• Latest
  • Trending
Appeal of former Indian Navy personnel accepted in Qatar court

कतर कोर्ट में पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों की अपील मंजूर

December 1, 2023
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
Sunday, October 11, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

कतर कोर्ट में पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों की अपील मंजूर

आठ भारतीयों की मौत की सजा खारिज करने की मांग

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 1, 2023
in अन्तरराष्ट्रीय
0
Appeal of former Indian Navy personnel accepted in Qatar court
ब्लिट्ज ब्यूरो

दोहा। कतर की एक अदालत ने मौत की सजा का सामना कर रहे आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों की सजा के खिलाफ अपील को स्वीकार कर लिया है। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा मामले पर कतर सरकार का ध्यान आकर्षित करने और सावधानी बरतने के साथ ही कांसुलर पहुंच प्रदान की गई है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि फैसला गोपनीय बना हुआ है और मामले में अपील दायर की गई थी। विदेश मंत्रालय ने सभी से मामले की संवेदनशील प्रकृति के कारण “अटकलों में शामिल होने” से परहेज करने का भी आग्रह किया है। भारतीय दूतावास को 7 नवंबर को एक और कांसुलर पहुंच प्राप्त हुई। विदेश मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कुछ अरसा पूर्व कहा था कि कतर की अदालत ने अल दारा कंपनी के 8 कर्मचारियों से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई थी लेकिन किन आरोपों में, यह अभी तक आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, वे (कानूनी टीम) अब आगे कानूनी कदम उठा रहे हैं और एक अपील पहले ही दायर की जा चुकी है। हम इस मामले में कतर के अधिकारियों के साथ भी जुड़े रहेंगे।

YOU MAY ALSO LIKE

एफिल टावर के बैकग्राउंड में चर्चा में रहा ऐश्वर्या राय का रायल लुक

अंतरिक्ष में एआई चिप का परीक्षण करेगा गूगल

विदेश मंत्रालय कतर के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है और 7 नवंबर को कांसुलर पहुंच हासिल की है। इसके अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पूर्व नौसेना कर्मियों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की है। आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मी दोहा स्थित निजी रक्षा सेवा प्रदाता, दहरा ग्लोबल के कर्मचारी थे। उन्हें कथित जासूसी के आरोप में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था। भारत ने फैसले को ‘बेहद चौंकाने वाला’ बताया और इस मामले पर कतर के साथ जुड़ने के लिए सभी राजनयिक चैनलों को तैनात किया।

– भारतीय दूतावास को एक और कांसुलर पहुंच प्राप्त हुई
– कतर के अधिकारियों के साथ भारत के संपर्क लगातार जारी

इस बीच, आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों के परिवार और दोस्त जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। कतर में मुकदमे पर किसी ठोस जानकारी के अभाव में, परिवारों को लगता है कि पश्चिम एशियाई मीडिया में बहुत सारी गलतफहमियां पैदा हो रही हैं।

कतर में हिरासत में लिए गए लोगों में से एक के करीबी रिश्तेदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पश्चिम एशिया में कई स्थानीय मीडिया आउटलेट्स द्वारा गलत जानकारी दी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व नौसैनिकों पर कतर द्वारा संचालित पनडुब्बी परियोजना पर जासूसी करने का आरोप लगाया गया था। रिश्तेदार के मुताबिक, भारतीय नौसेना के पूर्व जवान जासूसी में नहीं लगे थे बल्कि देश के नौसैनिक कार्यक्रम में मदद के लिए कतर गए थे। कतर ने जासूसी के इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत भी सार्वजनिक नहीं किया है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation