ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।जिन छात्रों ने चार साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री की है, वे अब एक साल में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा कर सकते हैं। नौकरी करते हुए पढ़ने वालों के लिए यह नियम सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
यूजीसी के राष्ट्रीय शिक्षा नीति ढाँचे के तहत चार साल की यूजी डिग्री रखने वाले छात्र एक साल के पीजी कोर्स में दाख़िला ले सकते हैं। ख़ास बात यह है कि इसमें डिस्टेंस और ऑनलाइन तरीक़े से की गई चार साल की डिग्री भी शामिल है। यानी जिसने रेगुलर कॉलेज नहीं किया, वह भी इस रास्ते से बाहर नहीं है। तीन साल की डिग्री वालों के लिए पीजी का पुराना दो साल वाला रास्ता जस का तस बना हुआ है — नया विकल्प उसकी जगह नहीं लेता, उसके साथ जुड़ता है।
एक साल का फ़र्क़: नौकरी छोड़े बिना पीजी करना अब कहीं ज़्यादा व्यावहारिक हो जाता है।
पढ़ाई का सबसे बड़ा ख़र्च फ़ीस नहीं होती। वह होती है वह कमाई, जो पढ़ाई के सालों में छूट जाती है।
एक नज़र में
• किसे मिलेगा: चार साल की अंडरग्रेजुएट डिग्री वालों को
• कौन-सी डिग्री मान्य: रेगुलर के साथ-साथ डिस्टेंस और ऑनलाइन मोड की भी
• पीजी की अवधि: एक साल
• तीन साल की डिग्री वालों के लिए: दो साल का पीजी पहले की तरह जारी
• ढाँचा: यूजीसी का राष्ट्रीय शिक्षा नीति फ़्रेमवर्क
• दाख़िले से पहले जाँचें: संस्थान और कोर्स को यूजीसी की मान्यता है या नहीं
इसका असर सीधा हिसाब है। नौकरी करते हुए दो साल का पीजी करने का मतलब है दो साल की कमाई में कटौती या दो साल की दोहरी मेहनत। एक साल में वही डिग्री मिलने का मतलब है कि यह ख़र्च आधा रह जाता है। छोटे शहरों और क़स्बों के उन युवाओं के लिए यह और भी अहम है, जो पढ़ाई और परिवार की ज़िम्मेदारी दोनों एक साथ उठा रहे होते हैं। जिन्होंने अप्रेंटिसशिप वाली डिग्री की है, उनके लिए यह रास्ता और सीधा हो जाता है — काम का अनुभव और डिग्री दोनों साथ चलते हैं।
दो सावधानियाँ ज़रूरी हैं। पहली, दाख़िले से पहले यह ज़रूर जाँच लें कि जिस संस्थान से आपने चार साल की डिग्री की है और जिससे पीजी करने जा रहे हैं, दोनों को यूजीसी की मान्यता प्राप्त है — ऑनलाइन कोर्स के मामले में यह जाँच और ज़रूरी है। दूसरी, नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए योग्यता की शर्तें अलग-अलग विभागों में अलग हो सकती हैं, इसलिए जिस नौकरी को ध्यान में रखकर पीजी कर रहे हैं, उसकी अधिसूचना पहले पढ़ लें। सही जानकारी के साथ यह नियम एक साल और कुछ लाख रुपये दोनों बचा सकता है।














