संजय द्विवेदी
फिरोजाबाद। संत नीब करोरी बाबा के ‘महासमाधि दिवस’ पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल की है। नीब करोरी बाबा के जीवन, साधना और आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। इन पैकेजों के तहत 2 दिन, 3 दिन और 5 दिन की यात्राओं का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। इन विशेष यात्राओं का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा।
सूचना विभाग के मुताबिक, बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ के रूप में जोड़ा जा रहा है। इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। इसके साथ फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं। मान्यता है कि फर्रुखाबाद स्थित आश्रम में बाबा ने भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष साधना की थी। इस तरह जन्मस्थली से लेकर समाधि स्थल तक बाबा की आध्यात्मिक यात्रा को एक ही पर्यटन मार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
संत नीब करोरी बाबा के ‘महासमाधि दिवस’ पर उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी पहल की है।
महासमाधि दिवस को खास बनाते हुए यूपीएसटीडीसी ने ‘बाबा नीब करोरी’ के पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। पर्यटकों की मांग के आधार पर इन पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा को आसान बनाना है। टूर पैकेज की जानकारी के लिए पर्यटक 91490 99890 पर संपर्क कर सकते हैं या यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट upstdc.co.in पर जानकारी ले सकते हैं।
अकबरपुर में 8.65 करोड़ से विकसित हुई पर्यटन सुविधाएं
बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली फिरोजाबाद के अकबरपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। फेज-1 के तहत यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अकबरपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। फेज-2 के तहत 2.22 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। इसका 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी। इसके तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वॉल और अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा को आसान बनाया जाएगा। टूर पैकेज की जानकारी के लिए पर्यटक 91490 99890 पर संपर्क कर सकते हैं।
फर्रुखाबाद आश्रम का भी हुआ विकास
सूचना विभाग के अनुसार, बाबा नीब करोरी से जुड़े फर्रुखाबाद स्थित आश्रम के विकास पर भी पर्यटन विभाग ने विशेष ध्यान दिया है। यहां 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की गई हैं। पर्यटन विभाग की योजना इन सभी स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधाओं और व्यवस्थित पर्यटन अनुभव के साथ जोड़ने की है, ताकि बाबा के अनुयायी उनकी जन्मस्थली, साधना स्थल और महासमाधि स्थल तक एक ही आध्यात्मिक यात्रा के रूप में पहुंच सकें।
12.93 करोड़ रुपये से संवरेंगे जुड़े स्थल
फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में बाबा नीब करोरी से जुड़े पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के विकास पर करीब 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें अकबरपुर में पहले चरण का विकास, दूसरे चरण के कार्य, ग्रामीण पर्यटन परियोजना तथा फर्रुखाबाद आश्रम के विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल भवन और पर्यटक सुविधाएं तैयार करना नहीं, बल्कि बाबा की आध्यात्मिक विरासत को एक व्यवस्थित पर्यटन अनुभव में बदलना भी है।
विरासत को वैश्विक पहचान देने की कोशिश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का ‘महासमाधि दिवस’ ऐसे संत को याद करने का अवसर है, जिनका आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बाबा की विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं, बेहतर सुविधाओं और विशेष रूप से तैयार पर्यटन अनुभवों के जरिए बाबा की विरासत को जीवंत रखने के साथ प्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने कहा कि नया ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन सर्किटों में महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ेगा। उनके मुताबिक बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ‘महासमाधि दिवस’ पर शुरू किए गए विशेष टूर पैकेज इस पहल को और उपयोगी बनाएंगे। इससे बाबा की विरासत को देश के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।














