• Latest
  • Trending
I do not believe in Islam, I should get property rights like Hindus.

मैं इस्लाम नहीं मानती, हिन्दुओं जैसा मिले संपत्ति का अधिकार

May 10, 2024
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Thursday, September 17, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

मैं इस्लाम नहीं मानती, हिन्दुओं जैसा मिले संपत्ति का अधिकार

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 10, 2024
in लीगल
0
I do not believe in Islam, I should get property rights like Hindus.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली खंडपीठ के सामने एक ऐसी अर्जी आई जिसमें एक मुस्लिम युवती ने यह कहते हुए भारतीय उत्तराधिकार कानून के तहत संपत्ति बंटवारे का निर्देश देने की मांग की थी कि वह इस्लाम नहीं मानती है। महिला का तर्क था कि वह भले ही मुस्लिम परिवार में जन्मी है लेकिन उसकी आस्था अब इस्लाम धर्म में नहीं है। इसलिए उसकी पैतृक संपत्ति का बंटवारा शरिया कानून के तहत न होकर भारतीय उत्तराधिकार कानून के तहत करने का निर्देश दिया जाए।

खंडपीठ में जस्टिस चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी थे। महिला के वकील के तर्कों को सुनने के बाद तीनों जजों की बेंच ने उस पर गहन विचार-विमर्श किया और इस नतीजे पर पहुंची कि यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। इसके बाद सीजेआई ने अटॉर्नी जनरल को इस मामले में एमिकस क्यूरी बहाल करने का निर्देश दिया जो अदालत को कानूनी और तकनीकी पहलुओं से परिचित करा सके। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2024 के दूसरे सप्ताह में की जाएगी।

YOU MAY ALSO LIKE

दहेज केस में 60-90 दिन में चार्जशीट की हो कोशिश

हाई कोर्ट ने स्कूलों में हिजाब पर रोक लगाई

याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भारतीय उत्तराधिकार कानून मुस्लिम धर्म में जन्मे व्यक्तियों को धर्मनिरपेक्ष कानून का लाभ उठाने से रोकता है, भले ही वे शरीयत कानून की धारा 3 के तहत औपचारिक रूप से ये घोषणा करें कि वे अब इस्लामी कानून का पालन नहीं करना चाहते हैं।

यह रिट याचिका केरल की एक महिला सफिया ने दायर की है। सफिया केरल में पूर्व-मुस्लिमों (जो मुस्लिम परिवार में जन्मे लेकिन अब इस्लाम में आस्था नहीं रखते) का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संघ की महासचिव हैं। अपनी याचिका में सफिया ने एक डिक्लेरेशन दिया कि जो व्यक्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ से बंधे नहीं रहना चाहते, उन्हें देश के धर्मनिरपेक्ष कानूनों, विशेष रूप से 1925 के भारतीय उत्तराधिकार कानून के तहत वसीयत और गैर वसीयत उत्तराधिकार के मामलों में अधिकार मिलना चाहिए।

महिला ने तर्क दिया कि संविधान का अनुच्छेद 25 उसे किसी भी धर्म में आस्था रखने या न रखने की आजादी देता है। इसके साथ ही उसने कहा कि उसके पिता भी इस्लाम में आस्था नहीं रखते इसलिए वह भी शरिया कानून के मुताबिक वसीयत नहीं लिखना चाहते। इस पर सीजेआई ने कहा कि अगर आप इसकी घोषणा नहीं करते हैं, तो धारा 3 के तहत आप इस कानून के अधीन नहीं आएंगे।

महिला ने कहा, मैं महिला हूं और मेरे भाई को डाउन सिंड्रोम है, उसे 2/3 संपत्ति दी गई है तो क्या मुझे भी वसीयत नहीं की जा सकती है। मेरी एक बेटी है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, इसकी हम घोषणा कैसे कर सकते हैं? सीजेआई ने कहा, आपके अधिकार या हक आस्तिक या नास्तिक होने से नहीं मिलते बल्कि ये अधिकार आपको आपके जन्म से मिले हैं। अगर मुसलमान के रूप में पैदा होते हैं, तो आप पर मुस्लिम पर्सनल लॉ लागू होगा। जहां तक आपके पिता का सवाल है तो वह भी धारा-3 से बाध्य हैं। जब तक वह भी घोषणा नहीं करते तब तक वह धारा-2 से बंधे रहेंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि भारतीय उत्तराधिकार कानून की धारा 58 में कहा गया है कि यह मुसलमानों पर लागू नहीं होता है। भले ही आप शरिया अधिनियम के तहत घोषणा न करें, वसीयत आदि पर कोई धर्मनिरपेक्ष अधिनियम नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब आप शरियत भी नहीं मानेंगे तो फिर आप पर कौन सा नियम लागू होगा?

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation