• Latest
  • Trending
jai shree ram

प्रभु बिलोकि हरषे पुरबासी…

January 26, 2024
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Wednesday, September 16, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

प्रभु बिलोकि हरषे पुरबासी…

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 26, 2024
in दृष्टिकोण
0
jai shree ram
डॉ. सीमा द्विवेदी

अयोध्या। राम आ रहे हैं, यह सूचना मिली तो पूरी नगरी जुट गई अयोध्या को सजाने में। भरत के कहने पर शत्रुघ्न ने हजारों कारीगरों को काम पर लगा दिया। रास्तों को संवारा गया, फूल बिछाए गए, ठंडे जल का छिड़काव हुआ। हर कोना रोशनी से भर उठा, हर गली गमक उठी। वह इंतजार 14 बरसों का था। यह इंतजार सदियों का। इस बार श्रीराम ने ज्यादा कड़ी परीक्षा ली कोसलवासियों की लेकिन, अब जब वह विराजे, तो नगरी फिर वैसी ही सजी-संवरी। अयोध्या के आसमान पर कई दिनों से छाए बादल भी छंट गए। सूरज की किरणों से अभिषेक हुआ नए राम मंदिर के शिखर का और जैसे ही श्रीराम के भव्य बालरूप की प्रतिमा सामने आई, अयोध्या की प्रतीक्षा का हर पल सार्थक हो गया। भाव आंखों से बहे, पैर थिरक उठे, करबद्ध हो गए। कंठ से बस दो ही बोल फूटे, ‘जय श्रीराम’।

आसमान से पुष्प वर्षा
नीचे मंगल गान हुआ और आसमान से हेलिकॉप्टर के जरिये पुष्प वर्षा की गई। तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा है, ‘अवधपुरी प्रभु आवत जानी। भई सकल सोभा के खानी।’ यानी प्रभु के आने की सूचना पाकर अवधपुरी संपूर्ण शोभाओं की खान हो गई। वही पक्तियां, वही दृश्य दोहराए गए फिर से। सुंदरता का कोई पैमाना नहीं, जिसे पार न कर दिया हो अयोध्या ने। बेहद खास रहा रामनगरी का यह सूर्योदय। ठंड में जब सूर्यदेव भी अंगड़ाइयां ले रहे होते हैं, तब शहर जग चुका था। हर छोटे-बड़े मंदिर सजाया गया था और जगह-जगह भंडारे लगे थे।

– वह इंतजार 14 बरसों का था, यह सदियों का
– कंठ से बस दो ही बोल फूटे, ‘जय श्रीराम’
– रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अद्भुत रही अयोध्या की शोभा

पुलिस भी राम रंग में
सड़कों पर पुलिस की भीड़ थी, लेकिन वह भी राम रंग में रंगी। 1990 में कारसेवकों पर गोलीबारी और 1992 के ढांचा ध्वंस के बाद से जो शहर हमेशा तनाव की चादर ओढ़े रहा, वह जैसे सारी बंदिशों से मुक्त हो जाना चाह रहा हो कि जैसे आज से उसकी पहचान ध्वंस से नहीं बल्कि निर्माण होगी। अब से वह सनाथ होगा। सूर्य पथ पर पिछले दस दिनों के मुकाबले भीड़ कुछ भी नहीं थी। वजह कि सुरक्षा के लिहाज से जनता की एंट्री बंद कर दी गई थी। कुछ ने पूरी रात ठंड में बिताई, सड़क किनारे।

दुकान के बाहर रात काटी
लता चौक जो सोशल मीडिया का पसंदीदा बना हुआ है, ­­­उसी के पास मिले मध्य प्रदेश के दमोह से आए भिम्मा, उजियार। रविवार को ही वे अयोध्या पहुंचे थे। पता नहीं था कि इस समय कहीं ठिकाना नहीं मिलेगा। एक दुकान के बाहर उन्होंने रात काटी और सुबह- सबेरे सरयू में स्नान कर चौक के पास खड़े हो गए। इसी सूर्यपथ पर पुलिस बैरिकेडिंग के पीछे, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दर्जनों कैमरे स्टैंड्स लगे थे, जिनके बीच में मिले बस्ती जिले के घूमे। ‘रात कहां कटी आपकी ?’ राम नाम जपना छोड़कर उन्होंने देखा और कहा, ‘रात में भागवत कथा के पंडाल में सो गए थे।’ वह कहते हैं, ‘बस एक बार रामलला के दर्शन हो जाएं, फिर चला जाऊंगा। बस एक झलक और।’

कोई खंभों से लिपटा तो किसी की हुई आंखें नम
अ योध्या। प्रभु श्रीराम चंद्रजी अनंत हैं। उनके गुण भी अनंत हैं और उनकी कथाओं का विस्तार भी असीम है। गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीराम चरितमानस में लिखा है, ‘राम अनंत अनंत गुन अमित कथा बिस्तार।’ अयोध्या के रामलला के दर्शन की अधीरता सुबह से ही संत समाज में दिख रही थी। जैसे ही प्रधानमंत्री ने प्राण प्रतिष्ठा की और वह कुबेर टीले की तरफ बड़े, साधुओं ने अपनी राह पकड़ ली। यह रास्ता था राम दरबार का, रामलला को निहारने का। राम रस में पगे साधुओं के कदमों की तेजी उनके मन की अकुलाहट बयान कर रही थी। संत समाज को प्राण प्रतिष्ठा के बाद सबसे पहले दर्शन का मौका।

आठ हजार विशिष्ट अतिथि
अयोध्या में बने मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन में तकरीबन आठ हजार लोग आमंत्रित थे। पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत की उपस्थिति में रामलला की पूजा की, आरती की और उनकी आंखों से पट्टी हटाई।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत का बढ़ा रुतबा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

बारी का इंतजार
इस वक्त तक दर्शक दीर्घा में विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठे अयोध्या और देश के संत समाज के लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही दर्शन की घड़ी आई तो अन्य विशिष्ट अतिथियों से पहले संत समाज को दर्शन का पहला मौका दिया गया। सीढ़ियों पर भागते साधु जैसे ही रामलला के मंदिर में दाखिल हुए वे वहीं साष्टांग हो गए। कोई मंदिरों में जड़े पत्थरों को छू रहा था तो कोई खंभों से लिपट रहा था। दिगंबर अखाड़े के साधु तो मंदिर की चौखट को बार-बार आंखों में आंसू, मन में अधीरता और भव्य मंदिर के द्वार को चूम रहे थे। सभी संतों की आंखों में आंसू थे। इस पल का वे वर्षों से इंतजार कर रहे थे।

साधु समाज में इस अनमोल पल को कैमरे में कैद करने की भी अकुलाहट थी। ज्यादातर साधुओं के हाथों में मोबाइल थे। कोई तस्वीरें खींच रहा था तो कोई विडियो बना रहा था। साधु एक- दूसरे से गले मिलकर बधाई दे रहे थे। छोटी छावनी से आए साधु तो बार-बार ‘प्रभु की कृपा भयउ सब काजू। जनम हमार सुफल भा आजू।’ चौपाई गा रहे थे।

साधु, विशिष्टजनों से मिले पीएम
कार्यक्रम पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दर्शक दीर्घा के करीब जाकर साधु संतों और विशिष्ट जनों से मुलाकात की। दीर्घा में बैठी साध्वी ऋतंभरा ने आंखों में आंसू लिए पीएम के हाथ जोड़े। पीएम ने भी उनके हाथों को छूकर उन्हें ढांढस बंधाया। पीएम ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य के हाथ हाथ छुए।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation