ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।आईआईटी से पढ़ाई के बाद लाइफ सेट मानी जाती है लेकिन यहां तक पहुंचना भी कई छात्रों का सपना रहा है। आईआईटी से पढ़ाई के बाद कुछ छात्र प्रोग्रामिंग सीखकर एप बनाना चाहते हैं, तो कुछ बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी करने का सपना देखते हैं लेकिन स्पातिका प्रसाद की कहानी अलग है। ये वो शख्सियत हैं, जिन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 मिशन के लिए ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने में योगदान दिया, जिसने रॉकेट लॉन्च मिशन में अहम भूमिका निभाई। अब वो एक नए सफर में निकल चुकी हैं, जो विदेश में जाकर पूरा होगा। इन दिनों इनकी कहानी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है।
आईआईटी मद्रास से स्पेस मिशन तक
स्पातिका प्रसाद ने स्काईरूट एयरोस्पेस में एम्बेडेड सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए विक्रम-1 मिशन के लिए अहम सॉफ्टवेयर विकसित करने में योगदान दिया। विक्रम-1 भारत का पहला निजी (प्राइवेट) ऑर्बिटल रॉकेट मिशन है। हालांकि उनका काम पर्दे के पीछे था, लेकिन मिशन को सफल बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। मीडिया ने आईआईटी मद्रास बीएस प्रोग्राम्स के हवाले से बताया कि स्पातिका प्रसाद ने रॉकेट के लिए फ्लाइट सीक्वेंस सॉफ्टवेयर, प्री-लॉन्च ग्राउंड चेक सॉफ्टवेयर और ऑनबोर्ड-इन-द-लूप सिमुलेशन सिस्टम विकसित करने के साथ उनकी टेस्टिंग का काम किया। ये सभी सिस्टम लॉन्च से पहले यह सुनिश्चित करते हैं कि रॉकेट उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है।
जब विक्रम-1 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी, तो यह स्पातिका के लिए सिर्फ एक सफल मिशन नहीं था, बल्कि उनकी मेहनत, तकनीकी कौशल और सपनों की बड़ी उपलब्धि भी थी।
स्काईरूट एयरोस्पेस में काम करने के साथ-साथ स्पातिका ने आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम की पढ़ाई भी पूरी की। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने प्रोग्रामिंग, डेटा साइंस और विश्लेषणात्मक सोच जैसे विषयों में अपनी समझ को और मजबूत किया।
स्पातिका की यह जर्नी बताती है कि आज के दौर में इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग यानी एक से अधिक विषयों की पढ़ाई एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एम्बेडेड सिस्टम्स जैसे उभरते क्षेत्रों में सफलता के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती जा रही है।
नीदरलैंड्स में करेंगी मास्टर्स की पढ़ाई
अब स्पातिका प्रसाद अपने करियर की एक और बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रही हैं। उन्हें नीदरलैंड्स की आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में मास्टर्स प्रोग्राम में दाखिला मिल गया है। वह वहां अपनी उच्च शिक्षा की शुरुआत करेंगी।












