ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने विगत सप्ताह नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने यह परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया।
नतीजों में मेडिकल शिक्षा के सामाजिक-शैक्षणिक रुझानों में बड़ा बदलाव दिखा है। इस साल परीक्षा देने वालों में ओबीसी सबसे बड़ा वर्ग रहा। कुल रजिस्ट्रेशन में ओबीसी की हिस्सेदारी 41.8% थी, जबकि क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 45.7% हो गई। यानी लगभग हर दूसरा सफल छात्र ओबीसी वर्ग से है।
वहीं, सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 29.2% थी, जो सफल छात्रों में घटकर 26% रह गई। अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 15.2% और सफल छात्रों में 14.2% रही। ईडब्ल्यूएस का रजिस्ट्रेशन 7.3% था, लेकिन क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 8.5% हो गया। एसटी की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 6.6% और सफल छात्रों में 5.7% रही।
7 साल में ईडब्ल्यूएस सबसे तेज बढ़े, एससी दूसरे नंबर पर 2019 से 2026 के बीच सभी वर्गों के परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है। सबसे तेज बढ़ोतरी ईडब्ल्यूएस वर्ग में 76.30% दर्ज की गई।













