ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बिहार सरकार कृषि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को कृषि आधारित स्टार्टअप से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक नौकरी की बजाए कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है।
कृषि विभाग की योजना के तहत विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को कृषि, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि तकनीक (एग्रीटेक) से जुड़े स्टार्टअप की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए विभिन्न विभागों, कृषि विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप संस्थानों के सहयोग से कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, नवाचार शिविर और उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्टार्टअप आइडिया के लिए विशेष मार्गदर्शन
योजना के तहत विद्यार्थियों को बिजनेस माडल तैयार करने, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग, वित्तीय सहायता प्राप्त करने एवं बाजार से जुड़ने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बेहतर स्टार्टअप आइडिया रखने वाले छात्रों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, मेंटरशिप एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी।
दरअसल, कृषि मंत्री विजय सिन्हा का मानना है कि बिहार में कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ इस क्षेत्र में उतरते हैं तो रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे न केवल कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।














