ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। छात्रों के लिए ज्यादा लचीली और बहुविषयक शिक्षण प्रणाली के लिए आईआईटी बीएचयू ने इसी सत्र से नई शैक्षणिक व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत सेकेंड मेजर, इंडस्ट्री इंटर्नशिप, डुएल डिग्री और पार्ट-टाइम एग्जिक्यूटिव पीएचडी जैसे बड़े सुधार हुए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप हुए इन अकादमिक सुधारों के तहत विद्यार्थियों को अधिक लचीला, उद्योगोन्मुख और बहुविषयक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
इन सुधारों में सबसे अहम सेकेंड मेजर विषय हैं। इनके तहत बीटेक के छात्र अपने मुख्य विषय के साथ सेकेंड मेजर विषय चुन सकेंगे। इससे विद्यार्थी उभरते हुए बहुविषयक क्षेत्रों में अतिरिक्त विशेषज्ञता अर्जित कर सकेंगे और उनके लिए रोजगार एवं शोध के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही बीटेक और एमटेक विद्यार्थियों के लिए इस सत्र से एक सेमेस्टर की इंडस्ट्री इंटर्नशिप की व्यवस्था भी लागू की गई है।
इसके अंतर्गत विद्यार्थी प्रतिष्ठित उद्योगों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, स्टार्ट-अप्स तथा सरकारी संस्थानों में पूर्ण सेमेस्टर कार्यानुभव प्राप्त कर सकेंगे। यह इंटर्नशिप छात्रों को उद्योगों के साथ काम करने की व्यावहारिक दक्षता प्रदान करेगी। आईआईटी के डीन एकेडमिक प्रो. देवेन्द्र सिंह ने बताया कि संस्थान ने उद्योग की अपेक्षाओं और वैश्विक उच्च शिक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किए हैं।
नए प्रोग्राम की शुरुआत
प्रो. सिंह ने बताया कि संस्थान में एमटेक पीएचडी डुएल डिग्री प्रोग्राम भी शुरू किया जा रहा है। साथ ही एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स प्रणाली को पूर्ण रूप से सक्षम बनाया गया है। विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों के पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने, इंटरडिसिप्लिनरी विषय चुनने और अकादमिक क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा एमटेक में सिविल इंजीनियरिंग विभाग में टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस इंजीनियरिंग, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में मेडिकल डिवाइसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में वीएलएसआई आर्किटेक्चर एंड चिप डिजाइन नामक नई विशेषज्ञताएं और डिसीजन साइंस एंड इंजीनियरिंग में पीएचडी कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। आईआईटी ने पेशेवरों के लिए पार्ट टाइम एग्जिक्यूटिव पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किया है।
आईआईटी बीएचयू में हैं अभी 9300 विद्यार्थी
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. देवेंद्र सिंह ने बताया कि आईआईटी बीएचयू में वर्तमान में लगभग 9300 विद्यार्थी हैं। इनमें 6,506 स्नातक, 1,061 स्नातकोत्तर और 1,787 शोधार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान में 2,018 छात्राएं अध्ययन कर रही हैं, जो तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि संस्थान के एकेडमिक कार्यालय में व्यापक ई-गवर्नेस प्रणाली भी लागू की गई है। प्रवेश, पंजीकरण, परीक्षा एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है।














