डा. सीमा द्विवेदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के देश भर में जोश खरोश के साथ मनाए गए जन्मदिन का उत्सव एक आयोजन भर नहीं था बल्कि नरेंद्र मोदी के जीवन को समझने, जांचने, परखने और उससे सभी को कुछ सीखने का एक अच्छा अवसर भी रहा है।
आम तौर पर भारत में ही नहीं , सारी दुनिया में किसी के भी जन्म दिन पर केक काटना, खाना-पीना, गाना बजाना और हो हल्ला एक आम रीति और रिवाज है। यह सभी को अच्छा भी लगता है और सभी जन्मदिन की खुशी को बढ़ाने के लिए करते भी हैं।
मगर, गहराई से देखा जाए तो प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिन के कई मायने भी हैं जो उनके पिछले कई वर्षों के संपन्न हुए जन्मदिनों के आयोजनों से कई संदेश भी देते आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा और उनकी आलोचनाओं की राजनीतिक टीका टिप्पणी, उनकी कार्यशैली की सराहना या आलोचना देश की मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक जगजाहिर हिस्सा रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत दुनिया के नक्शे पर तेजी से आगे बढ़ा है। इस सच्चाई को आज सभी स्वीकारते हैं। चाहें भारतीय हों या विदेशी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 76 वर्ष की आयु में भी वे देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, कूटनीति, रक्षा, अर्थव्यवस्था और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। देश में वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, चेनाब और पंबन जैसे भव्य पुलों का निर्माण, और सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में अटल टनल जैसी परियोजनाओं ने कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल दी है।
दोस्तो! गांव, गली, मोहल्लों, कूचों, कस्बों और जिलों तक के भारतवासी अपनी खुशहाली के साथ भारत की तरक्की और खुशहाली भी देखना चाहते है। अपने बच्चों, परिवार और सगे सम्बन्धियों की प्रगति और समृद्धि सभी देखना चाहते हैं। सूरज के उजाले के तरह की इस सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता कि हर एक भारतीय अपने बच्चे की अच्छी पढ़ाई-लिखाई, अच्छी नौकरी और अच्छा रहन-सहन चाहता है। यह हर एक भारतीय का सपना भी है। कुल मिलाकर कहा जाए तो विकसित भारत हर एक भारतीय चाहता है। इस मुद्दे पर सारे देश में कहीं कोई दो राय नहीं है।
देश में विकसित भारत अभियान का शुभारंभ और उसका एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को झारखंड के खूंटी स्थान से विकसित भारत संकल्प यात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया था। इसके बाद 11 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत @2047 वॉयस ऑफ यूथ का शुभारंभ करके स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के युवाओं के साथ लिया था।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समय है और उनका कार्यकाल है। आज यह सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का आज अपना कोई निजी परिवार नहीं है। वह बेहद गरीबी से उठकर ऊपर आए हैं । यह भी सार्वजनिक सच जगजाहिर है। मोदी ने ऐलानिया तौर पर समूचे देश को अपना परिवार माना है । इसमें भी कहीं दो राय नहीं हैं।
मोदी बहुत सख्त और ईमानदाराना व्यक्तित्व के व्यक्ति हैं ये भी देश और दुनिया के लोग बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। मोदी की इन खूबियों पर आज तक कभी भी कोई सवाल नहीं उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली तस्दीक करती है कि वह अपने परिवार (समूचे देश) की भलाई के लिए कुछ भी कर सकते हैं और किसी भी हद तक जा सकते है।
मोदी की कार्यशैली प्रमाणित करती है कि इसके लिए उन्हें अपनी नेकनामी और बदनामी की जरा भी परवाह नहीं रहती है। इसका जीवंत उदाहरण देश में हाल ही में युवाओं की मांग पर अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अन सेरिमोनियल तरीके से पदमुक्त करना था। मोदी डांवाडोल और अस्थिर मिजाज के व्यक्ति नहीं हैं। इसलिए वह अपने लिए गए फैसलों पर अडिग रहते हैं। इस सच को भी देश में सभी जानते हैं।
सच्चाई कहती है कि भारत में ही नहीं, सारी दुनिया में सभी जानते और मानते हैं कि बच्चों के अड़ जाने पर हर बाप अपने बच्चों की मुराद को पूरा करता है। शायद इसी बाल हठ का सामना मोदी जी से हो गया और उन्होंने अपने पसंदीदा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
इस फैसले से यह भी साबित होता है कि मोदी जी, मुलायम भी हैं। उनका यह मानवीय संवेदनाओं से भरा गुण हाल के दिल्ली में हुए युवाओं के प्रदर्शन के बाद ही देश और दुनिया को पता चला है। “बाल हठ” को मोदी जी ने देश में ऐसा सम्मान और स्वीकारोक्ति दी है जो कि भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक अमरगाथा बन गई।
आज देश में ही नहीं, पूरी दुनिया ने देख लिया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के युवाओं को आगे बढ़ाने का सार्वजनिक एलान कर दिया है। इस समय देश के युवा उनके सर्वप्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को “नव भारत”और “युवा भारत” बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। सच तो यह भी है कि अब मोदी जी का असली मित्र तो भारत का युवा ही है। देश में 15 से 29 साल के युवाओं की अनुमानित संख्या 36.74 करोड़ यानी भारत की कुल आबादी का 25.8 फीसदी है जबकि जेन जी यानी 1997 से लेकर 2012 तक जन्मे युवाओं की आबादी आज 40.7 करोड़ बताई गई है। यह संख्या बताती है कि देश की आबादी में जेन जी 28 प्रतिशत है। भारत सरकार अपने सरकारी रिकॉर्ड में 15 से 29 साल के बीच के लड़के और लड़कियों को युवा मानती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “नमो भारत” से लेकर “नया भारत” और अब “युवा भारत” सभी कुछ अपनी पूरी लगन , निष्ठा और समर्पण के साथ देश और देशवासियों की समृद्धि, सम्मान, सामर्थ्य और प्रगति को उत्तरोत्तर आगे बढ़ाने के लिए ही किया है। यह सब नए बदलते भारत का दस्तावेजी प्रमाण है।
जन्मदिन विशेष
नरेंद्र दामोदरदास मोदी
जन्म : 17 सितंबर, 1950
स्थान : वाडनगर, गुजरात
पिता : दामोदरदास मोदी
माता : हीराबेन मोदी














