नई दिल्ली। समुद्री निगरानी एवं टोह और अपतटीय गश्त समेत विभिन्न गतिविधियों को अंजाम देने और उनमें सहायता के लिए तैयार किए गए भारतीय नौसेना के पहले बहुउद्देश्यीय पोत ‘समर्थक’ को नौसेना को सौंप दिया गया। पोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और इसे परीक्षण एवं आकलन के लिए एक बहुउपयोगी मंच के रूप में तैयार किया गया है।
आपदा में बनेगा मददगार पोत
नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), कट्टुपल्ली द्वारा निर्मित पहले बहुउद्देश्यीय पोत (एमपीवी) ‘समर्थक’ को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। पोत को समुद्री निगरानी एवं टोह, अपतटीय गश्त तथा आवश्यकता पड़ने पर मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों में सहयोग के लिए तैयार किया गया है। पोत का नाम ‘समर्थक’ रखा जाना सार्थक है और यह विभिन्न अभियानों में ‘भरोसेमंद सहयोगी’ के रूप में इसकी भूमिका को दर्शाता है।
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा, ‘अपने नाम के अनुरूप ‘समर्थक’ किसी एक विशेष कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में सहयोग के लिए तैयार किया गया है और इस तरह यह एक बहुउद्देश्यीय पोत की अवधारणा को साकार करता है।’














