषित हुए थे। पुरस्कार 1954 में शुरू हुए थे। इनमें फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन — तीन हिस्से होते हैं, और दादासाहब फाल्के पुरस्कार के लिए अलग समिति बनती है।
जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में
न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उच्च स्तरीय सप्ताह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह डीडी न्यूज ने 21 सितंबर को बताया। वे 26 सितंबर को सभा को संबोधित करेंगे।
आकाशवाणी समाचार की 21 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक आम बहस 22 से 28 सितंबर तक चलेगी और सत्र का विषय है — भरोसा लौटाना, बदलाव संभालना। सभा में सभी 193 सदस्य देशों के प्रतिनिधि आएंगे।
आठ ऑडिट रिपोर्टें विधानसभाओं तक पहुंचीं
नई दिल्ली। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की आठ रिपोर्टें 1 से 3 सितंबर के बीच राज्य विधानसभाओं तक पहुंचीं। यह सीएजी के अपने ऑडिट रिपोर्ट रजिस्टर से लिया गया है, जिसे ब्लिट्ज़ ने 21 सितंबर को पढ़ा।
रजिस्टर के मुताबिक ये रिपोर्टें मणिपुर, नगालैंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की हैं। हरियाणा की 2026 की रिपोर्ट संख्या 5 राजस्व का अनुपालन ऑडिट है। सीएजी के अपने विवरण के मुताबिक उसमें करों के कम या न वसूले जाने से जुड़े 21 ऑडिट पैरा हैं।
ब्लिट्ज़ ने इस स्लॉट में पूरी रिपोर्टें नहीं खोलीं और उनका कोई निष्कर्ष यहां नहीं छापा है। रिपोर्ट संख्या, पैरा और विभाग के जवाब के साथ निष्कर्ष तब छपेंगे जब हर रिपोर्ट पढ़ ली जाएगी।














