• Latest
  • Trending
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बारिश लौटी, बुवाई अब भी पीछे

August 10, 2026
आयुष्मान भारत योजना

70 पार हैं तो इलाज का हक़ अलग

August 10, 2026
student

चार साल की डिग्री, तो पीजी एक साल में

August 10, 2026
ev-scooter

हर नौवाँ स्कूटर बैटरी वाला

August 10, 2026
boxing

बॉक्सिंग में सात गोल्ड, अब आगे

August 10, 2026
student

अब सर्टिफ़िकेट पर नहीं, नौकरी पर पैसा

August 10, 2026
Makhana

दरभंगा का मखाना, अब जहाज़ से ऑस्ट्रेलिया

August 10, 2026
पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी

बारिश 11 फ़ीसदी कम, अब क्या करें

August 10, 2026
ई20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं होते: गडकरी

E20 पेट्रोल: जाँच में क्या निकला

August 10, 2026
milk

गाँव की समिति अब डिजिटल हो रही है

August 10, 2026
gale cricket stedium

गॉल से शुरुआत, और दो बड़े झटके

August 10, 2026
E20 पेट्रोल

ई20: आत्मनिर्भर भारत की नई क्रांति

August 10, 2026
मेटा और पीएम मोदी की पोस्ट

पीएम मोदी का पोस्ट हटाने पर मेटा को पड़ी सख्त मार… जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफी

August 10, 2026
Monday, August 10, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बारिश लौटी, बुवाई अब भी पीछे

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 10, 2026
in the blitz, कृषि
0
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।इस साल जून ने डरा दिया था — 1901 के बाद का पाँचवाँ सबसे सूखा जून। जुलाई के आख़िरी हफ़्ते की बारिश ने हालात काफ़ी हद तक संभाल लिए। लेकिन खेत का हिसाब अब भी पूरा नहीं बैठा, और इसका असर आपकी थाली तक आएगा।

जुलाई की शुरुआत में पूरे सीज़न की बारिश क़रीब 40 फ़ीसदी कम चल रही थी। पहले ही हफ़्ते की तेज़ बारिश ने इस कमी को घटाकर लगभग 14 फ़ीसदी कर दिया। फिर दो हफ़्ते सूखे बीते और कमी दोबारा 24 फ़ीसदी तक चढ़ गई। 21 से 24 जुलाई के बीच देश के बड़े हिस्से में बारिश हुई और आँकड़ा फिर घटकर क़रीब 15 फ़ीसदी पर आ गया। महीना ख़त्म हुआ तो जुलाई ख़ुद अपने औसत 280.4 मिलीमीटर से लगभग 10 फ़ीसदी कम पर बंद हुआ। दरअसल इसी उतार-चढ़ाव में असली दिक़्क़त छिपी है — कुल बारिश ठीक-ठाक दिख जाए, पर वह उस हफ़्ते न पड़े जिस हफ़्ते फ़सल को चाहिए थी।

YOU MAY ALSO LIKE

70 पार हैं तो इलाज का हक़ अलग

चार साल की डिग्री, तो पीजी एक साल में

कुल बारिश बनाम सही वक़्त की बारिश: पूरे सीज़न का औसत ठीक निकल सकता है, और फिर भी एक ज़िले की फ़सल मारी जा सकती है।

देश का औसत आँकड़ा है। किसान के लिए सवाल छोटा है — मेरे ब्लॉक में, फूल आने वाले पखवाड़े में पानी गिरा या नहीं?

एक नज़र में

• जून 2026: 1901 के बाद का पाँचवाँ सबसे सूखा जून
• जुलाई की शुरुआत में: सीज़न की कमी क़रीब 40%
• महीने के दौरान: कमी घटकर 14%, फिर 24%, फिर 21-24 जुलाई की बारिश के बाद क़रीब 15%
• जुलाई का अपना आँकड़ा: औसत 280.4 मिमी से लगभग 10% कम
• 13 जुलाई तक: 741 में से 397 ज़िलों में सामान्य से कम बारिश
• मौसम विभाग का अगस्त अनुमान: औसत का 97%, ऊपर-नीचे 9 फ़ीसदी अंक तक
• बुवाई: तिलहन, मोटे अनाज और दालों का रकबा पिछले साल से कम

अब सीधी बात यह है कि इसका असर कहाँ दिखेगा। जिन फ़सलों का रकबा घटा है — तिलहन, मोटा अनाज और दालें — उन्हीं की क़ीमत सबसे पहले हिलती है। खाने के तेल और दाल पर देश पहले से आयात पर टिका है, इसलिए घरेलू पैदावार कम रहने का मतलब है कि बाज़ार का भाव बाहर की क़ीमत से तय होगा। जून के महँगाई आँकड़ों में खाने-पीने की चीज़ों की महँगाई 5.32 फ़ीसदी थी और गाँवों में कुल महँगाई 4.74 फ़ीसदी — शहरों के 3.92 से साफ़ ज़्यादा। यानी जो घर पहले से खाने पर सबसे बड़ा हिस्सा ख़र्च करता है, बारिश की गड़बड़ी उसी को सबसे पहले लगती है। जुलाई के आँकड़े बुधवार, 12 अगस्त को आएँगे।

बड़ी बात यह है कि अगस्त का अनुमान राहत देने वाला है — मौसम विभाग के मुताबिक़ इस महीने औसत की 97 फ़ीसदी बारिश हो सकती है। जिन किसानों की बुवाई पिछड़ी है, उनके लिए दो काम अब भी हाथ में हैं: कम अवधि वाली क़िस्में, जो देर से बोने पर भी वक़्त पर तैयार हो जाती हैं, और खेत का पानी खेत में रोकने वाले छोटे इंतज़ाम — मेड़बंदी, खेत तालाब, ड्रिप और स्प्रिंकलर। मानसून हर साल अलग रहेगा, यह तय है। जो बदला जा सकता है वह यह है कि जो पानी गिरा, उसमें से कितना छह हफ़्ते बाद भी खेत के काम आए।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation