• Latest
  • Trending
भारत में एमबीबीएस और पीजी मेडिकल सीटें 2026

असली नंबर एमबीबीएस का नहीं, पीजी का है

August 28, 2026
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Sunday, September 20, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

असली नंबर एमबीबीएस का नहीं, पीजी का है

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 28, 2026
in the blitz
0
भारत में एमबीबीएस और पीजी मेडिकल सीटें 2026

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।एमबीबीएस सीटों का आँकड़ा हर जगह छपता है। पीजी सीटों का नहीं छपता — और असल में ज़िला अस्पताल में डॉक्टर मिलेगा या नहीं, यह वही तय करता है।

सरकार ने 7 अगस्त 2026 को लोकसभा में बताया कि देश में अब 846 मेडिकल कॉलेज और 1,39,864 एमबीबीएस सीटें हैं। 2014 से पहले ये आँकड़े 387 कॉलेज और 51,348 सीटें थे। यानी 88,516 सीटें जुड़ीं और क्षमता 2.72 गुना हुई।

YOU MAY ALSO LIKE

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

अब वह नंबर जो कम चर्चा में आता है। पीजी यानी स्नातकोत्तर मेडिकल सीटें 31,185 से बढ़कर 86,360 हो गई हैं — 55,175 सीटों की बढ़ोतरी और 2.77 गुना का इज़ाफ़ा। ग़ौर कीजिए, यह एमबीबीएस के 2.72 गुना से थोड़ा ज़्यादा है। बड़ी बात यह है कि पिछले तीन दशक में ज़्यादातर वक़्त उलटा चलता रहा — देश डॉक्टर तेज़ी से बनाता रहा और विशेषज्ञ धीरे-धीरे।

फ़ाइल तस्वीर। पुराने दौर के एक मेडिकल कॉलेज का बैच। देश के मेडिकल कॉलेज 387 से बढ़कर 846 हो चुके हैं। घोषित अपवाद, परिपत्र BIMG/CIR/2026/02 के अंतर्गत: 7 अगस्त 2026 के संसदीय उत्तर के साथ कोई कार्यक्रम-चित्र नहीं है, इसलिए फ़ाइल चित्र।

एमबीबीएस सीट से देश को डॉक्टर मिलता है। पीजी सीट से विशेषज्ञ मिलता है — और ज़िला अस्पताल विशेषज्ञ से चलता है, डॉक्टर से नहीं।

एक नज़र में

• मेडिकल कॉलेज: 846, पहले 387 — 459 की बढ़त
• एमबीबीएस सीटें: 1,39,864, पहले 51,348 — 88,516 की बढ़त, 2.72 गुना
• पीजी सीटें: 86,360, पहले 31,185 — 55,175 की बढ़त, 2.77 गुना
• एम्स: 20 चालू, 6 और निर्माणाधीन
• दाख़िला: 2026-27 में सभी एम्स में एमबीबीएस दाख़िला नीट से
• स्रोत: लोकसभा में सरकार का उत्तर, 7 अगस्त 2026

नीट देने वाले छात्र और उसके माता-पिता के लिए तीन काम की बातें। पहली — यह बढ़ोतरी ज़्यादातर नए कॉलेज खुलने से आई है, पुराने कॉलेजों में सीटें बढ़ने से नहीं। इसका मतलब यह कि जो सीट मिलेगी, अच्छी संभावना है कि वह कॉलेज उम्मीदवार से भी नया हो। यह ख़राब बात नहीं है — हर पुराना कॉलेज कभी नया था — पर इससे सवाल बदल जाते हैं। कॉलेज का नाम मत पूछिए; फ़ैकल्टी कितनी है, अस्पताल में कितने बिस्तर हैं और मरीज़ कितने आते हैं, यह पूछिए। मेडिकल की पढ़ाई किताब से नहीं, वार्ड से होती है।

दूसरी — 2026-27 सत्र के लिए सभी एम्स में एमबीबीएस दाख़िला नीट से ही होगा। अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं है, इसलिए तैयारी की योजना उसी हिसाब से बनाइए। तीसरी — 20 एम्स चालू हैं और छह और बन रहे हैं, यानी अच्छे संस्थानों का नक़्शा अब भी बदल रहा है। किस राज्य से कोशिश करनी है, यह फ़ैसला इस साल की सीट मैट्रिक्स देखकर कीजिए, दस साल पुरानी सुनी-सुनाई साख के भरोसे नहीं।

आगे का असली काम तीसरी चीज़ से जुड़ा है, जो न कॉलेज है न सीट — शिक्षक। हर नए मेडिकल कॉलेज को इमारत से पहले पढ़ाने वाले चाहिए, और पढ़ाने वाले उसी पीजी व्यवस्था से निकलते हैं जिसके आँकड़े अभी आए हैं। इसलिए पीजी का एमबीबीएस से थोड़ा आगे निकलना अच्छा संकेत है — यही वह क्रम है जिससे अगले दौर के कॉलेजों में शिक्षक मिल पाएँगे। बचा हुआ काम एक ही है: हर कॉलेज की स्वीकृत और भरी हुई फ़ैकल्टी की संख्या सार्वजनिक हो जाए। बस यही एक जानकारी है जिससे कोई परिवार नए संस्थान को प्रॉस्पेक्टस से नहीं, सबूत से परख सकेगा।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation