• Latest
  • Trending
suprem-court

अब चेक बाउंस होने पर नहीं जाना पड़ेगा जेल

September 13, 2025
Fire

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

July 4, 2026
pm-modi-addresses-ias-trainee-officers-citizen-devo-bhava-viksit-bharat-2047.webp

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

July 4, 2026
International-Yoga-Day-2026.webp

दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी है योग

July 4, 2026
rajasthan-pakistan-border-special-watch-zone-security-plan.webp

भारत-पाकिस्तान सरहद का नया ‘सुरक्षा ब्लूप्रिंट’तैयार

July 4, 2026
highway-750x375.webp

केएमपी एक्सप्रेसवे पर दौड़ेगा विकास

July 4, 2026
metro

नए कॉरिडोर से 40 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर

July 4, 2026
दिल्ली की बेटियों ने किया कमाल ः 8 साल की उम्र, 18 विश्व रिकॉर्ड

दिल्ली की बेटियों ने किया कमाल ः 8 साल की उम्र, 18 विश्व रिकॉर्ड

July 4, 2026
सरकारी राहत ने दी मुंबई में रीडेवलपमेंट को रफ्तार

सरकारी राहत ने दी मुंबई में रीडेवलपमेंट को रफ्तार

July 4, 2026
देश में पहली बार कपड़ा व्यापारियों के लिए भी थाना

देश में पहली बार कपड़ा व्यापारियों के लिए भी थाना

July 4, 2026
बटन दबाइए, पैदल यात्रियों के लिए रुक जाएंगी गाड़ियां…

बटन दबाइए, पैदल यात्रियों के लिए रुक जाएंगी गाड़ियां…

July 4, 2026
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की सुरंगों में पहली बार टनल हुड का प्रयोग

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की सुरंगों में पहली बार टनल हुड का प्रयोग

July 4, 2026
विकास के रोडमैप से और चमकेगा पूर्वोत्तर का चेहरा

विकास के रोडमैप से और चमकेगा पूर्वोत्तर का चेहरा

July 4, 2026
Sunday, July 5, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

अब चेक बाउंस होने पर नहीं जाना पड़ेगा जेल

सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, हाईकोर्ट का फैसला पलटा

by Blitzindiamedia
September 13, 2025
in the blitz
0
suprem-court

YOU MAY ALSO LIKE

भ्रष्टतंत्र पर प्रहार जरूरी

हमेशा याद रखें, प्रशासन से जुड़ी हर फाइल के पीछे मानवीय पहलू हो आधार

प्रतीक चड्ढा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद शिकायतकर्ता के साथ समझौता कर लेता है, तो वह जेल की सजा से बच सकता है। कोर्ट ने अहम फैसले में कहा, एक बार पार्टियों के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषसिद्धि को बरकरार नहीं रखा जा सकता।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस का अपराध मुख्य रूप से दिवानी प्रकृति का है और इसे विशेष रूप से आपराधिक बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक निजी विवाद है, जिसे निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आपराधिक क्षेत्र में लाया गया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस निर्णय को पलटता है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बावजूद चेक बाउंस मामले में सजा को रद करने से इन्कार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दोनों पक्षकार समझौता दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते हैं और शिकायतकर्ता डिफॉल्ट राशि का पूर्ण और अंतिम निपटारा स्वीकार कर लेता है, तो धारा 138 के तहत कार्यवाही को बरकरार नहीं रखा जा सकता।
निपटान समझौते को नहीं
कर सकते नजरअंदाज
खंडपीठ ने फैसले में कहा- पक्षकार समझौता इसलिए करते हैं ताकि वे मुकदमेबाजी की लंबी प्रक्रिया से बच सकें। अदालतें इस तरह के समझौते को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 147 के तहत निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट में चेक बाउंस के अपराध को समझौता योग्य अपराध बनाया गया है, भले ही आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के प्रावधान इसके विपरीत हों। यह समझौता कार्यवाही के किसी भी चरण में हो सकता है, विशेष रूप से जब पक्षकार स्वेच्छा से सहमति पर पहुंचे हों।
43 लाख से अधिक मामले लंबित
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला छोटे व्यापारियों और व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा। दिसंबर, 2024 तक चेक बाउंस के 43 लाख से अधिक मामले लंबित थे। राजस्थान इस मामले में शीर्ष पर है, जहां 6.4 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

Plugin Install : Popular Post Widget need JNews - View Counter to be installed
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation