• Latest
  • Trending

वातावरण में ग्रीनहाउस गैस की मात्रा रिकॉर्ड स्तर पर

November 8, 2024
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

October 31, 2026
हवा सुधारने को बीएमसी का 'डीप क्लीन प्लान'

हवा सुधारने को बीएमसी का ‘डीप क्लीन प्लान’

October 31, 2026
बंगाल में चुनाव से पहले हुआ खेला लाखों फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट हुए थे जारी

पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मोबाइल पर लगेगा बैन

October 31, 2026
Saturday, October 31, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

वातावरण में ग्रीनहाउस गैस की मात्रा रिकॉर्ड स्तर पर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
November 8, 2024
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। जलवायु और पर्यावरण विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यू) ने अपने एक नए अध्ययन में बताया है कि वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसके मद्देनज़र, यूएन एजेंसी ने विश्व के बड़े प्रदूषकों से आग्रह किया है कि जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार को थामने के लिए कथनी की बजाय करनी पर ध्यान देना होगा।

यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी की यह चेतावनी, संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन से ठीक पहले जारी की गई है। यह सम्मेलन (कॉप29) इस वर्ष अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित हो रहा है।

YOU MAY ALSO LIKE

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

यूएन के शीर्षतम अधिकारी एंतोनियो गुटेरेस ने जलवायु संकट की गम्भीरता के प्रति बार-बार ध्यान आकृष्ट किया है और मानवता के अस्तित्व पर मंडराते इस ख़तरे को नज़रअन्दाज करने की क़ीमत के प्रति सचेत किया है। यूएन एजेंसी की उप महासचिव को बैरेट ने जिनीवा में पत्रकारों को बताया कि कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ) जिस रफ़्तार से वातावरण में जमा हो रही है, वैसा मानव इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।

कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड, जलवायु परिवर्तन के लिए ज़िम्मेदार तीन मुख्य ग्रीनहाउस गैस हैं।
उन्होंने कहा कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड लम्बे समय तक बनी रह सकती है और इसलिए तापमान में वृद्धि आगामी कई वर्षों तक जारी रहने की सम्भावना है।

डब्ल्यूएमओ की ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन दर्शाती है कि सीओ2 के बढ़ते स्तर की गति को धीमा करने की आवश्यकता है। 2004 में वातावरण में कार्बन डाइ ऑक्साइड की सघनता 3771. पार्ट्स प्रति मिलियन थी, जोकि 2023 में बढ़कर 420 पार्ट्स प्रति मिलियन पहुंच गई है। यह पिछले दो दशकों में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि है।

डब्ल्यूएमओ की वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये केवल आंकड़ों तक ही सीमित नहीं है। हर पार्ट प्रति मिलियन की वृद्धि मायने रखती है, तापमान वृद्धि का हर अंश की अहमियत है. हिमनद व जमे हुए पानी की चादर पिघलने की गति के नज़रिये से यह अहम है।

इससे समुद्री जलस्तर में वृद्धि, महासागर का तापमान व अम्लीकरण, और प्रजातियों, पारिस्थितिकी तंत्रों पर असर निर्धारित होता है, और यह भी कि किसी साल में कितनी संख्या में लोग अत्यधिक गर्मी का सामना करना करेंगे।

यूएन एजेंसी के अनुसार, वनों में आग लगने की घटनाओं का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि का बड़ा योगदान रहा है। साथ ही, अल नीनो जलवायु प्रभाव के कारण शुष्क परिस्थितियां उपजी और 2023 के उत्तरार्ध में गैस की सघनता में बढ़ोत्तरी हुई है।

अध्ययन दर्शाता है कि कार्बन डाइऑक्साइड की कुल उत्सर्जित मात्रा में से क़रीब 50 फ़ीसदी ही वातावरण में मौजूद रहती है. 25 फ़ीसदी से अधिक महासागर द्वारा अवशोषित कर ली जाती है और 30 प्रतिशत भूमि में रहती है।

डब्ल्यूएमओ अधिकारी का कहना है कि जबतक उत्सर्जन जारी रहेंगे तब तक ग्रीनहाउस गैस वातावरण में जमा होती रहेंगी, जिससे वैश्विक तपामान में बढ़ोतरी होगी। इसलिए, उन्होंने विश्व नेताओं से आग्रह किया है कि भावी पीढ़ियों को बचाने के लिए अर्थव्यवस्था में जीवाश्म ईंन्धन के इस्तेमाल को कम करने की दिशा में बढ़ना होगा।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation