ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बीपीएससी टीआरई 4 के तहत शिक्षक भर्ती का प्रस्ताव विगत दिवस बिहार सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस विभाग के मंत्री हैं। इसके साथ ही शिक्षक नियुक्ति चौथे चरण की प्रक्रिया अब अंतिम प्रशासनिक चरण में पहुंच गयी है। टीआरई-4 के माध्यम से 20 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की संभावना है। अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद नियुक्ति की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी जाएगी। इसके बाद बीपीएससी भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी करेगा।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि विभाग ने टीआरई-4 के तहत शिक्षक नियुक्ति का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही अधियाचना बीपीएससी को भेजी जाएगी, ताकि नियुक्ति में किसी प्रकार का विलंब न हो। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के साथ कुछ रिक्तियां प्राथमिक कक्षाओं के लिए भी आएंगी।
बीपीएससी ने वायरल विज्ञप्ति को फर्जी बताया
बीपीएससी ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही टीआरई फोर की विज्ञप्ति को फर्जी करार दिया है। इसकी सूचना आयोग के जनसंपर्क अधिकारी ने दी। बताया कि अब तक आयोग के पास रिक्तियां प्राप्त नहीं हुई हैं। जैसे ही आयोग के पास वैकेंसी आएगी, इसकी सूचना जारी की जाएगी।
क्या लिखा है वायरल विज्ञप्ति में
बिहार लोक सेवा आयोग को सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्ग- 1 से 5, 6 से 8, 9 से 10, वर्ग 11 से 12 के विद्यालय अध्यापक तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अन्तर्गत वर्ग 1 से 5, 6 से 8, 9 से 10, 11 से 12 के विद्यालय अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक तथा शिक्षा विभाग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अन्तर्गत वर्ग 6 से 8, 9 से 10, 11 से 12 के विद्यालय अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना प्राप्त हुई है। उक्त पदों पर नियुक्ति हेतु समवेत विज्ञापन प्रकाशित कर ऑनलाइन आवेदन करने से संबंधित सूचना शीघ्र ही आयोग की आधिकारिक वेबसाईट पर
आयोग का बयान
सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर बिहार लोक सेवा आयोग के नाम से उक्त प्रेस विज्ञप्ति प्रसारित की जा रही है, जिसमें विभिन्न विभागों के अंतर्गत विद्यालय अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्ति से संबंधित सूचना प्रदर्शित की गई है। यह स्पष्ट किया जाता है कि उक्त प्रेस विज्ञप्ति पूर्णतः फर्जी, भ्रामक एवं असत्य है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ऐसी कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है।













