नई दिल्ली। वैश्विक कारोबार में डॉलर का दबदबा कम करने की दिशा में ब्रिक्स देशों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार व भुगतान बढ़ाने पर जोर दिया। नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन से पूर्व ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूस, भारत व ईरान स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर एकमत दिखे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि बिक्स के सभी देशों को आपसी व्यापार डॉलर के बदले स्थानीय मुद्राओं में करना चाहिए। वहीं, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों को स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ा जाना चाहिए।
ब्रिक्स के सबसे बड़े बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि समूह व उसके साझेदारों के 21 देशों के परिवार का आर्थिक विकास दुनिया के मुकाबले दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है। 2006 में चार देशों से शुरू हुआ समूह दुनिया की 50% आबादी, 25% कारोबार व 40% जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है। इसका बढ़ता आकार, तेज रफ्तार इसकी ताकत को दिखाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति हो रही है। यहां दो लाख स्टार्टअप्स हैं। उन्होंने यूपीआई तकनीक को बड़ी ताकत बताते हुए कहा, हमें ब्रिक्स के जरिये पूरी दुनिया तक पहुंचना है।
दुनिया की ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा में योगदान
पुतिन ने कहा, अर्थव्यवस्था हमेशा बदलती रहती है और अब आर्थिक विकास के नए केंद्र सामने आ रहे हैं।
हम दुनिया की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने के लिए तैयार हैं। पुतिन ने उत्तर-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स हब बनाने में भी मदद की बात कही।
व्यापार के नए मार्ग तैयार करने का सुझाव
राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले कुछ समय से सऊदी, हुती संघर्ष के कारण संकट में आए बाब अल मंदेब रूट के विकल्प के रूप में आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने में मदद करने का वादा किया। इससे एशिया और यूरोप के बीच सस्ता, छोटा व्यापारिक रास्ता तैयार हो सकेगा।

जुल्म के आगे न दबेंगे, न झुकेंगे
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका और इसरायल पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान जुल्म के आगे नहीं झुकेगा और अपने अधिकारी के लिए संघर्ष जारी रखेगा। हम कभी उनके सामने घुटने नहीं टेकेंगे। उन्होंने धार्मिक नेताओं व बुद्धिजीवियों से मुलाकात में यह बात कही। उन्होंने नागरिकों की मौत, स्कूलों व अस्पतालों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
विदेशी मुद्रा पर निर्भरता से दबाव में व्यापार
पेजेश्कियन ने कहा, विदेशी मुद्राओं पर वैश्विक निर्भरता से अंतरराष्ट्रीय व्यापार राजनीतिक दबावों और प्रतिबंधों के चंगुल में फंस गया है। इससे छुटकारा पाने के लिए ब्रिक्स देशों को अपनी मुद्राओं में व्यापार को बढ़ाने पर जोर देना होगा। ब्रिक्स को व्यापार, निवेश व संयुक्त वित्तपोषण का अधिक एकीकृत नेटवर्क बनाना चाहिए।
आर्थिक झटकों से सुरक्षित रहेगा व्यापार
पेजेश्कियन ने कहा, राष्ट्रीय मुद्राओं के अधिक उपयोग और जोखिम प्रबंधन के ठोस तंत्र से ब्रिक्स देशों का आपसी व्यापार बाहरी आर्थिक झटकों से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ब्रिक्स के सभी देश सहमत हैं कि सदस्य देशों के बीच व्यापार राष्ट्रीय मुद्राओं में होना चाहिए।
दुनिया का आधा भुगतान यूपीआई से
पीएम मोदी ने कहा, भारत की ओर से विकसित यूआई ने पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है। आज दुनिया में करीब 50 प्रतिशत रियल टाइम भुगतान इसी तकनीक से होते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत ने इस डिजिटल लेयर पर समाधान तैयार करने के लिए उद्योग और स्टार्टअप्स को खुला इकोसिस्टम उपलब्ध कराया। कई देश भारत के इस डिजिटल इकोसिस्टम को अपना रहे हैं। अन्य ब्रिक्स देश भी भारत के अनुभव के आधार पर अपने देशी के लिए नए समाधान तैयार कर सकते हैं।
होर्मुज… समुद्री रास्ते सुरक्षित होंगे तो वैश्विक व्यापार बढ़ेगा
होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया। पीएम ने कहा, वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, आपूर्ति के चैनल खुले रहें और यात्री सुरक्षित हों। इसलिए, भारत आवागमन की आजादी और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पूर्ण समर्थक है। पीएम ने जब यह बात कही तब ईरान के राष्ट्रपति मसूद भी वहां मौजूद थे।














