• Latest
  • Trending
Sri Lanka will give a big blow to China-Pakistan's LNG project

चीन-पाक को जोर का झटका

August 11, 2023
दिल्ली लक्ष्मी योजना: 4,000 महिलाओं को स्वीकृति पत्र, 1 सितंबर से मिलेंगे ₹2,500

लक्ष्मी योजना: पैसा 1 सितंबर से, पर 2.61 लाख फॉर्म अधूरे

August 26, 2026
UPI

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

August 26, 2026
भारत उच्च शिक्षा

एच-1बी पर एक लाख डॉलर की नई फ़ीस का प्रस्ताव

August 26, 2026
hospital

मौसमी बुखार सामान्य है, पर इन चार को इंतज़ार नहीं करना

August 26, 2026
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ श्रमिक जुड़े, जानें रजिस्ट्रेशन और योजनाओं का लाभ

ई-श्रम के पाँच साल: 31.89 करोड़ नाम, और आपका हक़

August 26, 2026
daily-news

26 अगस्त की बड़ी खबरें: पंजाब में चीनी स्टॉक, शिमला भूकंप, खेलो इंडिया, बाजार और इसरो लॉन्च

August 26, 2026
दिल्ली लक्ष्मी योजना 2026

दिल्ली लक्ष्मी योजना: पहले 4,000 पत्र आज

August 26, 2026
सुप्रीम कोर्ट

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

August 26, 2026
Amit Sah

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

August 26, 2026
गेहूँ के आटा-मैदा निर्यात से हटी रोक, किसानों और मंडी भाव पर क्या होगा असर?

बारिश 13% कम, पर दाल का रकबा बढ़ गया

August 26, 2026
farmer

चार साल बाद गेहूं और आटे का निर्यात खुला

August 26, 2026
daily-news

भारत की प्रगति की रिपोर्टिंग

August 26, 2026
Thursday, August 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

चीन-पाक को जोर का झटका

एलएनजी प्रोजेक्ट भारत को देगा श्रीलंका

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 11, 2023
in the blitz, नया-भारत
0
Sri Lanka will give a big blow to China-Pakistan's LNG project
आस्था भट्टाचार्य

नई दिल्ली। श्रीलंका ने चीन-पाकिस्तान की कंपनियों के समूह को दिया एक एलएनजी प्रोजेक्ट वापस ले लिया है। अब ये भारतीय कंपनी को दिया जाएगा। सरकार ने पिछले साल अगस्त में ये प्रोजेक्ट इंटरनेशनल बिडिंग प्रोसेस के तहत चीन-पाकिस्तान एग्रो कंसोर्टियम को दिया था। सूत्रों के अनुसार आर्थिक तंगहाली से परेशान श्रीलंका ने बिजली उत्पादन की लागत को कम करने के लिए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। इसके तहत एलएनजी के जरिए बिजली बनाई जानी है।

ऊर्जा मिनिस्टर कंचना विजसेकेरा ने समझौता रद करने के लिए एक कैबिनेट पेपर दाखिल किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने चीन-पाकिस्तान को दिए गए इस प्रोजेक्ट पर कड़ी नाराजगी दर्ज कराई थी। इससे प्रोजेक्ट शुरू करने में देरी भी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका का ऊर्जा मंत्रालय एलएनजी प्रोजेक्ट भारत की पैट्रोनेट लिमिटेड कंपनी को देना चाह रहा है।

YOU MAY ALSO LIKE

लक्ष्मी योजना: पैसा 1 सितंबर से, पर 2.61 लाख फॉर्म अधूरे

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

हालांकि, कंपनी के पास फ्लोटिंग स्टोरेज और रिगैसिफिकेशन यूनिट से जुड़े कामों में अनुभव की कमी के चलते फिलहाल ऐसा नहीं हो पा रहा है। श्रीलंका सरकार का कहना है कि अगर वो कंपनी देश की कोई मदद करेगी तो वो उसे टेंडर देने के बारे में सोच सकते हैं।

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे पिछले महीने ही भारत आए थे। इसके बाद ही चीन-पाक से टेंडर लेकर भारत को देने का फैसला लिया गया है। दरअसल भारत और चीन के बीच साउथ एशियाई देशों के बीच असर बढ़ाने की लड़ाई है। चीन ने श्रीलंका में इंफ्रास्ट्रकचर से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए लेकिन उसे कर्ज के जाल में भी फंसा लिया। श्रीलंका के कुल विदेशी कर्ज में चीन का हिस्सा सबसे ज्यादा है। हालात ये हो गए थे कि श्रीलंका को अपना हंबनटोटा पोर्ट को 99 साल के लिए चीन को सौंपना पड़ा। अब श्रीलंका चीन के बुने कर्ज के जाल से निकलना चाहता है। इसके लिए वो भारत पर निर्भर है। वहीं, भारत हिंद महासागर में चीन के असर को कम करने के लिए श्रीलंका की आर्थिक मदद कर रहा है।

आर्थिक तंगी के बाद पहली भारत यात्रा

पिछले साल श्रीलंका में सिविल वॉर जैसे हालात बन गए थे और जनता ने राजपक्षे की सरकार को विद्रोह कर उखाड़ फेंका था। इसके बाद रानिल विक्रमसिंघे ने देश की कमान संभाली थी। दरअसल, रानिल सिर्फ गोटाबाया राजपक्षे का बचा हुआ टेन्योर पूरा करने तक ही राष्ट्रपति रहेंगे। यह कार्यकाल सितंबर 2024 तक है।

भारत दौरे से पहले राष्ट्रपति रानिल विक्रमसंघे ने कहा था कि श्रीलंका भारतीय रुपए का भी उतना ही इस्तेमाल होते देखना चाहता है जितना अमेरिकी डॉलर का होता है। उन्होंने कहा था अगर रुपए का इस्तेमाल कॉमन करेंसी के रूप में होगा तो इससे हमें कोई ऐतराज नहीं है। हमें ये देखना पड़ेगा कि इसके बाद हमें क्या जरूरी बदलाव करने होंगे।

विक्रमसिंघे ने कहा था- जैसे जापान, कोरिया और चीन सहित पूर्वी एशिया के देशों में 75 साल पहले बड़े पैमाने पर विकास हुआ, वैसे ही अब भारत और हिन्द महासागर के क्षेत्र की बारी है। दुनिया विकसित हो रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में भी तेजी से विकास हो रहा है। श्रीलंका के राष्ट्रपति का यह बयान कोलंबो मंर इंडियन सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए आया था।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation