ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।सिविल सेवा परीक्षा को पास करने में अभ्यर्थियों को सालों की मेहनत और कई प्रयास लग जाते हैं लेकिन जब इरादे बुलंद हों और सही स्ट्रैटेजी के साथ मेहनत की जाए, तो सफलता उम्र की मोहताज नहीं रहती। इस बात को सच साबित कर दिखाया है राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले अभिषेक मीणा ने, जिन्होंने महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में आईएएस अफसर बनने का कीर्तिमान स्थापित किया।
वर्तमान में हरियाणा कैडर के इस युवा अधिकारी की पहचान राज्य के सबसे कम उम्र के जिला कलेक्टर के रूप में होती है, जो अपने काम से लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।
आईआईटी से आईएएस तक का सफर
अभिषेक मीणा बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होनहार थे। स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के दौरान ही उनके मन में देश सेवा करने और प्रशासनिक व्यवस्था में जाकर समाज के लिए कुछ बड़ा करने का विचार आया। इंजीनियरिंग पूरी करने के तुरंत बाद उन्होंने बिना समय गंवाए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। अपनी सटीक स्ट्रैटेजी, टाइम मैनेजमेंट और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने वर्ष 2016 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 114वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर ली।
2016 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में चयन के बाद अभिषेक मीणा को हरियाणा कैडर आवंटित किया गया। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत में विभिन्न विभागों में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त उपायुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
उनकी शानदार कार्यप्रणाली, तुरंत निर्णय लेने की क्षमता और जनता से जुड़ाव को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी। इतनी कम उम्र में जिला मजिस्ट्रेट का पद संभालकर उन्होंने हरियाणा के इतिहास में सबसे युवा जिला कलेक्टरों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए सीख
अभिषेक मीणा की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि यूपीएससी में सफलता पाने के लिए बैकग्राउंड से ज्यादा निरंतरता और दृढ़ संकल्प मायने रखता है।
आईआईटी जैसी कठिन परीक्षा पास करने के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आकर्षक सैलरी पैकेज को छोड़कर सिविल सेवा को चुनना और पहली बार में ही इसे क्रैक कर लेना युवाओं को यह संदेश देता है कि यदि आपका लक्ष्य स्पष्ट है, तो कोई भी मंजिल पाना असंभव नहीं है।














