• Latest
  • Trending
अनेक सवाल खड़े कर गया कोलकाता कांड

अनेक सवाल खड़े कर गया कोलकाता कांड

August 30, 2024
solar

288 गीगावॉट के बाद का सवाल: भारत शाम की बिजली कहां रखेगा

July 27, 2026
vikram

तीन जांचें और पूरी: गगनयान उन पड़ावों से गुज़रा जिनकी तस्वीरें नहीं छपतीं

July 27, 2026
ev-charging

हर आठ में एक: इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने वह लकीर पार कर ली जो अब पीछे नहीं जाएगी

July 27, 2026
export

बारह दिन शुल्क-मुक्त: भारत–ब्रिटेन समझौते ने ज़मीन पर क्या बदला

July 27, 2026
exam

छह लोग, एक परीक्षा हॉल: भारत ने अपनी परीक्षा व्यवस्था टास्क फोर्स के हवाले की

July 27, 2026
सुप्रीम कोर्ट

‘साल भर नज़र रखेंगे’: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले को लगातार निगरानी में बदल दिया

July 27, 2026
semiconductor

₹1.27 लाख करोड़, दूसरा चरण: अपनी चिप बनाने की राह पर भारत का बड़ा दांव

July 27, 2026
mansoon

16 से 6 फ़ीसदी: देर से आई बारिश के बाद तेज़ी से भरता खरीफ़ बुवाई का अंतर

July 27, 2026
Congratulations to Mirabai Chanu

सोने की हैट्रिक: मीराबाई चानू ने तोड़ डाले मुक़ाबले के सारे रिकॉर्ड

July 27, 2026
bharat-jal-suraksha-rainwater-harvesting-2026

बारिश के बाद का असली सवाल: भारत अपना पानी कहां रखेगा

July 27, 2026
व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

प्रोटेस्ट, पॉलिटिक्स और अराजकता!

July 27, 2026
modi

सरकार छात्रों के साथ, पेपर लीक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट ः मोदी

July 27, 2026
Tuesday, July 28, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अनेक सवाल खड़े कर गया कोलकाता कांड

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 30, 2024
in दृष्टिकोण
0
अनेक सवाल खड़े कर गया कोलकाता कांड
दीपक द्विवेदी

गत 9 अगस्त की रात पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रतिष्ठित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई दर्दनाक घटना और उसके बाद जो कुछ देश में हुआ; वह अनेक सवाल खड़े कर गया। एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ बर्बर दुष्कर्म और हत्या की घटना ने जहां पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, वहीं इस वारदात ने हमारे समाज की खोखली हो रही संवेदनाओं तथा चरित्र निर्माण में हो रही गंभीर चूकों को भी उजागर कर दिया है। भारत वह देश है जो नारी को देवी के रूप में पूजता है पर जब-तब एक के बाद एक हो रही ऐसी घटनाएं सामने आती रहने से नारी को पूज्य मानने की सारी मान्यताएं तार-तार होती नजर आती हैं।

आज जब हम देश को विकसित भारत बनाने की बात कर रहे हैं तो ऐसे में इतनी क्षुद्र और निम्नतर स्तर की घटनाएं हमें अपने समाज में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शर्मसार कर रही हैं। किसी भी देश को केवल पुरुष समाज ही विकसित नहीं बना सकता। देश ही क्या, समाज की पहली इकाई परिवार से लेकर विश्व तक को अगर विकसित करना है तो वह महिलाओं की समान भागीदारी के बिना संभव नहीं। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी को और सशक्त बनाने की बात कर रहे हैं तथा विकसित भारत के निर्माण में आधी आबादी की भूमिका को अनिवार्य करार दे रहे हैं तो ऐसे में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किए बिना इतना बड़ा लक्ष्य कैसे प्राप्त किया जा सकता है? बात सिर्फ कार्यस्थल की ही नहीं; हर जगह नारी सुरक्षित हो; हमें यह सुनिश्चित करना होगा।

YOU MAY ALSO LIKE

व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने के लिए इसरो का बड़ा कदम

कोलकाता कांड और महाराष्ट्र के बदलापुर में दो बच्चियों के यौन शोषण जैसी तमाम वारदातों को लेकर देशभर में कायम आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अक्षम्य हैं। मैं देश के हर राजनीतिक दल, हर राज्य सरकार से यही कहूंगा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध का दोषी कोई भी हो, बचना नहीं चाहिए। उसको किसी भी तरह से मदद करने वाले भी बचने नहीं चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अक्षम्य हैं।
अत: अब सिर्फ रिपोर्ट हो जाने मात्र से शोषण और दुष्कर्म नहीं रुकने वाला। इसके लिए हर स्तर पर कठोरतम व्यवस्थाएं बनानी होंगी।

इसमें कोई दोराय नहीं कि ऐसे अपराधी किसी भी वजह से बचने नहीं चाहिए। ऐसा प्रतीत होता है कि निर्भया कांड के बाद दुष्कर्म व हत्या के संबंध में कानूनों में जो सख्त प्रावधान किए गए; उनका कोई खौफ अपराधियों में नहीं है। वस्तुत: होना तो यह चाहिए कि दुष्कर्म से जुड़े कानून इतने सख्त हों कि अपराध करने का ख्याल आने से पहले ही अपराधी की रुह कड़े कानूनों व सख्त सजा के भय से ही कांप जाए।

इसी के साथ एक अन्य सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या डॉक्टर जैसे पेशे से जुड़े लोगों को हड़ताल पर जाना चाहिए? इसमें कोई शक नहीं कि डॉक्टर पृथ्वी पर दूसरे भगवान हैं और उनकी सुरक्षा हर हाल में होनी ही चाहिए। इसीलिए देश के सुप्रीम कोर्ट ने भी यह सत्य प्रतिपादित किया कि न्याय व चिकित्सा कभी हड़ताल पर नहीं हो सकते और संभवत: यह मूल मंत्र अन्य और ऐसी आवश्यक सेवाओं पर भी लागू होता है कि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में हड़ताल पर नहीं जाएं ताकि आम आदमी के समक्ष संकट खड़ा न हो।

इन दिनों प्रश्न अब यह भी उठ रहे हैं कि क्यों हम समाज में औरतों के साथ इस तरह की दरिंदगी रोक नहीं पा रहे हैं? उत्तर यही है कि पुरुष प्रधान हमारे देश में समाज के बड़े नेता व लोग भी दुष्कर्म जैसे घृणित अपराध को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। नाम लेने की आवश्यकता नहीं पर अनेक नेता ऐसे भी हैं जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से दुष्कर्मियों के साथ खड़े दिखाई देते हैं। कई नेता तो ऐसे भी है जो स्वयं इस प्रकार के गंभीर आरोपों से आरोपित हैं। इसी क्रम में पिछले कुछ दिनों से जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट भी मलयालम फिल्म उद्योग में चर्चा में है। मलयाली फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्रियां किस तरह शोषण का शिकार होती हैं, इसकी कहानी जैसे रिपोर्ट का हर पृष्ठ कहता है। ऐसी ही खबरें बॉलीवुड या अन्य जगह की भी आती रहती हैं। तमाम रिपोर्टों में लिखा गया कि हर दिन भारत में सौ दुष्कर्म होते हैं। यह आंकड़े भी हम तभी याद करते हैं जब किसी एक दुष्कर्म को लेकर हल्ला मचता है। इसलिए भी यह और आवश्यक हो जाता है कि दुष्कर्म जैसे घृणित अपराधों में कठोरतम सजा का प्रावधान किया जाए ताकि किसी को भी संरक्षण प्राप्त न हो सके। अत: अब सिर्फ रिपोर्ट हो जाने मात्र से शोषण और दुष्कर्म नहीं रुकने वाला। इसके लिए हर स्तर पर कठोरतम व्यवस्थाएं बनानी होंगी।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation