यरूशलम। इजरायल ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने इस सम्मान की जानकारी दी। कैप्टन मच्छार ने तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक बड़ी विमानन आपदा को टालने में अहम भूमिका निभाई थी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कैप्टन मच्छार अबू धाबी के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्हें विमान के कॉकपिट के अंदर अपने सह-पायलट के कथित हमले के दौरान गंभीर चोटें आई थीं।
इन नागरिकों को भी सम्मान
राष्ट्रपति हर्जोग ने उड़ान एफजेड 1073 को दुर्घटनाग्रस्त करने के कथित प्रयास को विफल करने में मदद करने वाले छह इजरायली यात्रियों को भी नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया। जेरूसलम पोस्ट और टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार हर्जोग ने ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हयौन, डॉ. शोता मुसायेव, आसफ राजुआन और ओर पारडिलोव को भी यह पुरस्कार दिया । इन सभी ने कथित अपहरण के प्रयास को रोकने में अपनी भूमिका निभाई थी।
कैसे बची 174 यात्रियों की जानें?
ताली मानेस को सबसे पहले खतरे की चेतावनी देने का श्रेय दिया गया। उनके बाद हयौन, ज्विका मानेस, पारडिलोव और राजुआन ने मिलकर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। डॉ. मुसायेव, जो पेशे से एक चिकित्सक हैं, उन्होंने घायल पायलट को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। राष्ट्रपति हर्जोग ने यरूशलम में एकत्र होकर इन ‘साधारण’ इजरायली नागरिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये लोग असाधारण इन्सान और सच्चे नायक साबित हुए, जिन्होंने पिछले सप्ताह उड़ान को बचाया। हर्जोग ने बताया कि कैप्टन स्मित के साथ साहस, दृढ़ संकल्प और उल्लेखनीय सूझबूझ के कारण इन नायकों ने एक विनाशकारी विमानन आपदा को रोका। इस घटना से पूरी दुनिया हिल जाती, लेकिन इन लोगों ने 174 अनमोल जानें बचा लीं।
पीएम नेतन्याहू भी जांबाज कैप्टन के मुरीद
गौरतलब है कि बीते दिनों पीएम नेतन्याहू ने अस्पताल में इलाज करा रहे भारतीय पायलट से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से कहा, आपका साहस और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शांत रहने की क्षमता अद्भुत है। आपने कई जिंदगियां बचाईं… आपने दुनिया में मानवता की भावना को बचाया। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से कहा, आप भारत और इजरायल के लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं।
उल्लेखनीय है कि सह-पायलट ने कॉकपिट में मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई करीब 34,000 फुट से घटकर लगभग 16,600 फुट रह गई थी।

किसने क्या-क्या सम्मान देने की घोषणा की
कैप्टन स्मित मच्छार के सर्वोच्च साहस के लिए कई सम्मान और बड़ी नकद राशि देने की घोषणाएं की गई हैं।
गुजरात सरकार : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कैप्टन स्मित को प्रतिष्ठित राज्य सम्मान ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ और ₹25 लाख का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
मैनकाइंड फार्मा : इस प्रमुख दवा कंपनी ने कैप्टन स्मित और उनके परिवार के असाधारण साहस और मानवता को सलाम करते हुए ₹एक करोड़ का नकद पुरस्कार देने का एलान किया है।
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने पीएम कार्यालय को पत्र लिखकर कैप्टन स्मित को भारत का सर्वोच्च शांति-कालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ देने की मांग की है।
कैप्टन स्मित मच्छार को वीरता पुरस्कार देने की मांग
नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त नागरिक सम्मान देने की सिफारिश की है। 30 सितंबर को उड़ान के दौरान फर्स्ट ऑफिसर ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा। विमान में 174 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे।














