• Latest
  • Trending
राज्यपाल आरिफ बोले, मुझे भी हिंदू कहें

राज्यपाल आरिफ बोले, मुझे भी हिंदू कहें

February 3, 2023
parliament

कानून की किताब आकार लेने लगी: सुधारों से भरा सत्र काम पर उतरा

July 21, 2026
सुप्रीम कोर्ट

बड़ी बेंच: उच्चतम न्यायालय में जजों की संख्या 38 करने वाला विधेयक

July 21, 2026
export

समझौता अब ज़मीन पर: भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार से क्या बदलेगा

July 21, 2026
monsoon

पहाड़ों पर रेड अलर्ट बरकरार, बारिश अपने सबसे तीखे दौर में

July 21, 2026
semiconductor

चिप पर दांव: भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा अध्याय शुरू

July 21, 2026
इंग्लैंड ने जीती सीरीज़, लॉर्ड्स में रोहित ने रचा इतिहास

एक कठिन दौरा, और एक साफ़ सबक: इंग्लैंड में भारत की युवा टीम की परीक्षा

July 21, 2026
solar

खामोश बुनियाद: कैसे भारत का ऊर्जा-बदलाव हर साल थोड़ा और मज़बूत होता है

July 21, 2026
इंग्लैंड ने जीती सीरीज़, लॉर्ड्स में रोहित ने रचा इतिहास

सीरीज़ इंग्लैंड के नाम, पर लॉर्ड्स के इतिहास में रोहित का नाम

July 20, 2026
solar

स्वच्छ ऊर्जा की ओर भारत की चाल: सिर्फ़ पर्यावरण नहीं, एक बड़ा दांव

July 20, 2026
द ओडिसी बॉक्स ऑफिस

61 करोड़ का वीकेंड: द ओडिसी ने भारत में बनाया नोलन रिकॉर्ड

July 20, 2026
vegetable

महंगाई थोड़ी बढ़कर 4.38%, फिर भी राहत के दायरे में

July 20, 2026
monsoon

बारिश का चरम इसी हफ्ते: पहाड़ों पर हाई अलर्ट, मैदानों को राहत

July 20, 2026
Tuesday, July 21, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

राज्यपाल आरिफ बोले, मुझे भी हिंदू कहें

भारत में जन्मा हर शख्स हिंदू, अंग्रेजों ने धर्म के आधार पर बांटा था

by ब्लिट्ज़ इंडिया
February 3, 2023
in राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
0
राज्यपाल आरिफ बोले, मुझे भी हिंदू कहें

राज्यपाल आरिफ बोले, मुझे भी हिंदू कहें

ब्लिट्ज ब्यूरो

तिरुवनंतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का कहना है कि हिंदू एक धार्मिक शब्द नहीं है, यह भौगोलिक शब्द है। जो भी भारत में पैदा हुआ, उसे हिंदू कहा जाना चाहिए। आरिफ मोहम्मद ने कहा कि आपको मुझे भी हिंदू कहना चाहिए। अंग्रेजों ने लोगों को धर्म के आधार पर बांटा था। वे तिरुवनंतपुरम के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत में पैदा हुए हर शख्स को हिंदू कहलाने का अधिकार है। राज्यपाल तिरुवनंतपुरम में उत्तरी अमेरिका में बसे मलयाली हिंदुओं की ओर से आयोजित ‘हिंदू सम्मेलन’ का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने सर सैयद अहमद खान का यह संदर्भ उद् धृत किया ‘मुझे नहीं लगता कि हिंदू एक धार्मिक शब्द है, यह एक भौगोलिक शब्द है। जो कोई भी भारत में पैदा हुआ है, भारत में पैदा अनाज खाता है.. यहां की नदियों का पानी पीता है, वह हिंदू कहलाने का हकदार है।’ आरिफ मोहम्मद ने कहा, अंग्रेजों के समय में हिंदू, मुस्लिम और सिख जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था क्योंकि उन्होंने लोगों को धर्मों के आधार पर बांट दिया था।

कुछ लोग भारत के टुकड़े चाहते हैं

राज्यपाल ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत को सौ टुकड़ों में देखना चाहते हैं, इसलिए वे इस तरह का नकारात्मक प्रचार कर रहे हैं। यह उन लोगों की साजिश है जो भारत को अंधकार में देखना चाहते हैं। ये लोग उस समय के हालातों पर डॉक्यूमेंट्री क्यों नहीं बनाते जब अंग्रेज भारत में आए थे।

YOU MAY ALSO LIKE

एआई से भारत बनेगा 1000 अरब डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी

युद्ध के बावजूद बेअसर रहेंगे भारत-इस्राइल रक्षा संबंध

संपत्ति के लालच में आए थे विदेशी

उन्होंने कहा कि भारत गरीब देश नहीं था, इसीलिए बाहर से लोग भारत की संपत्ति के लालच में यहां आए थे लेकिन 1947 तक हम दक्षिण एशिया में गरीबी के प्रतीक बन गए। अब सब कुछ बदल गया है। आज भारतीय दुनिया की कई दिग्गज मल्टीनेशनल कंपनियों के मामले में शीर्ष पर है। इससे दुनिया को भारत की क्षमता का अहसास हो रहा है।

सुन्नी फेडरेशन बोली, सरकार के विरोध के नाम पर देश को बदनाम न करें

तिरुवनंतपुरम। सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन (एसएसएफ) ने कहा है कि देश की सत्तारूढ़ व्यवस्था को ठीक करने के लिए विरोध करना सही है लेकिन यह राष्ट्र के खिलाफ नफरत पैदा करके नहीं होना चाहिए। समस्त केरल जेम-इय्याथुल उलेमा के एपी कंथापुरम अबूबकर मुसलियार गुट के छात्र संगठन एसएसएफ के राज्य सम्मेलन में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए देश को बदनाम करने की कोई जरूरत नहीं है। इस्लाम नफरत को फासीवाद की ओर मोड़ना स्वीकार नहीं करता। प्रस्ताव में कहा गया है कि देश और उसकी सत्तारूढ़ व्यवस्था को दो अलग-अलग संस्थाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। सरकार के खिलाफ कड़ी आलोचना करते हुए भी राष्ट्र के मूल्यों को बिना कोई समझौता किए, बनाए रखा जाना चाहिए। हमारा देश युगों से धर्मनिरपेक्ष रहा है। उस संस्कृति को कलंकित नहीं किया जाना चाहिए।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation