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कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 अहमदाबाद में होंगे… इकॉनमी को मिलेगी बूस्टर डोज

2047 तक ‘विकसित भारत’ मिशन में बनेंगे मील का पत्थर शहर और देश की बदलेगी तस्वीर, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
November 30, 2025
in the blitz
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विनोद शील

नई दिल्ली। एक बार फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। इस बार खेलों का यह महाकुंभ 2030 में आधिकारिक रूप से अहमदाबाद में सजेगा। निश्चित तौर पर अनेक क्षेत्रों में इन खेलों के आयोजन से भारतीय अर्थव्यवस्था को एक और बड़ी बूस्टर डोज मिलेगी जो भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ मिशन को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।
यही नहीं, 2036 के ओलंपिक खेलों के दावे की भी यह एक मजबूत आधारशिला बनेगी। इससे कई क्षेत्रों में रोजगार का सृजन भी होगा। भारत की बदली खेल नीति का ही यह परिणाम है कि अब 20 साल बाद एक बार फिर इन खेलों के आयोजन का मौका देश को मिल रहा है।
वस्तुतः यह अवसर केवल खेलों का महोत्सव नहीं बल्कि भारत की वैश्विक पहचान, गुजरात की विकास यात्रा और अहमदाबाद के आधुनिकीकरण का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। भारत ने इससे पहले 2010 में दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी। अब ठीक 20 साल बाद यह प्रतिष्ठित खेल फिर भारत लौट रहे हैं एवं इस बार आयोजन होगा एक ऐसे शहर में जिसकी पहचान आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज विकास और बड़ी खेल-दृष्टि से जोड़ी जाने लगी है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी से भारत की अर्थव्यवस्था को कई तरह से लाभ होगा, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को बढ़ावा, रोजगार के अवसर पैदा होना और स्पोर्ट्स इकोनॉमी को मजबूत करना शामिल है। इससे रियल एस्टेट, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में तेजी आएगी जबकि पर्यटन से होटल और रेस्तरां को फायदा होगा। हालांकि, एक बड़े आयोजन की निर्माण लागत काफी अधिक हो सकती है जिससे शुद्ध लाभ का अभी आकलन संभव नहीं है लेकिन इसके संभावित प्रभाव के बारे में अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है।

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संभावित प्रभाव
बुनियादी ढांचे का विकास: खेलों के लिए स्टेडियम, एथलीट गांव, और प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण होगा। सड़कों, मेट्रो और हवाई अड्डों जैसे परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी विस्तार किया जाएगा।
रोजगार सृजन: निर्माण, पर्यटन, होटल और परिवहन जैसे क्षेत्रों में लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी।
पर्यटन को बढ़ावा: विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में एथलीटों, अधिकारियों और पर्यटकों के आने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक गतिविधि में तेजी: खेल आयोजनों से संबंधित प्रायोजन, टिकट बिक्री, प्रसारण अधिकार और स्मृति चिन्हों की बिक्री से राजस्व उत्पन्न होगा।
स्पोर्ट्स इकोनॉमी का विस्तार: यह आयोजन भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा और खेल से संबंधित अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
वैश्विक छवि में सुधार: भारत एक स्थिर और सक्षम खेल राष्ट्र के रूप में अपनी छवि को मजबूत करेगा।

संभावित चुनौतियां
अधिक लागत: इतने बड़े पैमाने के आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण की लागत बहुत अधिक हो सकती है जो उत्पन्न राजस्व से अधिक हो सकती है जिससे शुद्ध लाभ पर अनिश्चितता हो सकती है।
अतीत के अनुभव: दिल्ली में 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के दौरान उम्मीदों में भारी गिरावट आई थी क्योंकि कुछ संगठन अराजक थे।
रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को होगा लाभ: नए खेल मैदानों, खेल गांवों और बुनियादी ढांचे के निर्माण से रियल एस्टेट डेवलपर्स को फायदा होगा। नए होटलों के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और मौजूदा होटलों में ‘राजस्व प्रति औसत कमरा’ बढ़ेगा। रियल एस्टेट डेवलपर्स को खिलाड़ियों के लिए खेल के मैदान, खेल गांव, ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर आदि बनाने होंगे जिससे रियल एस्टेट डेवलपर्स कंपनियों को कई नए प्रोजेक्ट्स मिलेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर में वर्ल्ड क्लास हाईवे, मेट्रो लिंक और एयरपोर्ट्स आदि को भी विस्तार दिया जाएगा। ऐसे में इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के शेयर लगातार फोकस में रहेंगे। मौजूदा समय में अडाणी रियल्टी (लिस्टेड नहीं है।), अरविंद स्मार्टस्पेस, गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं।
इन कंपनियों के शेयर पर रहेगी सबकी नजर
कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्टर्स के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के शेयर भी फोकस में रहेंगे। एल एंड टी, एचसीसी, जीएमआर जैसी अन्य बड़ी इंफ्रा कंपनियां भी फोकस में रहेंगी।
होटल करोबार को भी होगा तगड़ा फायदा
आईटीसी, इंडियन होटल्स आदि कंपनियों के शेयरों पर भी नजर बनाए रखनी होगी। इन कंपनियों को भी कॉमनवेल्थ गेम से तगड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

क्या करें निवेशक
एक निवेशक के तौर पर अब जरूरी है कि लगातार राज्य और केंद्र सरकार की घोषणाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए। साथ ही इस सेक्टर्स में काम करने वाली कंपनियों की वित्तीय स्थिति, शेयरों के प्रदर्शन सहित अन्य वर्क ऑर्डर आदि पर ध्यान दें। किसी सेगमेंट में कुछ हलचल होती है तो इसका फायदा कंपनी को जरूर मिलेगा।
हालांकि, कोई भी निवेश करने से पहले शेयरों पर ठीक से नजर रखना भी जरूरी है क्योंकि हमेशा ध्यान रखें कि शेयर बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

निर्णायक फैक्टर
1. गुजरात ने एक विस्तृत “स्पोर्ट्स सिटी” अवधारणा और खेल गांव की योजना पहले ही तैयार कर रखी थी। सरकारी एजेंसियों ने कॉमनवेल्थ समिति को शहर की प्रस्तुतियों के माध्यम से यह महसूस कराया कि अहमदाबाद एक “आदर्श और तैयार” शहर है।
2. भारत की खेल नीति की नई दिशा– भारत की नई खेल नीति में बड़े टूर्नामेंट लाना, स्थानीय प्रतिभाओं को निखारना, खेल को उद्योग के रूप में विकसित करना आदि जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य रखे गए हैं। अहमदाबाद की मेजबानी इसी दिशा का हिस्सा है।

क्या-क्या बदलेगा अहमदाबाद शहर में?
मे जबानी मिलने के तुरंत बाद गुजरात सरकार और केंद्र दोनों ने मिलकर एक विस्तृत योजना पर काम शुरू किया है। योजनाओं में शामिल हैं-
1. नया और आधुनिक खेल गांव
एथलीटों, अधिकारियों व प्रतिनिधियों के लिए पूरी तरह आधुनिक, टिकाऊ और सुरक्षित आवासीय ढांचा। इस जगह को आयोजन खत्म होने के बाद किफायती आवास और स्पोर्ट्स हॉस्टल के रूप में विकसित किया जाएगा।
2. मल्टी-स्पोर्ट्स एरेना एवं नए स्टेडियम
एथलेटिक्स, स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स, शूटिंग, कुश्ती आदि के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले स्टेडियम। मौजूदा स्टेडियमों को भी अपग्रेड किया जा रहा है ताकि सभी विश्वस्तरीय मानक पूरे हों।
3. ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का विस्तार
मेट्रो के नए कॉरिडोर, बीआरटीएस का विस्तार, मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एआई आधारित सिस्टम।
4. सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा सर्वोपरि होती है। इसके लिए बहु-स्तरीय निगरानी, कमांड सेंटर और मेडिकल-इमरजेंसी सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं।
पिछले वर्षों में किन देशों ने की मेजबानी
कॉमनवेल्थ गेम्स की एक लंबी और गौरवशाली श्रृंखला रही है। इनको मुख्यतः कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने कई बार होस्ट किया है। एशिया महाद्वीप में ये खेल बहुत कम आए हैं और भारत इसका प्रमुख आयोजक रहा है। 2010 के बाद अब 2030 संस्करण भारत में आयोजित होगा।

भारत और गुजरात को मिलने वाले फायदे
2030 के आयोजन से न केवल अहमदाबाद बल्कि पूरे भारत को बहुआयामी लाभ होंगे।
1. खेल प्रतिभा को बड़ा मंच : भारतीय खिलाड़ी अपने घरेलू माहौल में खेलेंगे जिससे प्रदर्शन बेहतर होगा और नई प्रतिभाएं तेजी से उभरेंगी।
2. रोजगार और आर्थिक उछाल : निर्माण कार्य, पर्यटन, होटेल कारोबार, ट्रांसपोर्ट सेवाएं, इवेंट मैनेजमेंट, हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।
3. शहर का दीर्घकालिक विकास : खेलों के लिए बने स्टेडियम और सुविधाएं आने वाले दशकों तक राष्ट्रीय खेलों, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स और प्रशिक्षण केंद्रों में उपयोग की जाएंगी।
4. वैश्विक पहचान और निवेश : अहमदाबाद को दुनिया के नक्शे पर “स्पोर्ट्स कैपिटल” के रूप में स्थापित करने का मौका मिलेगा। विदेशी निवेश में वृद्धि और पर्यटन में भारी उछाल की संभावना है।
5. 2036 ओलिंपिक बोली के लिए आधार : भारत लंबे समय से ओलिंपिक की बोली पर विचार कर रहा है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की सफल मेजबानी इस दिशा में सबसे मजबूत कदम मानी जाएगी।
6. अहमदाबाद का “मास्टरप्लान : 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) और भविष्य की तैयारी
7.अहमदाबाद शहर का मुख्य ढांचा, खेल, शहर, और कनेक्टिविटी, तीनों का समन्वय शहर को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

– इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयर से होगा लाभ
– 2036 के ओलंपिक दावे को भी देंगे मजबूती

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