• Latest
  • Trending
भगवान शिव के साथ यहां रुके थे लाखों देवी-देवता

पहाड़ पर 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां…

December 16, 2022
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Saturday, September 19, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

पहाड़ पर 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां…

विश्व धरोहर में शामिल होगी भारत की यह दुर्लभ विरासत

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 16, 2022
in राष्ट्रीय
0
भगवान शिव के साथ यहां रुके थे लाखों देवी-देवता

भगवान शिव के साथ यहां रुके थे लाखों देवी-देवता

ब्लिट्ज विशेष

अगरतला। अपनी 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध उनाकोटी को वर्ल्ड हेरिटेज नाम देने के लिए भेजा जा रहा है। उनाकोटी को नॉर्थ-ईस्ट का अंगोर वाट भी कहा जाता है। यहां भगवान गणेश की दुर्लभ और प्राचीन मूर्तियां हैं। इसके अलावा विशाल पहाड़ में उकेरी गई भगवान शिव, मां दुर्गा की मूर्तियां भी हैं।

त्रिपुरा का रघुनंदन हिल्स
त्रिपुरा के रघुनंदन हिल्स पर स्थित एक पहाड़ पर ये मूर्तियां उकेरी गई हैं। कहते हैं कि यहां पर 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां हैं। इन्हें किसने और कब बनाया इसका अंदाजा नहीं है लेकिन कहते हैं कि ये 8वीं या 9वीं सदी में बनाई गई थीं। विश्व धरोहर घोषित कराने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और सरकार, दोनों प्रयास कर रहे हैं। इतिहासकार पन्नालाल रॉय कहते हैं कि ये पत्थर की मूर्तियां बेहद दुर्लभ हैं। ये उन मूर्तियों की तरह हैं जो कंबोडिया के अंगोर वाट में बनी हैं। पन्नालाल इन मूर्तियों का अध्ययन कई वर्षों से कर रहे हैं। बंगाली में उनाकोटी का मतलब होता है एक करोड़ से एक कम, यानी 99,999,999। इसलिए यहां पर इतनी मूर्तियां हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने श्रीराम मंदिर के सीईओ

गडकरी बोले- सभी राज्य बाइक टैक्सी को दें मंजूरी

मूर्तियों पर प्रदूषण की मार
कई मूर्तियां खराब मौसम, प्रदूषण की वजह से खराब हो गई हैं। यहां पर कई स्थानों पर मूर्तियों के ऊपर से झरने बहते हैं।

रुके थे देवी देवता
कहते हैं कि उनाकोटी में एक रात के लिए भगवान शिव के साथ 99 लाख 99 हजार 999 देवी देवता रुके थे। जब से इस स्थान का संरक्षण एएसआई ने लिया है, तब से यहां के हालात थोड़े बेहतर हुए हैं।

खनन लगातार जारी
पुरातत्वविद लगातार यहां पर खनन का काम कर रहे हैं ताकि अन्य मूर्तियों की भी खोज की जा सके। हाल ही में केंद्र सरकार ने इस स्थान के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए 12 करोड़ रुपये दिए थे। लोग यहां पर्यटन और पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं लेकिन एएसआई मूर्तियों के पास किसी को जाने नहीं देती।

बनाया जा रहा पर्यटन स्थल
त्रिपुरा सरकार इन मूर्तियों के आसपास पर्यटन स्थल बना रही है। सरकार का मानना है कि यह उत्तर-पूर्व के प्राकृतिक, सांस्कृतिक धरोहरों और खजानों में से एक है। यहां पर दो तरह की मूर्तियां हैं। पहली पहाड़ों पर उकेरी गई मूर्तियां और दूसरी पत्थरों को काटकर बनाई गई मूर्तियां। सबसे प्रसिद्ध है भगवान शिव और विशालकाय गणेश की मूर्ति। भगवान शिव की मूर्ति को उनाकोटिश्वरा काल भैरवा बुलाया जाता है। यह करीब 30 फीट ऊंची है। भोलेनाथ के सिर के ऊपर की सजावट ही 10 फीट ऊंची है। इनमें सबसे बड़ी मूर्ति भगवान शिव, गणेश और मां दुर्गा की है।

क्रोधित हो गए थे भगवान शंकर
भगवान शिव की मूर्ति के पास ही नंदी बैल की तीन मूर्तियां मिली हैं, जो जमीन में आधी धंसी हुई हैं। कहा जाता है कि काशी की तरफ जाते समय भगवान शिव ने यहां पर एक रात बिताई थी। उनके साथ 99 लाख 99 हजार 999 देवी-देवता यात्रा कर रहे थे, वो सब यहां पर रुके थे।
कहा जाता है कि भगवान शिव ने सभी से कहा कि सूर्योदय होने से पहले हम सबको उठकर काशी के लिए चल देना है लेकिन भोलेनाथ के सिवा किसी की नींद नहीं खुली। इससे नाराज भगवान शिव ने उन सभी को पत्थर बनने का श्राप दे दिया, तब से वो सब उसी अवस्था में यहां पड़े हुए हैं।

आते हैं हजारों पर्यटक
अप्रैल में यहां पर अशोकाष्टमी का मेला होता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। पन्नालाल रॉय कहते हैं कि बंगाल के पाला साम्राज्य के समय उनाकोटी भगवान शिव को मानने वाले लोगों को लिए मुख्य धार्मिक स्थान था। इसलिए यह संभावना भी है कि उस समय यहां पर बौद्ध धर्म का भी बोलबाला रहा हो।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation