नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट निजी स्कूल के शिक्षकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति और उचित वैधानिक ढांचा तैयार करने के लिए केंद्र को निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद सहित अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा है।
अदालत ने केरलम निवासी याचिकाकर्ता लिगिमोल जार्ज द्वारा दायर याचिका को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
अधिवक्ता दीपक प्रकाश के जरिये दायर याचिका में केंद्र को पेंशन लाभ, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी तथा निजी स्कूल के शिक्षकों के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर विचार करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
इन उपायों के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए राष्ट्रीय निजी स्कूल शिक्षक कल्याण बोर्ड या अन्य संस्था गठित करने का अनुरोध भी किया गया है।
याचिका में शिक्षा मंत्रालय द्वारा यूनिफाइड डिस्टि्रक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन प्लस के तहत 2023-24 की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि भारत में लगभग 14.72 लाख स्कूल, 98 लाख से अधिक शिक्षक और लगभग 24.8 करोड़ छात्र हैं।














