नई दिल्ली। भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) इसी साल सितंबर-अक्टूबर में स्वदेशी पीजीबी-500 प्रिसिजन गाइडेड बम का एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान पर उड़ान परीक्षण करने जा रहे हैं। यह 500 किलोग्राम का वॉरहेड वाला बम कठोर बंकरों, कमांड सेंटर्स और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है।
कई जांच एक साथ
परीक्षण में विमान पर ले जाना, एयरोडायनेमिक बैलेंस और सुरक्षित रिलीज आदि की जांच की जाएगी। गाइडेंस सिस्टम में जीपीएस/आईएनएस के साथ प्रिसिजन टर्मिनल टारगेटिंग शामिल होने की उम्मीद है। पीजीबी-500 स्वदेशी प्रिसिजन गाइडेड बम परिवार का हिस्सा है। यह भारी वर्ग का आयुध है जो उच्च सटीकता के साथ मजबूत लक्ष्यों को भेद सकता है।
जमीन के अंदर के ठिकाने करेंगे नष्ट
पड़ोसी मुल्कों – जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश या म्यांमार में छिपे आतंकियों के बंकर या जमीन के अंदर के ठिकाने अब पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे।
आयात पर निर्भरता कम होगी
एसयू-30एमकेआई पहले से ब्रह्मोस, अस्त्र और रुद्रम जैसे हथियार ले जाता रहा है। इस बम के जुड़ने से विमान की स्ट्राइक क्षमता और बढ़ेगी।














