• Latest
  • Trending
law

30 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने माफ की सजा

March 8, 2024
दिल्ली लक्ष्मी योजना: 4,000 महिलाओं को स्वीकृति पत्र, 1 सितंबर से मिलेंगे ₹2,500

लक्ष्मी योजना: पैसा 1 सितंबर से, पर 2.61 लाख फॉर्म अधूरे

August 26, 2026
UPI

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

August 26, 2026
भारत उच्च शिक्षा

एच-1बी पर एक लाख डॉलर की नई फ़ीस का प्रस्ताव

August 26, 2026
hospital

मौसमी बुखार सामान्य है, पर इन चार को इंतज़ार नहीं करना

August 26, 2026
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ श्रमिक जुड़े, जानें रजिस्ट्रेशन और योजनाओं का लाभ

ई-श्रम के पाँच साल: 31.89 करोड़ नाम, और आपका हक़

August 26, 2026
daily-news

26 अगस्त की बड़ी खबरें: पंजाब में चीनी स्टॉक, शिमला भूकंप, खेलो इंडिया, बाजार और इसरो लॉन्च

August 26, 2026
दिल्ली लक्ष्मी योजना 2026

दिल्ली लक्ष्मी योजना: पहले 4,000 पत्र आज

August 26, 2026
सुप्रीम कोर्ट

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

August 26, 2026
Amit Sah

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

August 26, 2026
गेहूँ के आटा-मैदा निर्यात से हटी रोक, किसानों और मंडी भाव पर क्या होगा असर?

बारिश 13% कम, पर दाल का रकबा बढ़ गया

August 26, 2026
farmer

चार साल बाद गेहूं और आटे का निर्यात खुला

August 26, 2026
daily-news

भारत की प्रगति की रिपोर्टिंग

August 26, 2026
Thursday, August 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

30 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने माफ की सजा

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 8, 2024
in लीगल
0
law
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने तीन दशक पहले अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को बरी किया है। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि शादी के सात साल के भीतर अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति को तब तक दोषी नहीं ठहराया जा सकता जब तक कि उत्पीड़न या क्रूरता के पुख्ता सबूत न हों। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113ए उन मामलों में पति और ससुराल वालों द्वारा उकसाये जाने की धारणा स्थापित करती है जहां शादी के सात साल के भीतर महिला ने आत्महत्या की हो और वह क्रूरता का शिकार हुई हो।

मौजूदा मामले में आरोपी व्यक्ति की शादी 1992 में हुई थी। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि शादी के तुरंत बाद आरोपी और उसके माता-पिता ने पैसे की मांग करना शुरू कर दिया क्योंकि वह (आरोपी) राशन की दुकान शुरू करना चाहता था।

YOU MAY ALSO LIKE

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

क्या था पूरा मामला
दस्तावेज के अनुसार, 19 नवंबर 1993 को महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार उसने अपने पति के लगातार उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली। करनाल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 1998 में उस व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दंडनीय अपराध का दोषी ठहराया, जिसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। शीर्ष अदालत ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए अपराध का स्पष्ट ‘आपराधिक इरादा’ होना चाहिए।

न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि केवल उत्पीड़न किसी आरोपी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है और इसके लिए प्रत्यक्ष कृत्य की भी आवश्यकता होती है, जिसके कारण व्यक्ति को आत्महत्या करनी पड़ी। अदालतों को शादी के सात साल के भीतर किसी महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के विषय पर कानून के सही सिद्धांतों को लागू करने में बहुत सावधान और सतर्क रहना चाहिए, अन्यथा यह धारणा बन सकती है कि दोषसिद्धि कानूनी नहीं बल्कि नैतिक है।

जो अदालत ने माना
पीठ ने कहा कि इस अदालत ने माना है कि शादी के सात साल के भीतर आत्महत्या के तथ्य से किसी को तब तक उकसावे के अपराध के नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए जब तक कि क्रूरता साबित न हो जाए। उत्पीड़न या क्रूरता के किसी ठोस सबूत के अभाव में, किसी आरोपी को आईपीसी की धारा 113ए के तहत अनुमान लगाते हुए धारा 306 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation