• Latest
  • Trending
UPI

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

August 26, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
वैश्विक 'सैटकॉम' जंग के दबाव में नहीं आएंगे

भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति

October 19, 2026
तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

October 19, 2026
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद, दिल्ली पुलिस के नए नियम

लोकतंत्र, विरोध का अधिकार और जंतर-मंतर

October 19, 2026
देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

October 19, 2026
कैप्टन स्मित को इजरायल का राष्ट्रपति पुरस्कार

कैप्टन स्मित को इजरायल का राष्ट्रपति पुरस्कार

October 19, 2026
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर कैप्टन स्मित और पीएम मोदी आमंत्रित

इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर कैप्टन स्मित और पीएम मोदी आमंत्रित

October 19, 2026
Saturday, October 24, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 26, 2026
in the blitz
0
UPI

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।दस साल में लेनदेन की संख्या 13,574 गुना बढ़ी, रकम 4,486 गुना। इन दोनों का फ़र्क़ ही बताता है कि यूपीआई असल में किसके काम आया।

यूपीआई की शुरुआत 25 अगस्त 2016 को हुई थी और इस हफ़्ते इसके दस साल पूरे हुए। वित्त मंत्रालय के आँकड़े कहते हैं कि सालाना लेनदेन 2016-17 के 1.78 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 24,162 करोड़ से ऊपर पहुँच गया, और रकम करीब ₹7,000 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹314 लाख करोड़ हो गई।

YOU MAY ALSO LIKE

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

अब इन दोनों को बाँटकर देखिए। संख्या 13,574 गुना बढ़ी, पर रकम 4,486 गुना। इसका मतलब है कि हर लेनदेन का औसत आकार घट गया — 2016-17 में करीब ₹3,933 से गिरकर आज करीब ₹1,300, यानी लगभग एक तिहाई। शुरुआत में यूपीआई बड़े ट्रांसफ़र का ज़रिया था। आज यह सब्ज़ी, ऑटो, चाय और दवा की दुकान का ज़रिया है। देश में अब रोज़ करीब 66 करोड़ यूपीआई भुगतान होते हैं।

दस साल का सफ़र। यूपीआई, 25 अगस्त 2016 को शुरू। सबसे बड़ी बात कुल रकम नहीं, बल्कि यह है कि अब हर भुगतान कितना छोटा हो गया है।

कोई भुगतान प्रणाली उस दिन आम आदमी की बनती है, जिस दिन लोग उसे सिर्फ़ बड़ी रकम के लिए बचाकर रखना छोड़ देते हैं।

एक नज़र में

• शुरुआत: 25 अगस्त 2016 · दस साल पूरे
• लेनदेन: 1.78 करोड़ (2016-17) से 24,162 करोड़ (2025-26)
• रकम: करीब ₹7,000 करोड़ से लगभग ₹314 लाख करोड़
• ब्लिट्ज़ की गणना: संख्या 13,574 गुना, रकम 4,486 गुना
• औसत भुगतान: पहले करीब ₹3,933, अब करीब ₹1,300
• दुनिया में: 11 देशों में चालू; 2025 में दुनिया के रियल-टाइम भुगतान का करीब 49%

यूपीआई अब 11 देशों में चल रहा है — संयुक्त अरब अमीरात, फ़्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, क़तर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली माना है, और 2025 तक दुनिया के ऐसे कुल लेनदेन का करीब 49 प्रतिशत अकेले यूपीआई से होता है। जिन घरों से कोई विदेश में काम करता है, उनके लिए यह ख़ास मायने रखता है — जितने देशों में यह रास्ता खुलेगा, पैसा भेजने की लागत उतनी घटेगी।

आगे का काम अब रास्ते का नहीं, उस पर चलने वाली चीज़ों का है। छोटे दुकानदार के पास अब हर भुगतान का रिकॉर्ड है, और यही रिकॉर्ड उसे बैंक से छोटा कर्ज़ दिलाने का सबसे मज़बूत आधार बन सकता है — बशर्ते उसकी सहमति से यह जानकारी सही जगह पहुँचे। दूसरी ज़रूरत भरोसे की है: जब औसत भुगतान ₹1,300 का हो, तो ₹40 का अटका हुआ ट्रांसफ़र भी रेहड़ी वाले के लिए बड़ी बात होती है, इसलिए शिकायत का निपटारा तेज़ और आसान होना चाहिए। दस साल में देश ने दुनिया का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला भुगतान रास्ता बना लिया। अगले दस साल इस बात के हैं कि उस पर क्या-क्या चलेगा।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation