• Latest
  • Trending

कल के हथियारों से आज जंग नहीं जीत सकतेः सीडीएस

July 25, 2025
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
Friday, November 6, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

कल के हथियारों से आज जंग नहीं जीत सकतेः सीडीएस

बोले, पाक के ड्रोन हमले में नुकसान नहीं हुआ

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 25, 2025
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि हम कल के हथियारों से आज की लड़ाई नहीं जीत सकते। आज के जंग जीतने के लिए भविष्य के हथियारों की जरूरत है। उन्होंने ड्रोन और काउंटर-अनमैड एरियल सिस्टम (सी-यूएएस) यानी एंटी ड्रोन सिस्टम में स्वदेशी तकनीक पर भी जोर दिया। सीडीएस ने कहा कि ड्रोन आज की हकीकत है। हाल के संघर्षों में उनके बड़े पैमाने पर इस्तेमाल ने दिखाया है कि कैसे ड्रोन जंग पर रणनीतिक रूप से असरदार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा, सेना ने क्रांतिकारी तरीके से ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमारे लड़े गए कई युद्धों में आपने यह देखा है।’ सीडीएस ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने 10 मई को हथियार रहित ड्रोन का इस्तेमाल किया। हालांकि उनमें से कोई भी वास्तव में ये हमारे किसी भी मिलिट्री या सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके। ‘उनमें से अधिकतर को मार गिराया गया जबकि कुछ को जस की तस अवस्था में बरामद किया गया।’
‘विदेशी तकनीकों पर निर्भर न रहें’
सीडीएस ने जोर देकर कहा कि हम विदेश से इम्पोर्ट की गई उन टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रह सकते, जो हमारे आक्रामक और डिफेंस की मुहिम के लिए अहम है। ये हमारी युद्ध तैयारियों को कमजोर करती है। उन्होंने कहा, ‘विदेशी तकनीकों पर निर्भरता प्रोडक्शन बढ़ाने की हमारी क्षमता को सीमित करती है। इससे अहम पुर्जों की कमी होती है।’ उन्होंने कहा कि विदेशी हथियारों, सेसर और उनकी क्षमताओं से सभी वाकिफ है। दुश्मन इन प्रणालियों की क्षमता के आधार पर हमारी रणनीति का आकलन कर सकता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर ने बताया स्वदेशी ड्रोन क्यों जरूरी’
जनरल चौहान ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया है कि क्यों स्वदेशी रूप से विकसित ड्रोन और सी-यूएस हमारे क्षेत्र और हमारी जरूरतों के लिए अहम है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। ‘यदि हम खुद इन प्रणालियों को विकसित करें, तो कम से कम शुरुआती संघर्षो में आश्चर्य पैदा करने वाला एक तत्व जोड़ा जा सकता है।’
सीडीएस ने कहा, ‘सुरक्षा बलों की आमने-सामने की लड़ाई के उलट इस तरह के परोक्ष युद्ध में तेजी के बीच ड्रोन और यूएवी एक क्रांतिकारी शक्ति के रूप में उभरे हैं। भारत जैसे देश के लिए यूएवी और सी-यूएएस तकनीक में आत्मनिर्भरता न केवल रणनीतिक रूप से जरूरी है, बल्कि यह भारत को अपनी नियति तय करने, अपने हितों की रक्षा करने और भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने के लिए सशक्त बनाने के बारे में भी है।’

ड्रोन का असमान इस्तेमाल बड़े प्लेटफॉर्म्स को संवेदनशील बना रहा है। हाल के संघर्षो में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल ने दिखाया है कि कैसे ड्रोन जंग पर रणनीतिक रूप से असरदार साबित हो सकते हैं।
– जनरल अनिल चौहान, सीडीएस

YOU MAY ALSO LIKE

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation