• Latest
  • Trending
mansoon

पहाड़ों पर छह दिन लगातार बारिश और मैदान में तीन दिन — मौसम विभाग की तारीख़ें पढ़िए, फिर अपना हफ़्ता तय कीजिए

August 2, 2026
दिल्ली लक्ष्मी योजना: 4,000 महिलाओं को स्वीकृति पत्र, 1 सितंबर से मिलेंगे ₹2,500

लक्ष्मी योजना: पैसा 1 सितंबर से, पर 2.61 लाख फॉर्म अधूरे

August 26, 2026
UPI

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

August 26, 2026
भारत उच्च शिक्षा

एच-1बी पर एक लाख डॉलर की नई फ़ीस का प्रस्ताव

August 26, 2026
hospital

मौसमी बुखार सामान्य है, पर इन चार को इंतज़ार नहीं करना

August 26, 2026
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ श्रमिक जुड़े, जानें रजिस्ट्रेशन और योजनाओं का लाभ

ई-श्रम के पाँच साल: 31.89 करोड़ नाम, और आपका हक़

August 26, 2026
daily-news

26 अगस्त की बड़ी खबरें: पंजाब में चीनी स्टॉक, शिमला भूकंप, खेलो इंडिया, बाजार और इसरो लॉन्च

August 26, 2026
दिल्ली लक्ष्मी योजना 2026

दिल्ली लक्ष्मी योजना: पहले 4,000 पत्र आज

August 26, 2026
सुप्रीम कोर्ट

क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ

August 26, 2026
Amit Sah

तीन नए कानून, और एक साल की समयसीमा

August 26, 2026
गेहूँ के आटा-मैदा निर्यात से हटी रोक, किसानों और मंडी भाव पर क्या होगा असर?

बारिश 13% कम, पर दाल का रकबा बढ़ गया

August 26, 2026
farmer

चार साल बाद गेहूं और आटे का निर्यात खुला

August 26, 2026
daily-news

भारत की प्रगति की रिपोर्टिंग

August 26, 2026
Wednesday, August 26, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

पहाड़ों पर छह दिन लगातार बारिश और मैदान में तीन दिन — मौसम विभाग की तारीख़ें पढ़िए, फिर अपना हफ़्ता तय कीजिए

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 2, 2026
in the blitz, कृषि
0
mansoon

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।इस बार मौसम विभाग ने सिर्फ़ यह नहीं बताया कि कहाँ बारिश होगी। उसने यह भी बताया है कि कितने दिन होगी — और असली काम की बात यही है। रविवार सुबह जारी बुलेटिन के मुताबिक़ हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 2 से 7 अगस्त तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में यह दौर 2 से 4 अगस्त तक रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, दोनों में आज बहुत भारी बारिश हो सकती है।

अब समझिए कि तारीख़ों का यह ब्यौरा मायने क्यों रखता है। एक दिन की तेज़ बारिश से नाले भरते हैं और पानी उतर जाता है। छह दिन लगातार बारिश से पहाड़ की मिट्टी भीगकर ढीली पड़ती है, और भूस्खलन ज़्यादातर पहले दिन नहीं, चौथे-पाँचवें दिन आता है। यही वजह है कि हिमाचल और उत्तराखंड के लिए जारी 2 से 7 अगस्त वाली चेतावनी को एक दिन की चेतावनी की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। इन्हीं दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 7 अगस्त, छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त और विदर्भ में 5–6 अगस्त को अच्छी-ख़ासी बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और उत्तराखंड में आँधी और बिजली गिरने की चेतावनी भी है।

YOU MAY ALSO LIKE

लक्ष्मी योजना: पैसा 1 सितंबर से, पर 2.61 लाख फॉर्म अधूरे

यूपीआई के दस साल: अब औसत भुगतान सिर्फ़ ₹1,300 का

एक दिन नहीं, छह दिन: पहाड़ी राज्यों के लिए 2 से 7 अगस्त तक की चेतावनी है — और भूस्खलन का ख़तरा लगातार भीगी मिट्टी में सबसे ज़्यादा होता है।

बारिश कितनी हुई, यह मौसम का सवाल है। बारिश कितने दिन चली, यह आपकी सुरक्षा का सवाल है।

एक नज़र में

• हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड: 2 से 7 अगस्त तक कहीं-कहीं भारी बारिश
• पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली: 2 से 4 अगस्त
• पूर्वी उत्तर प्रदेश: 2 से 6 अगस्त · पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 3 से 5 अगस्त
• राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी): आज बहुत भारी बारिश का अनुमान
• पूर्वी मध्य प्रदेश: 4 से 7 अगस्त · छत्तीसगढ़: 3 से 7 अगस्त · विदर्भ: 5–6 अगस्त
• साथ में: आँधी, बिजली गिरने और तेज़ हवा की चेतावनी

खेती के लिहाज़ से यह हफ़्ता दो तरफ़ा है। जिन इलाक़ों में धान की रोपाई देर से हुई है, वहाँ यह पानी काम का है। लेकिन जहाँ खेत पहले से भरे हैं, वहाँ लगातार पानी जड़ों को नुक़सान पहुँचाता है — और सोयाबीन, मूँगफली और सब्ज़ियों में यह नुक़सान चुपचाप होता है, दिखता तब है जब फ़सल पीली पड़ने लगती है। जिन किसानों के खेत में पानी ठहरने की शिकायत रहती है, उनके लिए सबसे काम की बात यह है कि निकासी की नाली अभी साफ़ कर लें, अगले हफ़्ते नहीं। दूसरी बात — फ़सल बीमा में नुक़सान की सूचना तय समय के भीतर देनी होती है, इसलिए खेत की तस्वीर तारीख़ के साथ रख लेना बाद में बहुत काम आता है।

घर और सफ़र के लिए तीन सीधी बातें। पहली, पहाड़ी रास्तों पर इन छह दिनों में यात्रा की योजना बनाते समय एक दिन का अतिरिक्त समय रखकर चलिए — भूस्खलन में सड़क खुलने में घंटों लगते हैं। दूसरी, बिजली गिरने की चेतावनी वाले इलाक़ों में खुले खेत, पेड़ के नीचे और टीन की छत सबसे ख़तरनाक जगहें हैं; पक्की छत वाला कमरा सबसे सुरक्षित है। तीसरी, शहरों में जलभराव वाली जगहों पर बिजली के खंभे और खुले तार से दूरी बनाकर रखिए। अच्छी बात यह है कि इस बार चेतावनी तारीख़ों के साथ आई है, यानी तैयारी का समय मिला है — और तैयारी वाली चेतावनी ही सबसे उपयोगी चेतावनी होती है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation