• Latest
  • Trending

विश्व का केंद्र बिंदु बना भारत

February 7, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
Monday, October 12, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

विश्व का केंद्र बिंदु बना भारत

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील...

by ब्लिट्ज़ इंडिया
February 7, 2026
in the blitz
0

विनाेद शील
नई दिल्ली। भारत ने हाल ही में ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और ओमान सहित करीब 7 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए। फिर भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लगाई जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा गया। अब अमेरिका के साथ भी भारत मुक्त व्यापार समझौता यानी एफटीए करने जा रहा है जिसके इसी या आने वाले हफ्ते में संपन्न होने की जानकारी मिल रही है। अब इस एफटीए को ‘फॉदर ऑफ ऑल डील्स’ की संज्ञा दी जा रही है। साथ ही साथ भारत पर जो 50 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ लगाया गया था, उसे भी 18 प्रतिशत करने की घोषणा की गई जिससे भारत का शेयर बाजार भी झूम उठा। यह टैरिफ भारत के अनेक प्रतिस्पर्धी देशों से कम है। वैश्विक स्तर पर इसे भारत की दृढ़ता और अपने हितों के लिए कभी न झुकने वाले देश की जीत के रूप में भी देखा जा सकता है।
माना जा रहा है कि ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौता होने बाद ही अमेरिका पर भारत के साथ व्यापार समझौता करने का दबाव बढ़ा क्योंकि करीब छह महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारी-भरकम टैरिफ लगाने के दौरान ही भारत को मृत अर्थव्यवस्था करार दिया था। हालांकि विशाल बाजार और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के कारण भारत को नजरअंदाज करना उनके लिए मुमकिन नहीं हो पाया और ट्रंप को यह घोषणा करनी पड़ी कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सहमति बन गई है।
ईयू के साथ सबसे बड़े करार के बाद अमेरिका के साथ हो रहा समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को और शानदार तथा जानदार बनाने वाला साबित होगा। यह भारत के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा; इसे नीचे दिए गए बिंदुओं से आसानी से समझा जा सकता है।
श्रम-प्रधान क्षेत्र होंगे विकसित
कपड़े, चमड़े और गैर-चमड़े के जूते, रत्न-आभूषण, कालीन एवं हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को इस समझौते से बढ़ावा मिल सकता है क्योंकि उच्च टैरिफ के कारण इनके निर्यात में बाधा आ रही थी। कपड़ा और परिधान, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण व झींगा जैसे खाद्य पदार्थों के निर्यात में तेजी आएगी। भारत वियतनाम व बांग्लादेश जैसे एशियाई देशों से प्रतिस्पर्द्धी स्थिति में आ जाएगा। अगस्त अंत में अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से कपड़ा, आभूषण और झींगा जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ा था।
भारत इन वस्तुओं का बढ़ाएगा क्रय
अमेरिका से भारत पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार उत्पाद एवं विमानों की खरीद बढ़ाएगा। साथ ही, कुछ ऐसे कृषि उत्पादों के लिए पहुंच भी मिल सकती है जिनसे भारतीय किसानों को नुकसान न हो। 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था।
तेल खरीद पर असर
कहा जा रहा है कि समझौते के तहत अमेरिका-वेनेजुएला से भारत तेल खरीद बढ़ाएगा। भारतीय तेल शोधक कंपनियां रूस से तेल खरीद घटा रही हैं और अमेरिका, मध्य पूर्व, अफ्रीका व दक्षिण अमेरिका से आपूर्ति बढ़ा रही हैं। हालांकि, मौजूदा रूसी अनुबंधों से बाहर निकलने में कंपनियों को समय लगेगा। फिलहाल सरकार ने पूरी तरह से रोक का आदेश नहीं दिया है और रूस के प्रतिनिधि ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत से तेल खरीद कम करने की कोई आधिकारिक सूचना उन्हें नहीं मिली है।
इस्पात-एल्युमीनियम पर कितना शुल्क
समझौते से पारस्परिक टैरिफ कम होंगे, पर इस्पात, एल्युमीनियम, तांबा, ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स और कुछ अन्य वस्तुओं पर अमेरिका धारा 232 के तहत शुल्क लागू रख सकता है।
ऐसे में समझौते के बावजूद भारत के अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले कुछ सामानों पर उच्च शुल्क लगता रहेगा या उनमें क्रमिक रूप से कमी आएगी।
2024 में किन वस्तुओं और सेवाओं
का रहा सबसे बड़ा योगदान?
2024 में भारत के अमेरिका को होने वाले मुख्य निर्यातों में दवा निर्माण और जैविक उत्पाद (8.1 अरब अमेरिकी डॉलर), दूरसंचार उपकरण (6.5 अरब अमेरिकी डॉलर), कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (5.3 अरब अमेरिकी डॉलर), पेट्रोलियम उत्पाद (4.1 अरब अमेरिकी डॉलर), वाहन और ऑटो पुर्जे (2.8 अरब अमेरिकी डॉलर), सोने और अन्य कीमती धातुओं के आभूषण (3.2 अरब अमेरिकी डॉलर), सूती कपड़े (सहायक उपकरण सहित) (2.8 अरब अमेरिकी डॉलर), और लोहा और इस्पात उत्पाद (2.7 अरब अमेरिकी डॉलर) शामिल थे। आयात में कच्चा तेल (4.5 अरब अमेरिकी डॉलर), पेट्रोलियम उत्पाद (3.6 अरब डॉलर), कोयला, कोक (3.4 अरब डॉलर), तराशे व पॉलिश्ड हीरे (2.6 अरब डॉलर), विद्युत मशीनरी (1.4 अरब अमेरिकी डॉलर), विमान, अंतरिक्ष यान और पुर्जे (1.3 अरब अमेरिकी डॉलर) और सोना (1.3 अरब अमेरिकी डॉलर) शामिल थे। अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत से अमेरिका को सेवाओं का आयात 40.6 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जिसमें कंप्यूटर/सूचना सेवाओं का आयात 16.7 अरब अमेरिकी डॉलर और व्यवसाय प्रबंधन/परामर्श सेवाओं का आयात 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर था।

झुका यूएस : टैरिफ 50 से घटा कर 18 प्रतिशत किया
रोजगार समेत कई क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा, बदलेगी आर्थिक तस्वीर
अब होगी ‘फॉदर ऑफ ऑल डील्स’
– समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जानदार साबित होगा

YOU MAY ALSO LIKE

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation