ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून से ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल शुरू किया है। राज्य के 2,828 सरकारी और निजी स्कूलों के 3 लाख से ज़्यादा ग्यारहवीं-बारहवीं के छात्र इससे ऑनलाइन जुड़े।
साथ में एक निबंध प्रतियोगिता भी शुरू हुई — विषय है ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’। पर जो बात इसे सिर्फ़ राय-मशविरे से आगे ले जाती है, वह यह है: सबसे बेहतर 140 बच्चों की NEET, JEE, CLAT और SAT की कोचिंग और फ़ीस का ख़र्च राज्य सरकार उठाएगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। फ़ोटो: भारत सरकार (GODL-India), विकिमीडिया कॉमन्स से।
पहाड़ के स्कूल में पढ़ने वाले सत्रह साल के बच्चे को उस कमरे में सुनवाई मिल रही है जहाँ फ़ैसले होते हैं — और परीक्षा की तैयारी का ख़र्च भी।
At a Glance
• कब और कहाँ 10 अगस्त 2026, मुख्य सेवक सदन, देहरादून
• कितने छात्र 3 लाख से अधिक, कक्षा 11 और 12
• कितने स्कूल 2,828 सरकारी और निजी
• सुझाव की अंतिम तिथि 24 अगस्त
• इनाम शीर्ष 140 बच्चों की NEET/JEE/CLAT/SAT कोचिंग व फ़ीस सरकार वहन करेगी
छात्र पर्यटन, रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अपने सुझाव भेज सकते हैं। ये सुझाव मुख्यमंत्री और विभागीय सचिवों के सामने रखे जाएँगे, ताकि देखा जा सके कि इनमें से क्या वाक़ई नीति और विकास कार्यक्रमों में शामिल किया जा सकता है।
ऐसे कार्यक्रमों की असली परख इसमें है कि कितने सुझाव सचमुच फ़ाइल तक पहुँचते हैं। लेकिन कोचिंग फ़ीस वाला हिस्सा अपने आप में ठोस है — पहाड़ी ज़िलों के जिन बच्चों के लिए कोचिंग का ख़र्च ही सबसे बड़ी दीवार है, उनके लिए यह सीधी मदद है।














