नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई देशों के बड़े नेता दिल्ली पहुंचे। शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनियाभर से आए नेताओं का स्वागत किया।
इसके साथ ही इस फोरम पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने पूरी दुनिया को बड़ा संदेश गया । इस फोरम पर जहां प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को गले लगाया, वहीं ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान का हाथ थामे रहे। यह नजारा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ रिश्ते और दोस्ती की अकाट्स कहानी बयां करता है। दरअसल, यह तस्वीर मौजूदा वैश्विक स्थिति में काफी मायने रखती है क्योंकि एक तरफ रूस यूक्रेन के साथ पिछले साढ़े चार साल से जंग लड़ रहा है, जिसे अमेरिका समेत उसके मित्र देश हथियार और पैसा दे रहे हैं तो दूसरी तरफ ईरान भी अमेरिका के साथ पिछले छह महीने से दो-दो हाथ कर रहा है। यह तस्वीर बताती है कि वैश्विक व्यवस्था और वैश्विक शांति बहाली की दिशा में भारत एक अहम सहयोगी हो सकता है।
वैश्विक व्यापार आगे बढ़ सकता है
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों। यही वजह है कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप और 120 यूनिकॉर्न के साथ भारत समाधानों का एक वैश्विक केंद्र बन रहा है।
हर साल प्रगति की समीक्षा करनी होगी
मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत वृद्धि और स्थिरता के लिए विश्वास का स्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया भर में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक सेतुओं का निर्माण कर रहा है। उन्होंने ब्रिक्स व्यापार परिषद से 10 व्यापार बाधाओं को दूर करने पर एक रिपोर्ट तैयार करने और हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को विस्तार देने के लिए समर्थन देने का आग्रह किया। मोदी ने परिषद से 1,000 नई साझेदारियां विकसित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैमानों पर हमें हर साल प्रगति की समीक्षा करनी होगी।
फोरम को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि दुनिया भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बेहद जटिल दौर से गुजर रही है। उन्होंने ब्रिक्स सदस्यों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग का विस्तार करने का सुझाव दिया। व्यापार बढ़ाने के लिए हमें खंडित सहयोग से व्यापार बुनियादी ढांचे के क्रमिक एकीकरण की ओर बढ़ना होगा। इस संबंध में कई उपाय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जिनमें प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण व एकीकरण, व्यापार सुगमता, विनियामक और प्रशासनिक बाधाओं में कमी, सीमा पार बाजारों का विकास और संयुक्त निजी क्षेत्र के निवेश को सुगम बनाना शामिल है।
पुतिन का जी 7 पर तंज
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी फोरम को संबोधित किया। पुतिन ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि ब्रिक्स जीडीपी में जी7 से आगे निकल चुका है। हम दुनिया में ग्रोथ इंजन बन रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि पता नहीं इस स्थिति में भी उस समूह को जी7 क्यों कहा जाता है। पुतिन ने ये भी कहा कि ब्रिक्स देशों के पास बड़े, गतिशील और जीवंत घरेलू बाजार हैं। इसलिए हम भरोसेमंद साझेदारों के साथ संबंध विकसित कर रहे हैं। ब्रिक्स देशों के गतिशील एवं मजबूत घरेलू बाजारों का जिक्र करते हुए कहा पुतिन ने कहा कि उनका देश वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस पर्यटन, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में दिलचस्प एवं संभावनाओं से भरे उपायों के लिए खुला है। पुतिन ने कहा, हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने तथा आर्कटिक परिवहन गलियारे और उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसे भरोसेमंद लॉजिस्टिक मार्ग विकसित करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि रूस स्मार्ट प्रौद्योगिकी और मानव-रहित परिवहन जैसे क्षेत्रों में मानव संसाधन प्रशिक्षण तथा अनुप्रयुक्त अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने का भी इरादा रखता है।














