ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।इस महीने लाखों घरों में एक ही सवाल है — परीक्षा किस दिन है और सेंटर कहाँ पड़ा है। रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप डी कंप्यूटर आधारित परीक्षा कल यानी 3 अगस्त से शुरू हो रही है और 4, 5, 6, 9, 10 और 11 अगस्त को भी होगी। सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी हो चुकी है। संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा 21 अगस्त से शुरू होगी, और कर्मचारी चयन आयोग की स्नातक स्तर वाली टियर-1 परीक्षा अगस्त-सितंबर में होने की उम्मीद है।
सिटी इंटिमेशन स्लिप और एडमिट कार्ड को एक ही चीज़ समझ लेना सबसे आम ग़लती है, और सबसे महँगी भी। सिटी स्लिप सिर्फ़ शहर बताती है ताकि आप सफ़र और ठहरने का इंतज़ाम कर सकें — इसमें सेंटर का पूरा पता नहीं होता। पूरा पता एडमिट कार्ड में आता है, जो आम तौर पर परीक्षा से चार दिन पहले डाउनलोड के लिए आता है। यानी दूर के उम्मीदवार को टिकट सिटी स्लिप देखकर करना है, और सेंटर का रास्ता एडमिट कार्ड आने के बाद तय करना है। दूसरी बड़ी बात — कंप्यूटर परीक्षा में रिपोर्टिंग समय परीक्षा के समय से घंटे-डेढ़ घंटे पहले होता है, और गेट बंद होने के बाद कोई छूट नहीं मिलती।
शहर पहले, पता बाद में: सिटी स्लिप सफ़र की तैयारी के लिए है और एडमिट कार्ड सेंटर तक पहुँचने के लिए — दोनों अलग-अलग समय पर आते हैं।
तैयारी सिर्फ़ किताब की नहीं होती। हर साल कुछ उम्मीदवार पेपर की वजह से नहीं, पते की वजह से पीछे रह जाते हैं।
एक नज़र में
• रेलवे ग्रुप डी सीबीटी: 3, 4, 5, 6, 9, 10 और 11 अगस्त
• सिटी इंटिमेशन स्लिप: जारी — इसमें सिर्फ़ शहर होता है, पूरा पता नहीं
• एडमिट कार्ड: आम तौर पर परीक्षा से क़रीब चार दिन पहले
• यूपीएससी मुख्य परीक्षा: 21 अगस्त से (प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को हुई थी)
• एसएससी सीजीएल टियर-1: अगस्त-सितंबर में अपेक्षित; अधिसूचना में 12,000 से ज़्यादा पद
• आरआरबी एनटीपीसी: स्नातक और अस्नातक पदों की अधिसूचना अगस्त में अपेक्षित
• साथ रखें: एडमिट कार्ड का प्रिंट और मूल फ़ोटो पहचान पत्र
इस महीने मौसम भी परीक्षा की तैयारी का हिस्सा है, और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ग्रुप डी की परीक्षा जिन तारीख़ों को है, उन्हीं दिनों उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अनुमान है। बारिश में ट्रेनें देर होती हैं और शहरों में जाम लगता है। दूर से आने वाले उम्मीदवारों के लिए सीधी सलाह यही है कि एक दिन पहले पहुँचने की कोशिश करें, और अगर संभव हो तो सेंटर का रास्ता एक बार पहले देख लें। दस्तावेज़ प्लास्टिक की थैली में रखें — भीगा हुआ एडमिट कार्ड कई जगह विवाद की वजह बनता है।
आख़िरी बात, जो तैयारी से ज़्यादा भरोसे की है। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाएँ एक साथ होना इस बात का संकेत है कि भर्ती का पहिया चल रहा है — रेलवे, एसएससी और यूपीएससी तीनों का कैलेंडर इस बार तय समय के आसपास चल रहा है, और यही उम्मीदवार के लिए सबसे बड़ी राहत है। जिन्हें इस बार सफलता नहीं मिलती, उनके लिए भी अगली तारीख़ का इंतज़ार अब सालों का नहीं रहा। सीधी बात यह है कि कैलेंडर का समय पर चलना अपने आप में एक सुधार है, और उम्मीदवार इसका सबसे अच्छा इस्तेमाल तब करता है जब वह अगली परीक्षा की तैयारी नतीजे का इंतज़ार करते हुए शुरू कर देता है, नतीजे के बाद नहीं।














